कोडवर्ड, गुप्त तहखाना और करोड़ों की अफीम, ANTF ने किया पर्दाफाश
समझें क्या है पूरा मामला
- ऑपरेशन जमुहार में 5 राज्यों में फैले नशा तस्करी नेटवर्क का खुलासा।
- मणिपुर से राजस्थान आ रहा था 88.970 किलोग्राम अफीम, ट्रक में बना था तहखाना।
- जब्त अफीम की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत 4.50 करोड़ रुपए है।
- मुख्य आरोपी सुखराम विश्नोई ने कई बार पुलिस को चकमा देने की कोशिश की।
- जमुहार नाम पांच राज्यों जम्मू, मणिपुर, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान से बना है।
राजस्थान पुलिस की एंटी नार्कोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने ऑपरेशन जमुहार के तहत 5 राज्यों में फैले नशा तस्करी नेटवर्क को ध्वस्त किया है। मणिपुर से उत्तर भारत होते हुए राजस्थान लाई जा रही 88.970 किलोग्राम अवैध अफीम हरियाणा के सिरसा में जब्त की गई।
यह अफीम एक ट्रक के नीचे वेल्डिंग से बनाए गए गुप्त तहखाने में छिपाई गई थी। राजस्थान के पाली जिले के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इस खेप की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत 4.50 करोड़ रुपए है।
दो महीने की खुफिया जंग
यह ऑपरेशन एक दिन की कार्रवाई नहीं था। ANTF आईजी विकास कुमार को जब सूचना मिली कि उत्तर-पूर्वी राज्यों से उत्तर भारत में भारी मात्रा में नशे की खेपें आ रही हैं, तो उन्होंने मणिपुर मॉड्यूल पर तकनीकी जांच शुरू की।
आईजी ने खुफिया टीमों को तीन बार मणिपुर भेजा। महीनों की मेहनत के बाद पाली निवासी सुखराम विश्नोई मुख्य रडार पर आया। सुखराम फोन बदलता रहा, गाड़ी बदलता रहा, रास्ते बदलता रहा। लेकिन ANTF की टीम छाया की तरह उसके पीछे लगी रही।
नैनीताल की सैर भी काम न आई
मणिपुर में सौदा पक्का करने के बाद सुखराम लखनऊ पहुंचा। वहां उसने अपनी महिला मित्र के साथ नैनीताल और कैंची धाम की सैर की। ANTF इस पहेली को सुलझाती रही कि करोड़ों का नशा लेकर यह शातिर इतना बेखौफ घूम कैसे रहा है। लेकिन टीम ने नजर नहीं हटाई।
कोडवर्ड में दी चेतावनी, फिर भी पकड़े गए
जम्मू में बैठे मुख्य सूत्रधार को जब पुलिस की भनक लगी तो उसने ट्रक ड्राइवर को कोडवर्ड में संदेश भेजा। संदेश था कि रात तक श्रीनगर पहुंचना था, अब जम्मू ही रुकना पड़ेगा।
इस कोडवर्ड में श्रीनगर का मतलब जोधपुर था और जम्मू का मतलब था कि माल राजस्थान मत भेजो, वहीं रोको। ट्रक हरियाणा के सिरसा में रुक गया।
लेकिन ANTF की टीम पहले से तैयार थी। हरियाणा पुलिस के सहयोग से ट्रक को घेर लिया गया।
तहखाने से निकली 95 पोटलियां
शुरुआती जांच में ट्रक खाली लगा। लेकिन ANTF की टीम ने ट्रक के चेसिस की बारीकी से जांच की। ट्रक के नीचे लोहे की पत्तियों को वेल्डिंग करके एक गुप्त तहखाना बनाया गया था। कटर से तहखाना खोला गया तो 95 पोटलियों में पैक 88.970 किलोग्राम अवैध अफीम बाहर आई।
मौके पर पाली जिले के शिवपुरा गांव निवासी किशनाराम विश्नोई को गिरफ्तार किया गया। मुख्य आरोपी सुखराम विश्नोई को भी हिरासत में ले लिया गया।
जमुहार नाम में छिपी है पूरी कहानी
इस ऑपरेशन का नाम जमुहार पांच राज्यों के शुरुआती अक्षरों से मिलकर बना है। 'ज' से जम्मू जहां मुख्य सूत्रधार बैठा था। 'म' से मणिपुर जहां से नशे की खेप चली। 'उ' से उत्तर प्रदेश जहां लखनऊ ट्रांजिट पॉइंट था। 'हा' से हरियाणा जहां माल पकड़ा गया। 'र' से राजस्थान जहां इसे पहुंचाना था।
दूसरी ओर जमुहार शब्द का अर्थ भी सटीक बैठता है। यह मुख्य फसल को नुकसान पहुंचाने वाली जहरीली घास को कहते हैं। जैसे यह घास फसल को बर्बाद करती है, वैसे ही नशे की यह खेप समाज को खोखला कर रही थी।
पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में हुई इस कार्रवाई को हाल के वर्षों में ANTF की बड़ी सफलताओं में गिना जा रहा है।
FAQ
- ऑपरेशन जमुहार क्या था?
ऑपरेशन जमुहार राजस्थान ANTF का वह मेगा ऑपरेशन है जिसमें मणिपुर से राजस्थान आ रही 88.970 किलो अफीम को हरियाणा के सिरसा में जब्त किया गया। इसमें जम्मू, मणिपुर, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान 5 राज्यों में फैले नेटवर्क को ध्वस्त किया गया। - ऑपरेशन जमुहार नाम कैसे पड़ा?
जमुहार नाम पांच राज्यों के पहले अक्षरों को मिलाकर बना है - ज (जम्मू), म (मणिपुर), उ (उत्तर प्रदेश), हा (हरियाणा), र (राजस्थान)। इसका शाब्दिक अर्थ है वह जहरीली घास जो मुख्य फसल को नुकसान पहुंचाती है, जो इस नशे के जहर के लिए बिल्कुल उचित नाम है।
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