ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ: आत्मनिर्भर हुई सेना, 65% हथियार अब स्वदेशी

Jageshwar prasad | May 07, 2026, 14:16 IST
Photograph: (the sootr)
ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर जयपुर में सैन्य अधिकारियों ने बताया कि सेना के 65% हथियार अब स्वदेशी हैं। आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति दोहराते हुए सेना ने कहा कि देश की सुरक्षा के लिए भविष्य में भी कड़े कदम उठाए जाएंगे।

News In Short

  • जयपुर में 'ऑपरेशन सिंदूर' के एक वर्ष पूरे होने पर भव्य कार्यक्रम आयोजित।
  • लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा, 65% सैन्य सामग्री अब पूरी तरह स्वदेशी।
  • एयर मार्शल ने कहा, शांति की इच्छा को कमजोरी समझने वालों को कड़ा जवाब मिलेगा।
  • रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शाम को एक विशेष डॉक्यूमेंट्री फिल्म लॉन्च करेंगे।
  • ऑपरेशन में सेना ने 7 और वायुसेना ने 2 बड़े आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया था।

News In Detail

Jaipur: राजस्थान की राजधानी जयपुर स्थित साउथ वेस्टर्न कमांड में गुरुवार को ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ के अवसर पर भारतीय सैन्य शक्ति और संकल्प का प्रदर्शन देखा गया। थल सेना, वायु सेना और नौसेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में देश को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि भारत की सुरक्षा नीतियों में अब नरमी की कोई जगह नहीं है। इस दौरान रक्षा क्षेत्र में भारत की बढ़ती आत्मनिर्भरता का उल्लेख करते हुए बताया गया कि वर्तमान में सेना के 65% हथियार स्वदेशी हैं।



अभी तो शुरुआत है

डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशन (DGMO) लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने दुष्यंत कुमार की पंक्तियों - "सिर्फ हंगामा करना मेरा मकसद नहीं, मेरी कोशिश है कि ये सूरत बदलनी चाहिए" - के साथ अपनी बात शुरू की। उन्होंने कहा कि 7 मई 2025 को शुरू हुआ 'ऑपरेशन सिंदूर' महज एक जवाबी कार्रवाई नहीं थी, बल्कि यह आतंकवाद के विरुद्ध एक निर्णायक युद्ध की शुरुआत है। इस ऑपरेशन के तहत सेना ने 7 और वायुसेना ने 2 आतंकी ठिकानों को सफलतापूर्वक नष्ट किया था।



65% स्वदेशी हथियारों से लैस भारतीय सेना

लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया कि भारतीय सेना अब विदेशी निर्भरता को तेजी से कम कर रही है। वर्तमान में उपयोग किए जा रहे 65% हथियार भारत में ही निर्मित हैं। सेना मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत तैयार अत्याधुनिक टैंकों, मिसाइलों और रक्षा उपकरणों का उपयोग कर रही है, जो अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरे उतरते हैं।



दी गई थी ऑपरेशनल फ्रीडम

एयर मार्शल अवधेश कुमार ने ऑपरेशन सिंदूर की रणनीति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारतीय सेनाओं को सरकार की ओर से पूरी ऑपरेशनल फ्रीडम दी गई थी। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा, हम 'जिओ और जीने दो' के सिद्धांत में विश्वास रखते हैं, लेकिन जब हमारी शांति की इच्छा को कमजोरी समझ लिया जाए, तो कार्रवाई अनिवार्य हो जाती है। जब हम प्रहार करते हैं, तो उसमें नरमी की कोई गुंजाइश नहीं होती।"



आतंकवादी ढांचे को नष्ट करने का संकल्प

वायु सेना और नौसेना के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से बताया कि ऑपरेशन सिंदूर का लक्ष्य पीओके (PoK) और पाकिस्तान के भीतर मौजूद आतंकी बुनियादी ढांचे को जड़ से उखाड़ना था। 7 मई 2025 की सुबह जब भारतीय जांबाजों ने दुश्मन की धरती पर पहला लक्ष्य भेदा, तो वह भारत के संकल्प का सीधा संदेश था।



शाम 5 बजे इस ऑपरेशन पर आधारित एक विशेष फिल्म भी रिलीज की जाएगी, जिसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और तीनों सेनाओं के प्रमुख शिरकत करेंगे।



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