देश की सुरक्षा पर खतरा! शहजाद भट्टी के नेक्सस का राजस्थान ATS ने किया खुलासा
समझें क्या है पूरा मामला
- ISI ने शहजाद भट्टी का मुखौटा बनाया, राजस्थान ATS का खुलासा।
- सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को बरगलाने की है साजिश।
- हथियारों की तस्करी और जासूसी का नेटवर्क, ATS ने छापेमारी की।
- UAPAके 3 मामले, 728 संदिग्धों पर निगरानी और डी-रेडिकलाइजेशन।
- विदेशी गैंगस्टर्स के लोकल नेटवर्क पर प्रहार, 80 से ज्यादा गिरफ्तार।
एटीएस के अतिरिक्त महानिदेशक (ADG) दिनेश एमएन ने खुलासा किया है कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) भारत में किसी बड़ी अप्रिय घटना को अंजाम देने के लिए कुख्यात पाकिस्तानी आतंकी शहजाद भट्टी को एक मुखौटे की तरह इस्तेमाल कर रही है।
पाकिस्तानी इंटेलिजेंस ऑफिसर (PIO) सोशल मीडिया के माध्यम से राजस्थान सहित अन्य सीमावर्ती राज्यों के युवाओं को लालच देकर जासूसी करवाने, संवेदनशील सैन्य ठिकानों के फोटो-वीडियो मंगवाने और हथियारों की तस्करी में झोंकने की फिराक में हैं।
हालांकि, एटीएस ने दावा किया है कि इस खतरनाक नेटवर्क के एक भी प्रयास को सफल नहीं होने दिया गया है।
तकनीकी विंग की मुस्तैदी से नाकाम हुए मंसूबे
केंद्रीय खुफिया एजेंसी (IB) और पंजाब पुलिस के साथ मिलकर इस नेटवर्क पर लगातार चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है। इनपुट मिलते ही उसे तुरंत वैरिफाई किया जाता है।
जो युवा अनजाने में सोशल मीडिया पर इस नेटवर्क के संपर्क में आते हैं, उन्हें पहले समझाइश कर पाबंद किया जाता है। लेकिन जो लोग पूरी तरह से देशविरोधी प्रभाव में आकर सक्रिय हो जाते हैं, उनके खिलाफ कड़ी धाराओं में केस दर्ज कर गिरफ्तारी की जाती है। इसी सिलसिले में पिछले दिनों हुई छापेमारी के बाद दो मुकदमे दर्ज किए गए हैं।
एटीएस राजस्थान की बड़ी कार्रवाइयों का रिपोर्ट कार्ड
1 जुलाई 2025 से 30 जून 2026 तक की कार्रवाई की बात करें। तो एटीएस ने गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम के तहत 3 गंभीर प्रकरण दर्ज किए और 3 आतंकवादियों/आरोपियों को गिरफ्तार किया।
अवैध विस्फोटक पदार्थों के मामलों में कुल 7 मुकदमे दर्ज कर 7 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा गया, साथ ही भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री और उपकरण जब्त किए गए।
हथियारों के अवैध नेटवर्क के खिलाफ अभियान चलाकर 5 मुकदमे दर्ज किए गए और 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर भारी मात्रा में हथियार व कारतूस बरामद किए गए।
नशे के सौदागरों और अंतरराष्ट्रीय/स्थानीय तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 15 बड़े आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ जब्त किए गए।
विभिन्न मामलों में लंबे समय से फरार चल रहे 25 घोषित इनामी अपराधियों को गिरफ्तार किया गया और 4.65 लाख रुपए की इनाम राशि वितरित की गई।
सोशल मीडिया पर 728 संदिग्धों पर पैनी नजर
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर देशविरोधी या भड़काऊ गतिविधियों में शामिल 728 संदिग्ध व्यक्तियों की 24 घंटे लाइव मॉनिटरिंग की जा रही है।
कट्टरपंथी और उग्रवादी विचारधारा से प्रभावित पाए गए 15 युवाओं को मुख्यधारा में वापस लाने के लिए डी-रेडिकलाइजेशन (De-radicalization) की विशेष काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू की गई है।
राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बने फर्जी सरकारी पहचान पत्र और दस्तावेज बनाने वाले गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए आईटी एक्ट (IT Act) से जुड़ी 66 जटिल सूचनाओं का सफल निस्तारण किया गया है।
विदेश में बैठे गैंगस्टर्स के स्थानीय नेटवर्क पर प्रहार
विदेश में बैठे गैंगस्टर रोहित गोदारा और वीरेंद्र चारण को भारत लाने के लिए इंटरपोल (Interpol) की मदद ली जा रही है। वहीं, स्थानीय स्तर पर रेकी करने और टारगेट की जानकारी देने वाले इनके लोकल नेटवर्क को पूरी तरह तोड़ दिया गया है।
एटीएस और राजस्थान एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) ने पिछले एक महीने में 5 से 6 बड़े मॉड्यूल्स को क्रैक करते हुए अलग-अलग जिलों से 80 से अधिक बदमाशों को गिरफ्तार किया है।
कुचामन सिटी में व्यापारी की हत्या के मामले में तेलंगाना तक पीछा करके बदमाशों की मदद करने वाले स्थानीय नेटवर्क को ध्वस्त किया गया। वर्तमान में जिस भी कारोबारी को रंगदारी की धमकी मिलती है, उसे तुरंत पुलिस सुरक्षा मुहैया कराई जा रही है।
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