सेना को मिलेंगे 6 हवाई टैंक, पाकिस्तान बॉर्डर पर होगी तैनाती, जानें कितना है खतरनाक

Sanjay Dhiman | Jul 17, 2025, 15:03 IST
Photograph: (the sootr)
भारतीय सेना को मिलने वाले अपाचे AH-64E अटैक हेलीकॉप्टरों की तैनाती राजस्थान स्थित पश्चिमी सीमा पर पाकिस्तान पर दबाव बढ़ाएगी और पाकिस्तान से किसी भी खतरे से बचाव संभव होगा।

भारत को अमेरिका से जल्द ही अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर की छह यूनिट मिलने जा रही है। इन अटैक हेलीकॉप्टरों के आ जाने से देश की हवाई सुरक्षा अभेदहो जाएगी। इन अटैक एडवांस हेलीकॉप्टरों को राजस्थान की पाकिस्तान से लगती सीमा पर तैनात करने की तैयारियां की जा रही हैं।



इस तैनाती के बाद देश की पश्चिमी सीमा काफी मजबूत हो जाएगी। इन हेलीकॉप्टरों को ‘हवाई टैंक’,भी कहा जाता है। इधर तैनाती से पहले ही इस अटैक हेलीकॉप्टर को लेकर पाकिस्तान के हाथ-पैर फूलने लगे हैं। जानें क्या है अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर की विशेषताएं



AH-64E हेलीकॉप्टर का महत्व

अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर (AH-64E Attack Helicopter) इस समय दूनिया का सबसे एडवांस अटैक हेलीकॉप्टर है। इस हैलीकाप्टर में फाइटर प्लेन जैसी खासियतें होने के कारण इसका उपयोग अटैक करने के लिए कई देशों द्वारा उपयोग किया जा रहा है। अब भारत भी अपनी सुरक्षा के लिए इसका उपयोग करने जा रहा है।



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21 जुलाई को मिलेंगे अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर

भारत-अमेरिका के बीच हुए करार के अनुसार भारतीय सेना को 21 जुलाई को अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर की डिलेवरी की जाएगी। अमेरिका से आने वाले यह अटैक हेलीकॉप्टर भारतीय वायुसेना के हिंडन एयरफोर्स स्टेशन पर लैंड करेंगे।



वर्ष 2023 में जोधपुर में सेना की पहली अपाचे स्क्वाड्रन बनाई गई थी, लेकिन समय पर डिलेवरी नहीं हो पाने के कारण यहां तैनाती बार-बार टलती रही, लेकिन अब इनकी तैनाती का रास्ता साफ हो गया है। भारत में पहले से दो अपाचे स्क्वाड्रन यूनिटें तैनात है जो पठानकोट और जोरहाट में कार्यरत है।



जानें AH-64E हेलीकॉप्टर खासियतें और तकनीकी विशेषताएं

उन्नत हथियार प्रणाली

AH-64E अपाचे हेलीकॉप्टर में 30 एमएम की चेन गन, एजीएम-114 हेलफायर मिसाइल, रॉकेट्स और अन्य शक्तिशाली हथियारों का संयोजन है। इसकी हथियार प्रणाली इसे एक ‘हवाई टैंक’ बनाती है। यह हेलीकॉप्टर विशेष रूप से दुश्मन के वाहनों, टैंकों और बंकरों को नष्ट करने में सक्षम है।

स्टील्थ डिजाइन और इन्फ्रारेड नाइट विजन

AH-64E हेलीकॉप्टर का स्टील्थ डिजाइन इसे दुश्मन के रडार से बचाए रखता है। इसके अलावा, इसमें इन्फ्रारेड नाइट विजन सिस्टम और सेंसर हैं, जो रात के समय भी दुश्मन की गतिविधियों का पता लगाने में मदद करते हैं। यह भारतीय सेना के लिए एक महत्वपूर्ण उपकरण है, जो रात के समय भी प्रभावी युद्ध संचालन की क्षमता प्रदान करता है।

रफ्तार और रेंज इस हेलीकॉप्टर की अधिकतम उड़ान गति 365 किलोमीटर प्रति घंटा है, और इसकी रेंज लगभग 480 किलोमीटर है। यह लंबी दूरी तक दुश्मन के इलाके में प्रवेश कर सकता है और टारगेट को सटीकता से नष्ट कर सकता है। इसके अलावा, इसकी हाई-स्पीड उड़ान इसे दुश्मन से बचने और त्वरित हमले करने की क्षमता प्रदान करती है।



2015 में हुई थी पहली डील, 2020 में दूसरी

भारत ने 2015 में अमेरिका और बोइंग के साथ 22 अपाचे हेलिकॉप्टरों की पहली डील की थी, जिसकी आपूर्ति जुलाई 2020 में पूरी हुई। इसके बाद 2020 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारत यात्रा के दौरान $600 मिलियन की दूसरी डील साइन हुई, जिसके तहत सेना के लिए 6 अपाचे हेलिकॉप्टर खरीदे गए। इनकी डिलीवरी मई-जून 2024 के बीच होनी थी, लेकिन इसमें देरी हो गई।



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दुश्मन कहीं भी छिपा हो, अपाचे रहेगा अचूक

अपाचे हेलिकॉप्टर आधुनिक टार्गेटिंग सिस्टम्स से लैस हैं, जो हर मौसम में सटीक डेटा मुहैया कराते हैं। इनमें नाइट विजन नैविगेशन सिस्टम, लेटेस्ट कम्युनिकेशन, सेंसर, नेविगेशन और हथियार प्रणालियां शामिल हैं, जो सेना की मारक क्षमता को कई गुना बढ़ा देते हैं।



दुनिया का सबसे खतरनाक माने जाने वाला अपाचे हेलिकॉप्टर एक मिनट में 128 अचूक टारगेट बना सकता है, जबकि इसमें नाइट विजन सेंशर भी होता है, जिससे ये रात में भी हमला कर सकता है। इस हेलिकॉप्टर के भारतीय सेना में शामिल होते ही पाकिस्तान की नींद उड़ जाएगी।



अपाचे AH-64E का रणनीतिक महत्व

राजस्थान की सीमा पर इन हेलीकॉप्टरों का तैनात होना भारतीय सेना के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। यह पाकिस्तान के खिलाफ भारतीय रक्षा रणनीति को और अधिक प्रभावी बनाएगा।



ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान सीमा पर चौकसी बढ़ा दी गई है, और यह हेलीकॉप्टर उन चौकियों पर नजर रखने के साथ-साथ पाकिस्तान से सटे क्षेत्रों में किसी भी संभावित खतरे का मुकाबला करने के लिए तैनात किए जाएंगे।



क्यों AH-64E है इतना महत्वपूर्ण?

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