थैलेसीमिया से पीड़ित बच्ची को चढ़ा दिया गलत ब्लड, O+ की जगह B+ लगते ही बिगड़ी हालत
News In Short
- पाली में 6 वर्षीय थैलेसीमिया बच्ची को गलत ब्लड ग्रुप चढ़ाया गया।
- बच्ची की तबीयत बिगड़ने पर स्टाफ ने तुरंत ब्लड चढ़ाना बंद किया।
- परिजनों ने शिकायत की, लेकिन ब्लड बैंक में अभद्र व्यवहार हुआ।
- कलेक्टर के निर्देश पर बच्ची को सही ब्लड चढ़ाया गया और उसकी जान बची।
News In Detail
मुकेश सोनी@पाली
राजस्थान के पाली जिले में मेडिकल लापरवाही का मामला सामने आया है। सोजत तहसील के चंडावल गांव की 6 वर्षीय बच्ची को गलत ब्लड चढ़ा दिया गया।
यह बच्ची थैलेसीमिया बीमारी (Thalassemia) से पीड़ित थी। मामले के बाद बच्ची को पाली के बांगड़ अस्पताल में रेफर किया गया। उसे बच्चों के आईसीयू (Children ICU) वार्ड में भर्ती कर उपचार शुरू किया गया है।
गलत ब्लड चढ़ाने की लापरवाही
अस्पताल में आरोप है कि ब्लड बैंक ने ओ पॉजिटिव की जगह बी पॉजिटिव ब्लड वार्ड में भेज दिया। स्टाफ ने बच्ची को यह गलत ब्लड चढ़ाना शुरू कर दिया।
लगभग 10 मिनट बाद बच्ची की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उसके चेहरे पर सूजन आ गई और वह तड़पने लगी। स्टाफ ने तुरंत ब्लड चढ़ाना बंद किया।
परिजनों की शिकायत और प्रशासनिक कदम
परिजन तुरंत ब्लड बैंक पहुंचे, लेकिन आरोप है कि कर्मचारियों ने अभद्र व्यवहार किया। उन्हें कहा गया, बच्ची जिंदा है, मरी तो नहीं।
इसके बाद बच्ची के पिता अनिल दास शिकायत लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। कलेक्टर ने अस्पताल प्रशासन को फोन कर बच्ची के इलाज पर विशेष ध्यान देने को कहा।
बाद में बच्ची को सही ओ पॉजिटिव ब्लड (O Positive Blood) चढ़ाया गया। फिलहाल बच्ची को खतरे से बाहर बताया गया है।
अस्पताल ने की लापरवाही
परिवार का आरोप है कि इतनी गंभीर लापरवाही के बावजूद जिम्मेदारों ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
FAQs
पाली अस्पताल ब्लड बैंक लापरवाही मामला (Pali Hospital Blood Bank Negligence Case) क्या है?
6 वर्षीय थैलेसीमिया पीड़ित बच्ची को गलत ब्लड ग्रुप (B Positive) चढ़ाया गया, लेकिन समय पर सही ब्लड चढ़ाने से बच्ची बच गई।
अस्पताल प्रशासन ने क्या कार्रवाई की?
कलेक्टर के निर्देश पर बच्ची को सही ब्लड चढ़ाया गया और इलाज पर विशेष ध्यान दिया गया।
परिजन क्या मांग कर रहे हैं?
परिजन मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
ये भी पढे़:-
फर्जी दिव्यांग बनकर ली सरकारी नौकरी, मेडिकल जांच के लिए भेजा डमी अभ्यर्थी
खेलते-खेलते कार में बंद हो गई दो मासूम बहनें, दम घुटने से हुई मौत
चहेती फर्म को फायदा पहुंचाने के लिए बीच खेल में बदले टेंडर के नियम, संवाद का नया कारनामा