थाने के मालखाने से अफीम, डोडा-पोस्त और पिस्टल गायब, दो पुलिसकर्मियों पर FIR
समझें क्या है पूरा मामला
- पाली सदर थाना मालखाने से जब्त सामान गायब मिलने का मामला सामने आया है।
- जांच में एक पिस्टल, अफीम, डोडा पोस्त और सरकारी नकदी गायब मिली।
- नए मालखाना प्रभारी ने चार्ज लेते समय रिकॉर्ड और स्टॉक मिलान में गड़बड़ी पकड़ी।
- पुलिस ने दो पूर्व मालखाना प्रभारियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
- पुलिस अब गायब सामान और जिम्मेदार लोगों का पता लगाने में जुटी है।
पाली के सदर थाना मालखाने से जब्त सामान गायब मिलने का मामला सामने आया है। इसमें एक पिस्टल, बड़ी मात्रा में अफीम, डोडा पोस्त और सरकारी नकदी शामिल है। नया चार्ज लेते समय रिकॉर्ड मिलान में यह गड़बड़ी पकड़ में आई। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर दो पूर्व मालखाना प्रभारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। कोतवाली थाने में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
राजस्थान के पाली शहर से एक गंभीर मामला सामने आया है। सदर थाने के मालखाने से जब्त किया गया सामान गायब मिला है। इसमें एक 7.65 एमएम पिस्टल के साथ-साथ अफीम, डोडा पोस्त और सरकारी नकदी भी शामिल है। यह गड़बड़ी तब सामने आई जब मालखाने का चार्ज नए अधिकारी को सौंपा गया।
पुलिस अधीक्षक ने मामले को गंभीरता से लिया है। उनके निर्देश पर कोतवाली थाने में तत्कालीन मालखाना प्रभारी रहे दो पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। जांच की जिम्मेदारी उपनिरीक्षक आनंद सिंह को सौंपी गई है।
चार्ज लेते समय पकड़ी गई गड़बड़ी
वर्तमान में टीपी नगर थाने में तैनात एएसआई (ASI – Assistant Sub-Inspector) भंडाराम पहले सदर थाने में हेड कॉन्स्टेबल के पद पर तैनात थे। उन्होंने 31 मार्च 2025 को मालखाने का चार्ज ग्रहण किया था। चार्ज पूर्व हेड कॉन्स्टेबल मानसिंह और नवलाराम से लिया गया, जो अब दोनों एएसआई बन चुके हैं।
चार्ज लेते समय भंडाराम ने रिकॉर्ड और मालखाने में रखे जब्त सामान का मिलान किया। इसी दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। इसके बाद उन्होंने इसकी रिपोर्ट दर्ज कराई।
पिस्टल और नकदी मौके पर नहीं मिली
रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2010 के एक आर्म्स एक्ट मामले में एक 7.65 एमएम पिस्टल जब्त की गई थी। इसे 25 अप्रैल 2012 को पिंडवाड़ा न्यायालय के आदेश पर मालखाने में जमा कराया गया था। मिलान के दौरान यह पिस्टल मौके पर नहीं मिली।
इसके अलावा कोटपा (COTPA – Cigarettes and Other Tobacco Products Act) एक्ट के तहत जमा जुर्माने की 4,800 रुपये की सरकारी राशि भी रिकॉर्ड के अनुसार नहीं मिली। यह राशि भी गायब पाई गई।
अफीम और डोडा पोस्त में भी भारी कमी
जांच में सामने आया कि वर्ष 2006 के एक मामले में 56.720 किलोग्राम अफीम जब्त की गई थी। इसमें से 24.716 किलोग्राम अफीम कम पाई गई। मालखाने में रखे अफीम के पैकेटों की सीलें भी काली पड़ चुकी थीं।
इन पैकेटों से पदार्थ पानी की तरह रिसता हुआ मिला। वर्ष 2010 के एक और अफीम मामले में थैलियां फटी हुई पाई गईं। इन थैलियों से भी अफीम गायब मिली।
इसी तरह वर्ष 2009 के एक मामले में 186 किलोग्राम डोडा पोस्त जब्त किया गया था। वजन करने पर इसमें से 24.25 किलोग्राम डोडा पोस्त कम निकला। यह पूरी गड़बड़ी मालखाने के रिकॉर्ड और असल स्टॉक में भारी अंतर दिखाती है।
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जांच शुरू
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद तत्कालीन मालखाना प्रभारियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया। जांच अब कोतवाली थाने के उपनिरीक्षक आनंद सिंह के पास है।
पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि मादक पदार्थ, पिस्टल और नकदी आखिर कैसे गायब हुई। साथ ही यह भी जांचा जा रहा है कि इसके लिए कौन जिम्मेदार है। जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी।
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