पाली में उलटफेर, कांग्रेस 29 सीट जीतकर भी हारी, मेयर को क्यों मिले सिर्फ 3 वोट?
समझें क्या है पूरा मामला
- पाली नगर निगम में भाजपा का बोर्ड।
- नमिता बुबकिया 33 वोट से मेयर बनीं।
- निर्दलीय राजबाला हिंगड़ को 29 वोट।
- कांग्रेस की सुमित्रा जैन को सिर्फ 3 वोट।
- पाली जिले की 10 निकायों में भाजपा का दबदबा।
राजस्थान के पाली नगर निगम में भाजपा ने बड़ा उलटफेर कर मेयर पद पर कब्जा कर लिया है। भाजपा की नमिता बुबकिया 33 वोट लेकर पाली की पहली निर्वाचित महिला मेयर बन गई हैं। कांग्रेस से बगावत कर निर्दलीय चुनाव लड़ीं राजबाला हिंगड़ को 29 वोट मिले, जबकि कांग्रेस की अधिकृत प्रत्याशी सुमित्रा जैन को सिर्फ 3 वोट मिले हैं।
पाली नगर निगम में कुल 65 वार्ड हैं और बोर्ड बनाने के लिए 33 वोट का बहुमत चाहिए था। 14 सितंबर को आए वार्ड चुनाव के परिणाम में कांग्रेस 29 सीट जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी थी, भाजपा को 21 और निर्दलीय को 15 सीट मिली थीं। किसी को बहुमत नहीं मिला था, इसलिए निर्दलीय किंगमेकर बन गए थे।
मेयर चुनाव में 12 निर्दलीय पार्षदों ने भाजपा का समर्थन कर दिया, जिससे भाजपा का आंकड़ा 21 से बढ़कर 33 हो गया। वहीं कांग्रेस अपने 29 पार्षदों को भी एकजुट नहीं रख पाई। कांग्रेस की बागी राजबाला हिंगड़ ने 29 वोट लेकर कांग्रेस के खेल को बिगाड़ दिया। बताया जा रहा है कि कांग्रेस के 26 पार्षदों ने अपनी ही पार्टी प्रत्याशी को वोट नहीं दिया।
त्रिकोणीय मुकाबला था
पाली नगर निगम में महापौर पद के लिए त्रिकोणीय मुकाबला था। भाजपा की नमिता बुबकिया, कांग्रेस की सुमित्रा जैन और कांग्रेस से बागी होकर निर्दलीय मैदान में उतरीं राजबाला हिंगड़ के बीच चुनाव हुआ। नाम वापसी के अंतिम दिन कुसुम सोनी, पुष्पा सोमनानी और राशिदा बानो ने नाम वापस ले लिए थे, जिसके बाद तीन ही प्रत्याशी मैदान में बचे थे।
वोटिंग के दौरान निर्दलीय प्रत्याशी राजबाला हिंगड़ अपने समर्थक पार्षदों के साथ नगर निगम पहुंचीं, जबकि कांग्रेस की सुमित्रा जैन और भाजपा की नमिता बुबकिया अकेले ही मतदान स्थल पर पहुंचीं। वोटिंग के दौरान 2 निर्दलीय पार्षद हिडन कैमरा लेकर पहुंच गए, पुलिस ने उन्हें गेट पर ही रोक दिया।
कौन हैं नमिता बुबकिया?
नमिता बुबकिया पूर्व पार्षद विकास बुबकिया की पत्नी हैं। उन्होंने वार्ड संख्या 33 से कांग्रेस प्रत्याशी सोहनलाल को 90 वोट से हराया था। 47 वर्षीय नमिता ने बीकॉम तक पढ़ाई की है और पेशे से केमिकल व्यवसायी हैं। यह उनका पहला चुनाव है और पहली बार में ही वे मेयर बन गई हैं। भाजपा नेताओं सुनील भंडारी, जिला प्रभारी और पूर्व सांसद पुष्प जैन की मौजूदगी में उन्होंने नामांकन दाखिल किया था।
पाली जिले की 10 निकायों का पूरा रिजल्ट
| निकाय / वार्ड | जीत / पार्टी | वोट | निकटतम प्रतिद्वंद्वी | अंतर |
| पाली नगर निगम (65) | नमिता बुबकिया (भाजपा) | 33 | राजबाला हिंगड़ (निर्दलीय) 29 | 4 |
| सोजत सिटी नगर पालिका (40) | कीर्ति (भाजपा) | 25 | बालमुकन (कांग्रेस) 9 | 16 |
| सोजत रोड नगर पालिका (25) | भावना धनजा (भाजपा) | 18 | देवेन्द्र पंवार (कांग्रेस) 7 | 11 |
| मारवाड़ जंक्शन (25) | देवाराम (भाजपा) | 13 | मनोहर लाल (कांग्रेस) 11 | 2 |
| रानी खुर्द (20) | बाबूलाल (लॉटरी) (भाजपा) | 10 | वीरेन्द्र सिंह (कांग्रेस) 10 | 0 |
| सादड़ी (35) | संजय कुमार बोहरा (भाजपा) | 26 | राजू हमीरमल (निर्दलीय) 9 | 17 |
| बाली (25) | देवी बाई (भाजपा) | निर्विरोध | - | - |
| खुडाला फालना (25) | उमा कंवर (भाजपा) | 17 | पवन (कांग्रेस) 8 | 9 |
| सुमेरपुर (35) | चतुर्भुज शर्मा (भाजपा) | 25 | सुभाष (कांग्रेस) 10 | 15 |
| तखतगढ़ (25) | जय श्री (भाजपा) | 14 | सरोज मेवाड़ा (कांग्रेस) 11 | 3 |
सोजत रोड में भाजपा का बोर्ड
सोजत रोड नगर पालिका चेयरमैन पद के चुनाव में भाजपा प्रत्याशी भावना धनजा ने जीत दर्ज कर चेयरमैन पद हासिल किया। कुल 25 पार्षदों ने मतदान किया, जिसमें भावना धनजा को 18 मत मिले। इनमें 14 भाजपा पार्षदों और 4 निर्दलीय पार्षदों ने उनके पक्ष में मतदान किया। वहीं कांग्रेस प्रत्याशी देवेन्द्र पंवार को 7 मत प्राप्त हुए।
FAQ
- पाली नगर निगम की मेयर कौन बनी हैं?
पाली नगर निगम की मेयर भाजपा की नमिता बुबकिया बनी हैं। उन्हें 33 वोट मिले हैं। निर्दलीय राजबाला हिंगड़ को 29 और कांग्रेस की सुमित्रा जैन को 3 वोट मिले। 65 पार्षदों ने मतदान किया। - पाली जिले की 10 निकायों में किसने कितनी जीत दर्ज की?
पाली जिले की 10 निकायों में से 9 पर भाजपा ने जीत दर्ज की। पाली निगम में नमिता बुबकिया 33 वोट से, सोजत सिटी में कीर्ति 25 वोट से, सोजत रोड में भावना धनजा 18 वोट से जीतीं। रानी खुर्द में 10-10 टाई के बाद लॉटरी से बाबूलाल और बाली में देवी बाई निर्विरोध जीतीं। - पाली में हिडन कैमरा वाली घटना क्या थी?
पाली नगर निगम मेयर चुनाव की वोटिंग के दौरान 2 निर्दलीय प्रत्याशी हिडन कैमरा लेकर पहुंच गए थे। पुलिस ने उन्हें एंट्री गेट पर ही रोक दिया। वोटिंग गुप्त मतदान से हुई थी, इसलिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे।
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