जयपुर जिला परिषद चुनाव: कांग्रेस ने सभी 57 वार्डों में प्रत्याशी किए घोषित, मोहन डागर और यशवीर शूरा को टिकट
जयपुर जिला परिषद चुनाव में कांग्रेस ने उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार पार्टी ने 57 वार्डों पर प्रत्याशी उतारे दिए हैं। निवर्तमान उप जिला प्रमुख मोहन डागर को वार्ड 12 से टिकट मिला है। यूथ कांग्रेस नेता यशवीर शूरा को वार्ड 28 से मौका मिला है।
नामांकन के अंतिम दिन आई सूची
राजस्थान पंचायती राज चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। नामांकन के अंतिम दिन कांग्रेस प्रत्याशी सूची सामने आई। सूची आते ही उम्मीदवार नामांकन की तैयारी में जुट गए। अंतिम दिन होने से प्रत्याशियों और समर्थकों में भागदौड़ का माहौल रहा।
संपर्क में जुटे उम्मीदवार
टिकट मिलने के बाद उम्मीदवार अपने इलाकों में सक्रिय हो गए हैं। वे समर्थकों से मिल रहे हैं। चुनावी तैयारी भी तेज कर दी गई है।
मोहन डागर को वार्ड 12 से टिकट
कांग्रेस की सूची में मोहन डागर का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है। उन्हें जिला परिषद के वार्ड 12 से उम्मीदवार बनाया गया है। डागर राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी में महासचिव रह चुके हैं। वे जयपुर ग्रामीण युवा कांग्रेस के अध्यक्ष भी रहे हैं। यानी संगठन में उनका लंबा अनुभव रहा है।
2021 में बने थे उप जिला प्रमुख
मोहन डागर (Mohan Dagar) को निवर्तमान उप जिला प्रमुख बनाया गया है। 2021 के पंचायत चुनाव में उन्होंने भाजपा प्रत्याशी को हराया था। इसी जीत के बाद वे उप जिला प्रमुख बने थे। इस बार भी पार्टी ने उन पर भरोसा जताया है।
यशवीर शूरा भी चुनाव मैदान में
यशवीर शूरा को वार्ड 28 से टिकट मिलने की जानकारी सामने आई है। वे जिला परिषद सदस्य के लिए चुनाव लड़ेंगे।
यूथ कांग्रेस से जिला परिषद तक
शूरा युवा कांग्रेस में कई संगठनात्मक पदों पर रहे हैं। उन्हें राजस्थान यूथ कांग्रेस का पूर्व कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। वे प्रदेश उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं। युवा संगठन में लंबा अनुभव होने के बाद अब कांग्रेस ने उन पर विश्वास जताया है। यशवीर शूरा (Yashveer Shura) की उम्मीदवारी पक्की हुई, तो वार्ड 28 का मुकाबला दिलचस्प होगा।
भाजपा की सूची भी आई सामने
जयपुर जिला परिषद चुनाव में भाजपा की सूची भी सामने आ चुकी है। दोनों दलों ने चुनावी तैयारी तेज कर दी है। दोनों पार्टियों ने उम्मीदवारों की घोषणा स्थानीय समीकरण के आधार पर की है। संगठन में भूमिका और इलाके में पहचान भी मायने रखती है।
किन मुद्दों पर लड़ेगी कांग्रेस?
कांग्रेस ग्रामीण इलाकों के विकास कार्यों को मुद्दा बनाने की बात कह रही है। जनहित से जुड़े मुद्दे भी चुनाव में उठाए जाएंगे। दूसरी ओर, उम्मीदवारों के सामने स्थानीय समस्याओं की चुनौती रहेगी। उन्हें मतदाताओं की उम्मीदों पर जवाब देना होगा।