बीकानेर के PBM हॉस्पिटल में एक और प्रसूता की मौत, दो दिन में दूसरी गई है जान

Ashish Bhardwaj | Jun 21, 2026, 21:12 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान में बीकानेर के PBM हॉस्पिटल में सिजेरियन के बाद किडनी फेल कांड में दूसरी मौत। शारदा (26) ने रविवार शाम दम तोड़ा। बाजार से मंगाए ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन को जिम्मेदार माना जा रहा है। 2 जांच टीमें बनाई गई हैं।

समझें क्या है पूरा मामला

  • बीकानेर के पीबीएम हॉस्पिटलमें सिजेरियन डिलीवरी के बाद एक और प्रसूता की मौत हो गई।
  • इससे पहले 19 जून को प्रीति (20) की भी मौत हो चुकी है, अब तक 2 महिलाओं की जान जा चुकी है।
  • मामला 18 मई से शुरू होकर अब तक 6 प्रसूताओं की गंभीर स्थिति तक पहुंच गया है।
  • आरोप है कि डिलीवरी के बाद बाजार से मंगाए गए ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन से हालत बिगड़ी।
  • राज्य सरकार ने जांच के लिए 2 कमेटियां गठित की हैं और रिपोर्ट का इंतजार है।

बीकानेर के पीबीएम हॉस्पिटल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद किडनी फेल होने का मामला अब और गंभीर हो गया है। रविवार शाम शारदा (26) की मौत हो गई। वह करीब 15 दिनों से वेंटिलेटर पर थीं। इससे पहले 19 जून को प्रीति (20) की भी मौत हो चुकी है।



इस तरह अब तक 2 प्रसूताओं की जान जा चुकी है। मामले में बाजार से मंगाए ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन को शुरुआती कारण माना जा रहा है। राज्य सरकार ने 2 जांच कमेटियां बनाई हैं और जांच जारी है।



15 दिन से थी वेंटिलेटर पर

शारदा को 4 जून को पीबीएम हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था। 5 जून को उनकी सिजेरियन डिलीवरी हुई। उसी दिन ब्लीडिंग नहीं रुकने के कारण उन्हें ICU में एडमिट करना पड़ा।



इसके बाद उनकी प्लेटलेट्स लगातार गिरती रहीं और शरीर में ऑक्सीजन का स्तर भी कम होता गया। शनिवार को तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर डॉक्टरों ने गले में नली डालकर अतिरिक्त ऑक्सीजन सपोर्ट दिया। लेकिन रविवार शाम करीब 6 बजे उन्होंने दम तोड़ दिया।



मल्टीपल ऑर्गन फेल्योर से मौत

अस्पताल अधीक्षक डॉ. बी.सी. घीया के अनुसार मरीज के इलाज के लिए हरसंभव प्रयास किए गए। प्रथम दृष्टया मल्टीपल ऑर्गन फेल्योर को मौत का कारण माना जा रहा है। किडनी के बाद अन्य अंगों ने भी काम करना बंद कर दिया था। परिजनों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है।



18 मई से शुरू हुआ सिलसिला

पीबीएम हॉस्पिटल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद किडनी फेल होने का पहला मामला 18 मई को सामने आया था। लेकिन हॉस्पिटल प्रशासन ने इसकी जानकारी 6 जून को दी। इस बीच एक-एक कर 6 प्रसूताओं की किडनी फेल हो गई।



हालात इतने गंभीर हो गए कि सभी को ICU में शिफ्ट किया गया और कई बार डायलिसिस करनी पड़ी।



6 में से 2 को छुट्टी, 2 अभी भी ICU में

6 प्रसूताओं में से तारा देवी (27) और राहिला (19) को छुट्टी दे दी गई है। इमरती (20) पोस्ट कोविड ICU में भर्ती हैं। कमला का मेडिसिन ICU में इलाज जारी है। प्रीति की 19 जून को और शारदा की रविवार को मौत हो गई।



बाजार से मंगाए ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन

हॉस्पिटल अधीक्षक के अनुसार सिजेरियन डिलीवरी के बाद प्रसूताओं को बाजार से मंगाए ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन लगाए गए थे। इसके बाद ही महिलाओं की तबीयत बिगड़नी शुरू हुई। हालांकि अस्पताल प्रशासन का दावा है कि डॉक्टरों और स्टाफ की ओर से कोई लापरवाही नहीं बरती गई।



2 जांच कमेटियां बनीं

राजस्थान सरकार ने इस मामले में दो जांच कमेटियां गठित की हैं। जोधपुर मेडिकल कॉलेज की टीम ने पीबीएम हॉस्पिटल में जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंप दी है। ड्रग कंट्रोलर की कमेटी कई अन्य बिंदुओं पर जांच कर रही है। दोनों कमेटियों की अंतिम रिपोर्ट के बाद सरकार अपना फैसला लेगी।



FAQ

  1. PBM बीकानेर में किडनी फेल का मामला क्या है?
    PBM हॉस्पिटल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद 6 प्रसूताओं की किडनी फेल हो गई। माना जा रहा है कि बाजार से मंगाए ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन लगाने के बाद महिलाओं की तबीयत बिगड़ी। अब तक 2 महिलाओं की मौत हो चुकी है और 2 अभी ICU में हैं।
  2. बीकानेर प्रसूता मौत मामले में कितनी जांच टीमें बनाई गई हैं?
    राज्य सरकार ने दो जांच कमेटियां बनाई हैं। जोधपुर मेडिकल कॉलेज की टीम ने PBM हॉस्पिटल में जांच कर रिपोर्ट सौंपी। ड्रग कंट्रोलर की कमेटी अन्य बिंदुओं पर जांच कर रही है। दोनों रिपोर्टों के आधार पर सरकार अंतिम फैसला लेगी।
  3. ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन क्या होता है और इसका उपयोग कब होता है?
    ऑक्सीटोसिन एक हार्मोन आधारित इंजेक्शन है जो प्रसव के दौरान और बाद में ब्लीडिंग रोकने के लिए दिया जाता है। इसे सरकारी अस्पतालों में अधिकृत सप्लाई से लेना अनिवार्य है। बाजार से मंगाए इंजेक्शन की गुणवत्ता और शुद्धता संदिग्ध हो सकती है जिससे गंभीर दुष्प्रभाव हो सकते हैं।

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