PM किसान की 24वीं किस्त जारी, राजस्थान समेत 9.34 करोड़ किसानों के खाते में पहुंचे 18,690 करोड़ रुपए
राजस्थान के किसानों को भी इस किस्त का लाभ मिलेगा। हालांकि, राज्य के किसानों के खाते में पहुंची कुल राशि और लाभार्थियों की अलग संख्या का आधिकारिक आंकड़ा फिलहाल जारी नहीं किया गया है।
6000 हजार रुपए मिलते है सालाना
इस योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को हर साल 6,000 रुपए की आर्थिक मदद दी जाती है। यह राशि 2,000 रुपए की तीन किस्तों में सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है। शुक्रवार को जारी 24वीं किस्त के तहत भी प्रत्येक पात्र किसान परिवार को 2,000 रुपए मिले हैं। यह पैसा खेती से जुड़े छोटे खर्चों और घरेलू जरूरतों में मददगार होता है।
23 किस्तों में किसानों को मिले 4.47 लाख करोड़
केंद्र सरकार के मुताबिक, पीएम किसान योजना के तहत अब तक 23 किस्तें जारी की जा चुकी थीं। इनके जरिए पात्र किसानों को 4.47 लाख करोड़ रुपए से अधिक की राशि दी जा चुकी है। अब 24वीं किस्त जारी होने के बाद योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता का दायरा और बढ़ गया है।
2019 में शुरू की गई थी योजना
यह योजना फरवरी 2019 में शुरू की गई थी। इसका उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों सहित पात्र किसान परिवारों को नियमित आर्थिक सहायता देना है। राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है, ताकि बीच में किसी तरह की कटौती या बिचौलिये की भूमिका न रहे।
कृषि ढांचे को मजबूत करने के लिए 521 इकाइयां समर्पित
बनासकांठा के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने किसानों से जुड़ी दूसरी योजनाओं की भी शुरुआत की। कृषि अवसंरचना कोष (Agriculture Infrastructure Fund) के तहत तैयार 521 इकाइयां देश को समर्पित की गईं। इन परियोजनाओं पर करीब 4,950 करोड़ रुपए की लागत आई है।
इन इकाइयों में कोल्ड स्टोरेज, कोल्ड चेन, गोदाम, साइलो, पॉलीहाउस, ग्रीनहाउस और कृषि उत्पादों की प्रोसेसिंग से जुड़ी सुविधाएं शामिल हैं। इनका मकसद फसल के भंडारण और प्रसंस्करण की व्यवस्था बेहतर करना है। इससे किसानों को अपनी उपज सुरक्षित रखने और बाजार तक पहुंचाने में मदद मिल सकती है।
इसके अलावा उच्च मूल्य वाली बागवानी फसलों को बढ़ावा देने के लिए 12 हॉर्टिकल्चर क्लस्टरों का उद्घाटन किया गया। ये क्लस्टर करीब 1.46 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित किए जाएंगे। सरकार के मुताबिक, इनसे 1.3 लाख से अधिक किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है। उत्तर गुजरात के दो क्लस्टर आलू उत्पादन पर केंद्रित होंगे।
किसानों को बताया विकसित भारत का मजबूत स्तंभ
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि किसान विकसित भारत के सबसे मजबूत स्तंभों में से एक हैं। सरकार ने हमेशा किसानों के कल्याण और उन्हें सशक्त बनाने को प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि पीएम किसान सम्मान निधि अब करोड़ों छोटे किसानों के जीवन का हिस्सा बन चुकी है।
कृषि बजट बढ़ा पांच गुना
प्रधानमंत्री ने कृषि बजट का जिक्र करते हुए कहा कि 2013-14 की तुलना में अब देश का कृषि बजट पांच गुना से अधिक हो गया है। उन्होंने खाद की कीमतों में वैश्विक स्तर पर आए उतार-चढ़ाव का भी उल्लेख किया। मोदी के मुताबिक, सरकार ने खाद की बढ़ी कीमतों का बोझ किसानों पर नहीं पड़ने दिया और इस पर करीब 16 लाख करोड़ रुपए खर्च किए हैं।
सिंचाई खर्च घटाने पर भी जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास किसानों की सिंचाई लागत कम करना भी है। इसमें पीएम-कुसुम योजना की भूमिका लगातार बढ़ रही है। उनके अनुसार, इस योजना के तहत अब तक करीब 12 लाख सोलर पंप दिए जा चुके हैं।
सोलर पंप से किसानों को सिंचाई के लिए बिजली और डीजल पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है। सरकार का जोर खेती की लागत घटाने के साथ कृषि से जुड़ी सुविधाओं को मजबूत करने पर है।
पीएम किसान की 24वीं किस्त से किसानों को सीधे आर्थिक मदद मिली है। वहीं, भंडारण, प्रसंस्करण और बागवानी से जुड़ी नई सुविधाओं के जरिए कृषि क्षेत्र को मजबूत करने की कोशिश की गई है। अब किसानों की नजर इस बात पर रहेगी कि इन योजनाओं का लाभ खेत और बाजार तक कितनी तेजी से पहुंचता है।
FAQs
- पीएम किसान योजना का लाभ किसे मिलता है?
पीएम किसान योजना का लाभ छोटे और सीमांत किसानों सहित पात्र किसान परिवारों को मिलता है, जिन्हें सालाना 6,000 रुपए की आर्थिक मदद दी जाती है। - राजस्थान के किसानों को 24वीं किस्त के तहत कितनी राशि मिली है?
राजस्थान के किसानों को 24वीं किस्त के तहत प्रत्येक पात्र किसान परिवार को 2,000 रुपए की राहत मिली है। - मोदी सरकार ने कृषि बजट में हाल के बदलाव क्या हैं?
प्रधानमंत्री ने बताया कि 2013-14 की तुलना में देश का कृषि बजट पांच गुना से अधिक बढ़ गया है, जिससे किसानों के कल्याण के लिए बेहतर साधन उपलब्ध हो रहे हैं।