प्रसूता मौत मामलों पर सरकार का नया एक्शन प्लान, हर गर्भवती की होगी लिस्टिंग

Jageshwar prasad | Jul 21, 2026, 19:10 IST
राजस्थान में प्रसूताओं की मौत पर एक्शन प्लान, डिलीवरी से पहले हर गर्भवती की लिस्टिंग होगी
राजस्थान में प्रसूता मौतों के बाद सरकार ने नया एक्शन प्लान बनाया है। अब हर गर्भवती महिला की डिलीवरी से पहले लिस्टिंग होगी और उनका हेल्थ कार्ड बनेगा, जिसमें पूरी जानकारी होगी।

समझें क्या है पूरा मामला

  • अब हर गर्भवती की डिलीवरी से पहले होगी अनिवार्य लिस्टिंग।
  • हेल्थ कार्ड में दर्ज होगी अस्पताल और खून चढ़ाने की जानकारी।
  • एक प्रसूता में मिला सिर्फ ढाई ग्राम हिमोग्लोबीन का स्तर।
  • जोधपुर में 25 दिन वेंटिलेटर पर रहने के बाद हुई मौत।
  • 40 प्रतिशत प्रसूताओं की मौत की वजह बनी खून की कमी।

प्रदेश में हो रही प्रसूताओं की मौत को लेकर राज्य सरकार ने एक्शन प्लान तैयार किया है। अब हर जिले में गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी से पहले लिस्टिंग होगी।



हर महिला का हेल्थ कार्ड बनेगा, जिसमें इलाज और अस्पताल की पूरी जानकारी दर्ज होगी। जोधपुर की एक प्रसूता में हिमोग्लोबीन का स्तर सिर्फ ढाई ग्राम मिला था, जो हालात की गंभीरता दिखाता है।



पांच जिलों में हो रही समीक्षा बैठकें

कोटा, बीकानेर, भीलवाड़ा, बांसवाड़ा और जोधपुर में प्रसूताओं की मौत के बाद प्रशासन लगातार बैठकें कर रहा है। हाल ही हुई मीटिंग में सभी अस्पतालों को गर्भवती महिलाओं की लिस्टिंग करने के निर्देश दिए गए हैं। मेडिकल कॉलेज से जुड़े सभी अस्पतालों के साथ बैठक कर स्थिति की समीक्षा की जा रही है।



आंकड़ों के अनुसार कोटा में पांच, भीलवाड़ा में छह, बांसवाड़ा और बीकानेर में चार-चार तथा जोधपुर में दो प्रसूताओं की मौत हुई है। यह आंकड़े हाल की घटनाओं पर आधारित हैं और सरकार की चिंता की मुख्य वजह बने हैं।



नई लिस्टिंग व्यवस्था में क्या शामिल होगा

जोधपुर के डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. बीएस जोधा के अनुसार नई व्यवस्था के तहत जुलाई में होने वाली डिलीवरी की लिस्टिंग पहले ही शुरू कर दी गई है। उनके अनुसार यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।



इस लिस्टिंग में गर्भवती महिला की पूरी जानकारी दर्ज होगी। इसमें यह भी शामिल होगा कि डिलीवरी के समय उसके साथ कौन रहेगा और डिलीवरी किस अस्पताल में होगी। साथ ही यह भी तय होगा कि किन महिलाओं को खून चढ़ाने और किन्हें आयरन देने की जरूरत होगी।



ढाई ग्राम हिमोग्लोबीन वाली प्रसूता की कहानी

जोधपुर में डिलीवरी के 26 दिन बाद खून की कमी और किडनी फेल होने से एक प्रसूता की मौत हो गई थी। डॉ. जोधा के अनुसार इस महिला का हिमोग्लोबीन स्तर सिर्फ ढाई ग्राम था, जो सामान्य स्तर से बेहद कम है।



24 जून को तिंवरी अस्पताल में इस प्रसूता की सामान्य डिलीवरी हुई थी। डिलीवरी के बाद खून नहीं रुका तो उसे उम्मेद अस्पताल रेफर किया गया। डॉक्टर के अनुसार जान बचाने के लिए उसकी बच्चेदानी निकालनी पड़ी थी।



25 दिन वेंटिलेटर पर रहने के बाद मौत

डॉ. जोधा के अनुसार इस प्रसूता का लीवर काम करना बंद कर चुका था और यूरिन बनना भी रुक गया था। इसके बाद 27 जून को उसे महात्मा गांधी अस्पताल रेफर किया गया। वह करीब 25 दिन तक वेंटिलेटर पर रही और लगातार डायलिसिस चलता रहा।



डॉक्टरों के अनुसार एक स्टेज पर उस पर सभी दवाइयों ने काम करना बंद कर दिया था। 14 जुलाई से उसकी तबीयत दोबारा बिगड़ने लगी। 19 जुलाई को देर रात उसकी मौत हो गई।



एक और प्रसूता की मौत, टांकों में आया पानी

इसी दौरान एक अन्य प्रसूता की 30 जून की रात डिलीवरी हुई थी और उसने एक लड़के को जन्म दिया था। डिलीवरी के सातवें-आठवें दिन उसके टांकों में पानी आने लगा था। इसके बाद दोबारा दो टांके लगाए गए थे और उसकी हालत में सुधार दिखा।



परिजनों के अनुसार 19 जुलाई को उसे सांस लेने में दिक्कत होने लगी। परिवार जब अस्पताल पहुंचा तो वह मृत अवस्था में मिली। परिजनों का कहना है कि कम चलने-फिरने और कम पानी पीने से खून का थक्का जमने की आशंका है, जिसका असर हार्ट या ब्रेन पर पड़ा हो सकता है। इसी वजह से परिवार ने पोस्टमॉर्टम भी करवाया है।



अभी भी चार मरीज गंभीर हालत में

डॉ. जोधा के अनुसार फिलहाल दो प्रसूताएं महात्मा गांधी अस्पताल में भर्ती हैं और डायलिसिस पर हैं। वहीं दो अन्य प्रसूताएं उम्मेद अस्पताल में वेंटिलेटर पर हैं। डॉक्टरों के अनुसार इन सभी की हालत में फिलहाल सुधार है।



उम्मेद अस्पताल में भर्ती एक मरीज को रविवार को दौरे आने पर रेफर किया गया था। इसी दौरान उसकी सिजेरियन डिलीवरी भी हुई थी। डॉक्टर लगातार इन सभी मरीजों की निगरानी कर रहे हैं।



40 प्रतिशत मामलों में खून की कमी बनी वजह

डॉ. जोधा के अनुसार प्रसूताओं की मौत के जो कारण अब तक सामने आए हैं, उनमें 40 प्रतिशत मामलों में खून की कमी पाई गई है। उनका कहना है कि एंटीनेटल चेकअप में भी काफी गैप देखने को मिल रहा है।



डॉक्टरों के अनुसार कई महिलाएं एक बार डॉक्टर को दिखाने के बाद दोबारा चेकअप नहीं करवातीं। उन्हें लगता है कि उनमें आयरन या खून की कमी नहीं है। इसी वजह से वे हिमोग्लोबीन और ब्लड प्रेशर की नियमित जांच नहीं कराती हैं, जिससे स्थिति गंभीर हो जाती है।



FAQ

  1. राजस्थान सरकार ने प्रसूता मौतों को रोकने के लिए क्या नई व्यवस्था शुरू की है?
    अब हर गर्भवती महिला की डिलीवरी से पहले लिस्टिंग होगी। हर महिला का हेल्थ कार्ड बनेगा, जिसमें अस्पताल, खून चढ़ाने और आयरन की जरूरत जैसी जानकारी दर्ज होगी। यह व्यवस्था जुलाई से शुरू कर दी गई है।
  2. प्रसूता मौतों की सबसे बड़ी वजह क्या बताई गई है?
    डॉक्टरों के अनुसार 40 प्रतिशत मामलों में खून की कमी मौत की वजह बनी है। एंटीनेटल चेकअप में गैप और नियमित जांच न कराना भी बड़ा कारण है। कई महिलाएं हिमोग्लोबीन और ब्लड प्रेशर की जांच नहीं कराती हैं।

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