प्रियंका गांधी आज निवाई में करेंगी जनसभा, एक साथ दिखेंगे गहलोत और पायलट, गांवों में खुलेंगी 1000 इन्दिरा रसोइयां
मनीष गोधा, JAIPUR. कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बाद आज (10 सितंबर) कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और पार्टी की सबसे बड़ी नेताओं में शामिल प्रियंका गांधी राजस्थान आएंगी और टोंक जिले के निवाई कस्बे में सभा को संबोधित करेंगी। यह राजस्थान में प्रियंका गांधी की पहली चुनावी सभा होगी और स्मूके पर वह राजस्थान में इंदिरा गांधी रसोई ग्रामीण योजना की शुरुआत करेंगी। जरूरतमंदों को 8 रुपए में भोजन उपलब्ध कराने वाली योजना अभी तक सिर्फ शहरी इलाकों में ही चल रही थी। प्रियंका गांधी की सभा की अहम बात यह होगी कि इस मौके पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट भी एक मंच पर नजर आएंगे। इसका कारण यह है कि जिस निवाई कस्बे में यह सभा हो रही है वह टोंक जिले का हिस्सा है, जहां से सचिन पायलट विधायक हैं।
ये खबर भी पढ़ें...
राजस्थान में शिक्षक भर्ती परीक्षा लेवल-2 का परिणाम जारी, हिंदी में 2 हजार 450 और पंजाबी में 178 अभ्यर्थी का चयन, यहां देखें रिजल्ट
एक साथ मंच पर दिखेंगे गहलोत और पायलट
प्रियंका गांधी की जनसभा को सफल बनाने के लिए प्रदेश कांग्रेस के सभी खेमे एकजुट नजर आ रहे हैं। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के साथ ही पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट भी सभा को सफल बनाने में जुटे हैं क्योंकि यह सभा उनके विधानसभा सीट के नजदीक ही हो रही है। ऐसे में पायलट इस सभा को सफल बनाने के लिए पूरी सक्रियता से जुटे हुए हैं। प्रियंका गांधी की निवाई में होने वाली सभा के जरिए टोंक, सवाई माधोपुर, जयपुर और अजमेर की 35 सीटों पर कांग्रेस साधने का प्रयास करेगी। इनमें से बीते विधानसभा चुनाव में 18 सीटों पर कांग्रेस ने जीत दर्ज की थी। वहीं 5 सीट ऐसी हैं, जहां कांग्रेस बैकग्राउंड के निर्दलीय जीते थे।
जयपुर की 10 विधानसभा सीट में कांग्रेस
टोंक जिले में टोंक, देवली उनियारा, निवाई और मालपुरा 4 विधानसभा सीटे आती है। इनमें से कांग्रेस के पास वर्तमान में मालपुरा को छोड़ बाकी तीनों सीट है। जयपुर की 19 विधानसभा सीटों में से 10 विधानसभा सीट यानी चाकसू, आदर्श नगर, बगरू, सिविल लाइंस, हवा महल,जमवा रामगढ़, झोटवाड़ा, किशनपोल, कोटपुतली, विराट नगर में कांग्रेस के विधायक हैं। जबकि बस्सी, दूदू और शाहपुरा में जो निर्दलीय चुनाव जीते है, वो भी पुराने कांग्रेसी हैं। साथ ही सवाई माधोपुर जिले में चार सीटों में से बामनवास खंडार और सवाई माधोपुर पर कांग्रेस के विधायक और गंगापुर सीट में कांग्रेस समर्थित निर्दलीय विधायक है। वहीं अजमेर जिले की आठ विधानसभा सीटों में से दो विधानसभा केकड़ी और मसूदा में ही कांग्रेस के विधायक हैं। ऐसे में जिन 4 जिलों पर कांग्रेस की नजर है, उनमें अजमेर जिला ऐसा है, जहां कांग्रेस की सीट कम आई थी।
ये खबर भी पढ़ें...
राजस्थान में क्या बीजेपी फिर किसी सीडी कांड को मुद्दा बनाने जा रही है, केंद्रीय मंत्री उछाल रहे हैं सीडी कांड