राहुल गांधी 17 जून को कोटा से शुरू करेंगे पेपर लीक के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन
समझें क्या है पूरा मामला
- राहुल गांधी 17 जून को कोटा से पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन की शुरुआत करेंगे।
- कोटा में स्टूडेंट सम्मेलन के बाद प्रयागराज, पटना और दिल्ली में भी होंगे सम्मेलन।
- कांग्रेस महासचिव वेणुगोपाल ने देशव्यापी अभियान की औपचारिक घोषणा की।
- इन सम्मेलनों में पेपर लीक से प्रभावित युवा अपने अनुभव साझा करेंगे।
- कोटा देशभर के कोचिंग स्टूडेंट्स का केंद्र, इसलिए आंदोलन की शुरुआत यहां से।
नीट पेपर लीक मामले के बाद कांग्रेस ने देशव्यापी आंदोलन शुरू करने की घोषणा की है। राहुल गांधी 17 जून को कोटा में स्टूडेंट सम्मेलन करेंगे। यहां से पेपरलीक के खिलाफ अभियान की शुरुआत होगी।
इसके बाद 10 जुलाई को प्रयागराज, 11 जुलाई को पटना और 14 जुलाई को दिल्ली में सम्मेलन होंगे। कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने इस देशव्यापी अभियान की घोषणा की है।
कोटा से ही क्यों होगी शुरुआत?
कोटा की पहचान पूरे देश में कोचिंग हब के रूप में है। यहां हर साल लाखों छात्र नीट और JEE की तैयारी के लिए आते हैं। एक ही शहर में उत्तर भारत के ज्यादातर राज्यों के छात्र मिलते हैं जो नीट पेपरलीक से सीधे प्रभावित रहे हैं।
इससे पहले दिसंबर 2022 में भारत जोड़ो यात्रा के दौरान भी राहुल गांधी ने कोटा के कोचिंग छात्रों से मुलाकात की थी। तब उन्होंने यात्रा के बीच से समय निकालकर छात्रों की बात सुनी थी।
सम्मेलनों में किन्हें बुलाया जाएगा
केसी वेणुगोपाल ने बताया कि इन सम्मेलनों में प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थियों, युवा संगठनों, शिक्षकों और पेपरलीक से सीधे प्रभावित सभी लोगों को एक साथ लाया जाएगा।
छात्रों को अपने अनुभव साझा करने का मंच मिलेगा। बार-बार होने वाली परीक्षा विफलताओं और पेपरलीक के लिए जवाबदेही तय करने की मांग भी उठाई जाएगी।
क्या है अभियान का मकसद?
वेणुगोपाल के अनुसार, यह अभियान उन लाखों युवाओं की समस्याओं को सामने लाएगा जिनका भविष्य पेपर लीक, परीक्षा की बढ़ती लागत और पारदर्शी भर्ती प्रणाली नहीं होने से प्रभावित हो रहा है।
देशभर में NSUI (National Students' Union of India) और यूथ कांग्रेस के साथ सभी प्रदेश और जिला कांग्रेस कमेटियां छात्रों को लामबंद करेंगी।
सम्मेलनों का शेड्यूल
17 जून को कोटा (राजस्थान), 10 जुलाई को प्रयागराज (उत्तर प्रदेश), 11 जुलाई को पटना (बिहार) और 14 जुलाई को दिल्ली में स्टूडेंट सम्मेलन होंगे। यानी एक महीने में चार बड़े राज्यों में अभियान चलेगा।
वेणुगोपाल ने कहा कि राहुल गांधी देश के छात्रों और युवाओं के लिए लगातार आवाज उठाने में एक भरोसेमंद चेहरा बनकर उभरे हैं। कोटा सम्मेलन इसी कड़ी का हिस्सा है।
FAQ
- राहुल गांधी का कोटा स्टूडेंट सम्मेलन कब होगा और इसका मकसद क्या है?
राहुल गांधी 17 जून 2026 को कोटा में स्टूडेंट सम्मेलन करेंगे। इसका मकसद नीट पेप रलीक और भर्ती घोटालों से प्रभावित छात्रों की आवाज उठाना और देशव्यापी आंदोलन की शुरुआत करना है। - कांग्रेस के पेपर लीक विरोधी अभियान में और कहां-कहां सम्मेलन होंगे?
कोटा के बाद 10 जुलाई को प्रयागराज, 11 जुलाई को पटना और 14 जुलाई को दिल्ली में स्टूडेंट सम्मेलन होंगे। इनमें NSUI, यूथ कांग्रेस और सभी प्रदेश कांग्रेस कमेटियां छात्रों को एकजुट करेंगी। - कोटा को पेप रलीक आंदोलन की शुरुआत के लिए क्यों चुना गया?
कोटा देश का सबसे बड़ा कोचिंग हब है। यहां नीट और JEE की तैयारी के लिए देशभर से लाखों छात्र आते हैं। पेपर लीक से सबसे ज्यादा प्रभावित छात्र यहीं मिलते हैं, इसलिए यह शहर आंदोलन की शुरुआत के लिए सबसे उपयुक्त है।
ये भी पढ़ें:-
फर्जी डिग्री पर बने शिक्षक फिर बने विधायक, 5 साल वेतन लिया, अब जांच
झूठी शिकायतों से RTU स्टाफ को डराता था महंत देवानंद हत्याकांड का आरोपी
सफाई में लापरवाही पड़ी भारी, बूंदी के 12 अधिकारी निलंबित
चिकित्सा मंत्री फिर विवाद में आए, बोले-आप पता करो, महिलाएं चलते आईं या नाचते