राहुल गांधी की 'वोट बचाओ-देश बचाओ' रैली के लिए राजस्थान से एक लाख लोगों को जुटाने का टारगेट, नेताओं को सौंपी जिम्मेदारी
इसके लिए कांग्रेस के प्रदेश से लेकर जिला और ब्लॉक स्तर तक के पदाधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी जा रही हैं।
रविवार को जयपुर के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में कांग्रेस के राष्ट्रीय संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल की मौजूदगी में वरिष्ठ नेताओं की अहम बैठक हुई। इसमें दिल्ली में होने वाली 'वोट बचाओ-देश बचाओ' रैली को लेकर संगठन की तैयारियों, कार्यकर्ताओं की भागीदारी और राजस्थान के अलग-अलग जिलों से लोगों को दिल्ली पहुंचाने की रणनीति पर चर्चा की गई।
गहलोत, पायलट, डोटासरा और जूली सहित कई बड़े नेता जुटे
बैठक में कांग्रेस के राष्ट्रीय संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, राजस्थान प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली शामिल हुए।
इसके अलावा मुरारीलाल मीणा, विनोद जाखड़ सहित कई वरिष्ठ नेता और संगठन के पदाधिकारी भी मौजूद रहे। बैठक में राजस्थान से दिल्ली जाने वाले कार्यकर्ताओं की संख्या बढ़ाने और रैली में प्रदेश की बड़ी भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
जिलाध्यक्षों से लेकर ब्लॉक पदाधिकारियों तक जिम्मेदारी
दिल्ली की 'वोट बचाओ-देश बचाओ' रैली में राजस्थान से एक लाख लोगों को जुटाने के लक्ष्य को लेकर संगठन स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। इसमें प्रदेश कांग्रेस के पदाधिकारियों के साथ सांसदों, विधायकों, पूर्व मंत्रियों, जिलाध्यक्षों और ब्लॉक स्तर के पदाधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी।
बैठक में अलग-अलग जिलों से कार्यकर्ताओं को दिल्ली पहुंचाने और उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने पर चर्चा हुई। पार्टी का जोर केवल जयपुर और आसपास के जिलों पर नहीं, बल्कि पूरे राजस्थान से कार्यकर्ताओं को रैली में शामिल कराने पर है।
कार्यकर्ताओं को दिल्ली पहुंचाने के लिए परिवहन और अन्य व्यवस्थाओं की तैयारी भी संगठनात्मक स्तर पर की जानी है। हालांकि, जिलेवार कितने लोगों को ले जाने की जिम्मेदारी किस नेता को मिली है, इसका आधिकारिक ब्योरा अभी सामने नहीं आया है।
दिल्ली में 10 लाख लोगों को जुटाने की तैयारी
कांग्रेस 'वोट बचाओ-देश बचाओ' रैली (Vote Bachao-Desh Bachao rally) को बड़े राष्ट्रीय कार्यक्रम के रूप में आयोजित करने की तैयारी कर रही है। इसमें राजस्थान के अलावा अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और समर्थकों को बुलाने की योजना है।
रैली का मुख्य मुद्दा मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियां और चुनाव आयोग (Election Commission) की कार्यप्रणाली को लेकर कांग्रेस की आपत्तियां हैं। कांग्रेस का आरोप है कि मतदाता सूची में अनियमितताओं से मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। इन्हीं मुद्दों को लेकर पार्टी राष्ट्रीय स्तर पर विरोध दर्ज कराना चाहती है।
राजस्थान कांग्रेस के संगठन की भी होगी परीक्षा
दिल्ली की रैली के लिए राजस्थान से एक लाख लोगों को जुटाने का लक्ष्य प्रदेश कांग्रेस के लिए बड़ी संगठनात्मक चुनौती है। राज्य में कांग्रेस सत्ता से बाहर है। ऐसे में इतनी बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और समर्थकों को दिल्ली पहुंचाने के लिए प्रदेश नेतृत्व को जिला और ब्लॉक स्तर तक संगठन को सक्रिय करना होगा।
जयपुर में हुई बैठक में पार्टी के प्रमुख नेताओं की एक साथ मौजूदगी को इसी तैयारी से जोड़कर देखा जा रहा है। अब संगठन का ध्यान अलग-अलग जिलों से कार्यकर्ताओं की भागीदारी तय करने और उन्हें दिल्ली पहुंचाने की व्यवस्थाओं पर रहेगा।