राजस्थान अधिस्वीकृत पत्रकार संघ का संविधान पारित, डॉ. अखिल बंसल बने अध्यक्ष
समझें क्या है पूरा मामला
- राजस्थान अधिस्वीकृत पत्रकार संघ का सर्वसम्मति से पारित हुआ संविधान।
- डॉ. अखिल बंसल बने राजस्थान अधिस्वीकृत पत्रकार संघ के प्रदेश अध्यक्ष।
- प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव के साथ नई कार्यसमिति का भी हुआ ऐलान।
- मुख्य अतिथि लोकेश साहिल ने कहा- खबर वही जो सरकार छुपाना चाहे।
- पत्रकारों की मांग- 60 वर्ष पूरे कर चुके पत्रकारों को मिले पेंशन और बीमा।
राजस्थान की राजधानी जयपुर में राजस्थान अधिस्वीकृत पत्रकार संघ की संविधान सभा और एडवाइजरी बोर्ड की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग (DIPR) के पूर्व अतिरिक्त निदेशक गोपाल प्रभाकर की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में संघ की संवैधानिक नींव को अंतिम रूप देते हुए सर्वसम्मति से संविधान पारित किया गया।
कार्यक्रम में प्रसिद्ध साहित्यकार लोकेश कुमार साहिल मुख्य अतिथि, जबकि NUJI के राष्ट्रीय महासचिव राकेश शर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
डॉ. अखिल बंसल बने अध्यक्ष, कार्यकारिणी का हुआ गठन
संविधान सभा ने संघ के संयोजक डॉ. अखिल बंसल द्वारा अब तक किए गए संगठनात्मक कार्यों की सराहना की। उनके द्वारा दिए गए त्यागपत्र को सर्वसम्मति से अस्वीकार करते हुए सभा ने उन्हें संघ का प्रदेश अध्यक्ष मनोनीत किया।
अध्यक्ष चुने जाने के बाद डॉ. बंसल ने नई कार्यसमिति की घोषणा की, जिसमें सुरेश पारीक को उपाध्यक्ष, डॉ. तरुण जैन को महासचिव, डॉ. रशिका महर्षि को सचिव, दिनेश सिंघल को कोषाध्यक्ष तथा अकलेश जैन को संगठन सचिव बनाया गया।
इसके अलावा, राज्य के सभी 7 संभागों में एक-एक उपाध्यक्ष व सचिव तथा प्रत्येक जिले को कार्यकारिणी में प्रतिनिधित्व देने का निर्णय लिया गया।
पत्रकारों के हित में उठीं बड़ी मांगें
बैठक के दौरान वरिष्ठ पत्रकारों ने अधिस्वीकृत पत्रकारों के कल्याण हेतु कई सुझाव रखे। वरिष्ठ पत्रकार अशोक शर्मा ने बिहार सरकार की तर्ज पर राजस्थान में भी 60 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले पत्रकारों को स्वतः सम्मान राशि देने का प्रस्ताव रखा।
वहीं डॉ. रशिका महर्षि ने पत्रकारों को बेहतर चिकित्सा सुविधा और राज्य सरकार की ओर से सामूहिक जीवन बीमा योजना लागू करने की मांग की।
खबर वही जो सरकार छुपाना चाहे
मुख्य अतिथि लोकेश कुमार साहिल ने अपने संबोधन में कहा कि सच्चा पत्रकार वही है जो निष्पक्षता से काम करे, क्योंकि 'खबर तो वह है जो सरकार छुपाना चाहे, बाकी सब विज्ञापन है।'
अध्यक्षता कर रहे गोपाल प्रभाकर ने कहा कि वर्तमान सूचना क्रांति के दौर में सकारात्मक और सत्यनिष्ठा पर आधारित पत्रकारिता की आवश्यकता और बढ़ गई है।
एडवाइजरी बोर्ड में राकेश शर्मा व संजय सैनी को शामिल किया गया है, जबकि लोकेश साहिल, गोपाल प्रभाकर और फारूक आफरीदी को संरक्षक बनाया गया है।
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