राजस्थान के सरकारी गर्ल्स हॉस्टल में 40 छात्राओं ने लगाए छेड़छाड़ के आरोप, पुलिस की कार्रवाई पर सवाल
राजस्थान के बारां (Baran) में गवर्नमेंट गर्ल्स हॉस्टल की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। छीपाबड़ौद उपखंड के पछाड़ स्थित राजकीय जनजातीय कन्या आश्रम छात्रावास में रहने वाली करीब 40 नाबालिग छात्राओं ने स्पोर्ट टीचर के पति पर छेड़छाड़, अभद्र व्यवहार और बार-बार बिना अनुमति छात्रावास परिसर में घुसने के आरोप लगाए हैं।
छात्राओं से छेड़छाड़ मामले में छात्रावास अधीक्षक की ओर से पहले स्थानीय पुलिस थाने में शिकायत देने और इसके बाद जिला पुलिस अधीक्षक तक लिखित परिवाद पहुंचाने की जानकारी सामने आई है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि पहले सूचना देने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। वहीं, स्थानीय पुलिस ने दोनों पक्षों से शिकायतें मिलने की पुष्टि करते हुए मामले की जांच जारी होने की बात कही है।
गेट बंद होने के बावजूद परिसर में घुसने का आरोप
छात्राओं ने आरोप लगाया है कि खेल प्रशिक्षिका का पति बार-बार छात्रावास में बिना अनुमति प्रवेश करता था। वह कथित तौर पर नशे की हालत में पहुंचकर छात्राओं के साथ गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार करता था।
शिकायत के अनुसार, शनिवार 24 अक्टूबर की शाम करीब छह बजे छात्रावास का मुख्य गेट बंद था। इसके बावजूद संबंधित व्यक्ति कथित तौर पर गेट फांदकर परिसर में घुस गया। आरोप है कि इस दौरान कुछ छात्राओं को गलत तरीके से छुआ गया और विरोध करने पर उनके साथ अभद्रता की गई।
पहले थाने में शिकायत, फिर एसपी को भेजा परिवाद
छात्रावास अधीक्षक ममता गौतम के अनुसार, मामले की जानकारी पहले छीपाबड़ौद पुलिस थाने को दी गई थी। उनका कहना है कि अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के बाद रविवार को बारां जिला पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत भेजी गई।
शिकायत में छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। अधीक्षक के मुताबिक, घटना से छात्राएं परेशान हैं। मामले की जानकारी विभागीय उच्च अधिकारियों को भी दी गई है।
पुलिस बोली-दोनों पक्षों की शिकायतें मिली हैं
छीपाबड़ौद थानाधिकारी गंभीर सिंह ने बताया कि मामले में दोनों पक्षों की शिकायतें प्राप्त हुई हैं। उनके अनुसार, प्रथम दृष्टया विवाद छात्रावास अधीक्षक और महिला खेल प्रशिक्षिका के पति के बीच आपसी विवाद से जुड़ा प्रतीत होता है।
थानाधिकारी ने बताया कि घटनाक्रम की जानकारी उच्च अधिकारियों को दी गई है और मामले की जांच की जा रही है। हालांकि छात्राओं की ओर से लगाए गए छेड़छाड़ के आरोपों की अलग से क्या जांच की गई है, इस पर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। प्राथमिकी दर्ज होने, बाल संरक्षण कानूनों के तहत कार्रवाई और आरोपी से पूछताछ की जाएगी।
सरकारी छात्रावास की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस मामले ने सरकारी आवासीय छात्रावासों (Government Residential Hostels) की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। शिकायत के अनुसार, बाहरी व्यक्ति मुख्य गेट बंद होने के बावजूद परिसर में प्रवेश कर गया। ऐसे में सवाल है कि छात्रावास में बाहरी व्यक्तियों की निगरानी और प्रवेश रोकने के क्या इंतजाम थे।
छात्रावास में आगंतुकों का रिकॉर्ड रखा जा रहा था या नहीं, सुरक्षा कर्मचारी तैनात थे या नहीं और पहले शिकायत मिलने पर छात्रावास प्रशासन ने क्या कदम उठाए-इन सवालों के जवाब अभी सामने नहीं आए हैं।
अब पुलिस और संबंधित विभाग की जांच से स्पष्ट होगा कि छात्रावास में प्रवेश और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर किन नियमों का पालन हुआ तथा शिकायत मिलने के बाद क्या कार्रवाई की गई।