83 साल की अम्मा से 80 लाख की साइबर ठगी, 10 लाख में समझौते का दबाव, हाई कोर्ट रह गया हैरान

Mukesh Sharma | Mar 26, 2026, 15:29 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान में 83 साल की बुजुर्ग महिला डिजिटल अरेस्ट में 80 लाख रुपए की ठगी का शिकार हो गई। न्याय नहीं मिलने पर पीड़िता को 10 लाख में समझौते का दबाव झेलना पड़ा। हाई कोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए डीजीपी और साइबर अधिकारियों को तलब किया ।

News In Short

  • अजमेर की बुजुर्ग महिला से 80 लाख रुपए की साइबर ठगी।
  • वृद्धा की पीड़ा सुनकर हाई कोर्ट भी रह गया हैरान।
  • पीड़िता बोलीं, 10 लाख में समझौते के लिए बनाया जा रहा दबाव।
  • हाई कोर्ट ने डीजीपी व साइबर क्राइम एसपी को किया तलब।
  • कोर्ट ने सरकार को पीड़िता की देखभाल करने के दिए निर्देश

News In Detail

राजस्थान में अजमेर की 83 साल की बुजुर्ग महिला के साथ हुए डिजिटल अरेस्ट और 80 लाख रुपए की साइबर ठगी के मामले ने हाई कोर्ट को झकझोर दिया। कोर्ट ने मामले में पीड़िता की बेबसी, न्याय के लिए संघर्ष और जांच एजेंसियों के ढुलमुल रवैये पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। जस्टिस समीर जैन ने डीजीपी और साइबर क्राइम एसपी को वीसी के जरिए और आईओ को शुक्रवार 27 मार्च को व्यक्तिगत रुप से अदालत में हाजिर होने के निर्देश दिए हैं।



आरोपी ने कहा समझौता हो गया

आरोपी नवीन तेमानी की जमानत याचिका दायर कर बताया कि पीड़िता और आरोपी के बीच 10 लाख रुपए में समझौता हो चुका है। इसलिए उसे जमानत दी जाए। इस दौरान 83 साल की बुजुर्ग पीड़िता व्हील चेयर पर अपने दिव्यांग भतीजे के साथ अदालत में मौजूद थीं। जस्टिस समीर जैन ने उनसे सच्चाई पूछी तो बुजुर्ग पीड़िता की पीड़ा सामने आ गई।



समझौत के लिए कर रहे हैं मजबूर

बुर्जुग महिला ने भावुक होकर बताया कि वह न्याय न मिलने से अत्यधिक निराश हैं। जांच एजेंसियों के रवैये के चलते उन्हें समझौते के लिए मजबूर किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि उनके 80 लाख रुपए के वैध दावे को महज 10 लाख रुपए में निपटाने का दबाव बनाया जा रहा है।



अदालत को झकझोरा

जस्टिस जैन ने इस स्थिति को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि यह एक ऐसा मामला है जिसने अदालत की अंतरात्मा को झकझोर दिया है। अदालत ने कहा कि 83 साल की अकेली महिला जीवन के अंतिम पड़ाव पर है। इसकी देखभाल करने वाला भी कोई नहीं है। वह इस प्रकार के गंभीर साइबर अपराध की शिकार बनी है तो यह अत्यंत चिंताजनक है।



असहाय बुजुर्ग को न्याय दिलवाना राज्य की जिम्मेदारी

अदालत ने कहा है कि बुजुर्ग पीड़िता पूरी तरह से असहाय स्थिति में है। उनका अपने दिव्यांग भतीजे के साथ हाई कोर्ट में आना इस बात सबूत है कि उनके पास कोई मजबूत सहारा नहीं है। इसलिए उन्हें न्याय दिलवाना राज्य की जिम्मेदारी है।


अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिए है कि यदि बुजुर्ग महिला केस के सिलसिले में जयपुर में रहना चाहें तो उनके लिए उच्च गुणवत्ता वाले आवास और भोजन की व्यवस्था की जाए। इस व्यवस्था का पूरा खर्च राज्य सरकार उठाएगी। किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा।



दुबई के बैंक खातों कर दिए ट्रांसफर

सरकार के एडवोकेट विवेक शर्मा ने अदालत को बताया कि पीड़िता को डिजिटल अरेस्ट के जरिए 80 लाख रुपए की ठगी का शिकार बनाया गया। आरोपियों ने यह रकम विभिन्न लेयर अकाउंट्स के माध्यम से दुबई के अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी। हालांकि पुलिस ने जांच पूरी कर चार्जशीट पेश कर दी है। आरोपी विदेश में होने के कारण अब तक गिरफ्तार नहीं हो सके हैं। अदालत ने सरकारी पक्ष को अगली सुनवाई पर मामले से जुड़े सभी दस्तावेज पेश करने के निर्देश दिए हैं।



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