एजेंसी मालिक ने संविदा कर्मचारी से मांगी रिश्वत, ACB ने किया गिरफ्तार
News In Short
- जयपुर में प्लेसमेंट एजेंसी का मालिक 40 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार।
- आरोपी ने संविदा कर्मचारी से 50 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी।
- आरोपी ने UAN, PF और ESI लिंक करने के बदले में मांगी थी घूस।
- ACB ने मामले का सत्यापन करने के बाद ट्रैप लगाकर आरोपी को दबोचा।
- ACB के अधिकारियों के सुपरविजन में आरोपी से पूछताछ जारी है।
News In Detail
राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम चलाते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की टीम ने जयपुर में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। एसीबी ने जाल बिछाकर मैसर्स डायनेमिक मैनपावर एंड सिक्योरिटी सर्विसेज के प्रोपराइटर अनिल कुमार को 40,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी प्लेसमेंट एजेंसी का संचालक है और संविदा कर्मचारियों से काम के बदले मोटी रकम की डिमांड कर रहा था।
क्या है पूरा मामला?
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) के महानिदेशक गोविन्द गुप्ता ने बताया कि एसीबी चौकी एसयू प्रथम जयपुर में एक परिवादी की ओर से आरोपी अनिल कुमार के विरुद्ध रिश्वत मांगने की शिकायत प्राप्त हुई।
शिकायत के मुताबिक परिवादी को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) जयपुर-द्वितीय के तहत जारी टेंडर के माध्यम से चाकसू के आयुष्मान आरोग्य मंदिर (गरुड़वासी) में संविदा पर नियुक्त किया गया था। इस प्लेसमेंट के बदले आरोपी अनिल कुमार परिवादी को पीएफ और ईएसआई की कटौती के बाद हर महीने 6300 रुपए का भुगतान करता था।
UAN नंबर लिंक करने को लेकर उठा विवाद
विवाद तब शुरू हुआ जब परिवादी ने अपने UAN नंबर, PF और ESI को अपनी एम्प्लॉई आईडी व सर्विस प्रोफाइल से जोड़ने (लिंक करने) की मांग की। यह एक बहुत ही जायज और जरूरी काम था।
लेकिन इस काम को करने के बदले आरोपी अनिल कुमार ने उसे परेशान करना शुरू कर दिया और काम करने के एवज में 50,000 रुपए की रिश्वत मांगी। परिवादी ने यह शिकायत एसीबी के पास रखी।
एसीबी ने ऐसे दबोचा आरोपी
शिकायत मिलने के बाद एसीबी की टीम ने 21 मई 2026 को मामले का सत्यापन करवाया। सत्यापन के दौरान आरोपी अनिल कुमार परिवादी और सह-परिवादी से 40,000 रुपए की रिश्वत लेने पर सहमत हो गया।
इसी दौरान उसने सह-परिवादी से एडवांस के तौर पर 5,000 रुपए भी ले लिए। हालांकि बाद में आरोपी ने वह रकम लौटा दी और कहा कि वह पूरी रिश्वत राशि एक साथ ही लेगा।
एसीबी के डीआईजी डॉ. रामेश्वर सिंह के सुपरविजन और एसयू-प्रथम चौकी के एडिशनल एसपी प्रशांत कौशिक के नेतृत्व में टीम ने जाल बिछाया। जैसे ही सह-परिवादी ने आरोपी अनिल कुमार को 40,000 रुपए की रिश्वत की रकम थमाई, वैसे ही मुस्तैद खड़ी एसीबी की टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया। जांच में यह भी साफ हो गया है कि आरोपी के पास परिवादी का काम वाकई लंबित था।
पूछताछ जारी
वर्तमान में एसीबी की एडीजी स्मिता श्रीवास्तव और आईजी एस. परिमला की निगरानी में आरोपी अनिल कुमार से पूछताछ जारी है। जांच टीम आरोपी के निवास स्थान और अन्य संबंधित दस्तावेजों की भी समीक्षा कर रही है। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।
एसीबी का कहना है कि इस मामले में और भी लोगों की संलिप्तता हो सकती है, जिसकी जांच की जा रही है। आरोपी से पूछताछ में अब तक कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। एसीबी अधिकारियों के अनुसार यह गिरफ्तारी उन सभी के लिए एक कड़ी चेतावनी है जो अपने पद का दुरुपयोग करके आम लोगों से रिश्वत लेते हैं।
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