निकाय व पंचायत चुनाव में लेखा सेवा के अधिकारी नहीं करेंगे पीठासीन अधिकारी का काम
समझें क्या है पूरा मामला
- लेखा सेवा अधिकारी अब नहीं करेंगे पीठासीन अधिकारी का काम।
- राज्य चुनाव आयोग ने सभी जिला अधिकारियों को जारी किए निर्देश।
- अधिकारियों ने पीठासीन अधिकारी के काम को बताया पद की गरिमा के विपरीत।
- आयोग ने माना लेखा अधिकारियों की मांग, मिली बड़ी राहत।
राजस्थान में होने वाले आगामी निकाय व पंचायतीराज चुनाव में राजस्थान लेखा सेवा के अधिकारियों से पीठासीन अधिकारी (Presiding Officer) के रुप में काम नहीं लेने को कहा है। राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग ने इस संबंध में सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को पत्र जारी किया है।
राजस्थान लेखा सेवा के अधिकारियों ने लिखा था पत्र
दरअसल राजस्थान लेखा सेवा के अधिकारियों ने चुनाव में अपने पद की गरिमा के अनुरुप ही दायित्व देने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग को पत्र लिखा था।
अधिकारियों का कहना था कि पीठासीन अधिकारी का काम उनके पद की गरिमा,वरिष्ठता व विशेषज्ञता के अनुरुप नहीं है।
आयोग का मतदान दल में शामिल नहीं करने का आदेश
इस पर राज्य निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन अधिकारी व सचिव राजेश वर्मा ने सोमवार को सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को पत्र लिखकर राजस्थान लेखा सेवा के अधिकारियों को पीठासीन अधिकारी के रुप में मतदान दल में शामिल नहीं करने को कहा है।
आयोग ने कहा है कि लेखा सेवा के अधिकारियों से उनके पद के अनुरुप वित्तीय,लेखा व अन्य निर्वाचन संबंधी काम ही करवाए जाएं।
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