भ्रष्टाचार मामले में नौकरी से निकाला, 6 साल पहले 11 हजार रुपए की ली थी रिश्वत
ऐसे समझें पूरा मामला
- राजस्थान में एक अकाउंटेंट को सरकारी नौकरी से निकाला।
- अकाउंटेंट ने छह साल पहले 11 हजार रुपए की रिश्वत ली थी।
- कोर्ट ने सरकारी कर्मचारी को 3 साल की सजा सुनाई थी।
- सजा के बाद दोषी कर्मचारी ने खुद सरकार को सजा की सूचना दी।
Jaipur: राजस्थान में भ्रष्टाचार के मामले में दोषी कनिष्ठ लेखाकार दिनेश कुमार शर्मा को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। लेखाकार दिनेश ने छह साल पहले रिश्वत ली थी। इस मामले में उसे कोर्ट ने दोषी पाया। इसके बाद उसे टर्मिनेट किया गया।
क्या है पूरा मामला?
दिनेश कुमार शर्मा का चयन तहसील राजस्व लेखाकार भर्ती परीक्षा-2013 में हुआ था। इसके बाद उसे जुलाई 2017 में दौसा के लालसोट में नियुक्ति मिली।
नौकरी के कुछ ही साल बाद दिनेश कुमार शर्मा पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे। एसीबी ने 26 अगस्त 2020 को उसे 11,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था।
रिश्वतखोरी के बाद उसे 19 नवंबर 2020 को निलंबित कर दिया गया। उसके विरुद्ध विभागीय जांच व अभियोजन स्वीकृति जारी की गई थी।
अदालत ने सुनाई 3 साल की सजा
इस मामले की सुनवाई जयपुर की अदालत में चल रही थी। दिनेश कुमार शर्मा ने खुद 19 मई 2026 को पत्र भेजकर अवगत कराया कि उसे 30 अप्रैल 2026 को दोषी करार दिया गया है।
कोर्ट ने दिनेश को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत शर्मा को 03 वर्ष कारावास और 20,000 रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई।
सेवा से किया बर्खास्त
कोर्ट से दोषसिद्धि का निर्णय आने के बाद सरकार ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाया। कोष एवं लेखा निदेशालय ने माना है कि दिनेश को लोक सेवा में और आगे बनाए रखना अस्वीकार्य है।
नियमों के तहत कार्रवाई करते हुए दिनेश कुमार शर्मा को सरकारी नौकरी से बर्खास्त कर दिया। वह अभी पुरातत्व एवं संग्रहालय, कला एवं संस्कृति विभाग, जयपुर में पदस्थ था।
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