20 अगस्त से शुरू होगा विधानसभा सत्र, स्पीकर ने बुलाई सर्वदलीय बैठक

Mukesh Sharma | Aug 17, 2026, 20:20 IST
राजस्थान विधानसभा
राजस्थान विधानसभा का छठा सत्र 20 अगस्त से शुरू होगा। इससे पहले 18 अगस्त को सुबह 11 बजे स्पीकर वासुदेव देवनानी ने सर्वदलीय बैठक बुलाई है। बैठक में सत्ता पक्ष और विपक्ष के प्रमुख नेताओं को आमंत्रित किया गया है।

समझें क्या है पूरा मामला

  • राजस्थान विधानसभा का छठा सत्र 20 अगस्त से शुरू होगा।
  • सत्र से पहले 18 अगस्त को सर्वदलीय बैठक होगी।
  • बैठक सुबह 11 बजे स्पीकर वासुदेव देवनानी ने बुलाई है।
  • सत्ता पक्ष और विपक्ष के प्रमुख नेताओं को आमंत्रित किया गया है।
  • देवनानी ने शांतिपूर्ण और सार्थक सदन संचालन पर जोर दिया।

राजस्थान विधानसभा का छठा सत्र 20 अगस्त से शुरू होगा। इससे पहले विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने सर्वदलीय बैठक बुलाई है। बैठक मंगलवार 18 अगस्त को सुबह 11 बजे होगी। इसमें सरकार और विपक्ष के प्रमुख प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है।



स्पीकर देवनानी के मुताबिक यह बैठक सत्र संचालन के लिए अहम है। उनका कहना है कि सदन शांतिपूर्ण और गरिमापूर्ण ढंग से चलना चाहिए। इसके लिए सभी दलों के बीच पहले संवाद जरूरी है। बैठक का मकसद आपसी सहमति और सहयोग का माहौल बनाना है।



किन नेताओं को बुलाया गया

सर्वदलीय बैठक में मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा को आमंत्रित किया गया है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली को भी बैठक में बुलाया गया है। संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल भी इसमें शामिल होने के लिए आमंत्रित हैं। सरकारी मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग को भी न्योता भेजा गया है।



विपक्ष के मुख्य सचेतक रफीक खान को भी बैठक में बुलाया गया है। विधायक डॉ. सुभाष गर्ग को भी आमंत्रण दिया गया है। विधायक मनोज कुमार और थावर चन्द भी आमंत्रित नेताओं में शामिल हैं। बैठक में सदन संचालन से जुड़े विषयों पर चर्चा होने की उम्मीद है।



देवनानी ने क्या कहा

स्पीकर वासुदेव देवनानी ने सदन की गरिमा पर खास जोर दिया है। उन्होंने कहा कि सदन जनहित के मुद्दों की चर्चा का पवित्र स्थल है। इस गरिमा को बनाए रखना सभी विधायकों की सामूहिक जिम्मेदारी है। उनका कहना है कि दलों का सहयोग सदन संचालन को बेहतर बनाता है।



देवनानी ने सर्वदलीय बैठक को लोकतांत्रिक परंपरा का मजबूत माध्यम बताया है। उनके मुताबिक ऐसी बैठकों से सभी दलों की भागीदारी बढ़ती है। इससे जनहित के मुद्दों पर सार्थक चर्चा का रास्ता बनता है। वे सत्र को शांतिपूर्ण ढंग से चलाने के पक्ष में हैं।



सहयोग पर दिया जोर

स्पीकर ने कहा कि सर्वदलीय बैठकों से संवाद मजबूत होता है। इससे विश्वास और सहयोग की भावना को भी बल मिलता है। उनका कहना है कि यह माहौल सदन की कार्यवाही को प्रभावी बनाता है। इससे जनमहत्व के मुद्दों पर बेहतर चर्चा संभव होती है।



देवनानी ने संसदीय परंपराओं का पालन करने की बात भी कही है। उन्होंने सदन की गरिमा के अनुरूप कार्यवाही चलाने पर जोर दिया। उनके अनुसार सकारात्मक माहौल से विधानसभा अधिक जवाबदेह बन सकती है। इससे जनअपेक्षाओं के अनुसार मुद्दों पर चर्चा का अवसर मिलता है।



सत्र से पहले बैठक क्यों अहम

विधानसभा सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक समन्वय का मंच बनती है। इसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने सामने संवाद करते हैं। इससे संभावित विवादों पर पहले बातचीत का अवसर मिलता है। सदन की कार्यवाही को सुचारु रखने में यह प्रक्रिया मददगार होती है।



इस बार भी स्पीकर ने सभी पक्षों से सहयोग की उम्मीद जताई है। उन्होंने कहा कि छठा सत्र व्यवस्थित और गरिमापूर्ण रहना चाहिए। बैठक का फोकस भी इसी सहमति को मजबूत करने पर रहेगा। जनहित के मुद्दों पर सार्थक चर्चा को प्राथमिकता देने की बात कही गई है।



विपक्ष की भूमिका भी अहम

सत्र के दौरान विपक्ष सरकार से सवाल पूछने की भूमिका निभाता है। उपलब्ध खबर में संभावित मुद्दों की सूची नहीं दी गई है। इसलिए विपक्ष किन विषयों को उठाएगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है। सर्वदलीय बैठक में कार्यवाही के माहौल पर चर्चा जरूर होगी।



नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली को बैठक में बुलाया गया है। विपक्ष के मुख्य सचेतक रफीक खान भी आमंत्रित हैं। इससे दोनों पक्षों की भागीदारी का संकेत मिलता है। आगे सत्र में किस मुद्दे पर टकराव होगा, यह एजेंडा बताएगा।



एजेंडा पर नजर रहेगी

उपलब्ध जानकारी में सत्र का विस्तृत एजेंडा नहीं बताया गया है। कितने दिन सदन चलेगा, यह भी स्पष्ट नहीं है। किन विधेयकों या प्रस्तावों पर चर्चा होगी, इसका उल्लेख नहीं है। इन जानकारियों पर आगे राजनीतिक नजर बनी रहेगी।



सत्र की कार्यवाही शुरू होते ही जनहित के मुद्दे केंद्र में रहेंगे। स्पीकर पहले ही सार्थक चर्चा की जरूरत बता चुके हैं। उन्होंने सभी दलों से सदन की गरिमा बनाए रखने को कहा है। इससे संकेत मिलता है कि अनुशासन पर भी खास ध्यान रहेगा।



आगे क्या होगा

18 अगस्त की सर्वदलीय बैठक सत्र से पहले महत्वपूर्ण पड़ाव होगी। इसके बाद 20 अगस्त से विधानसभा का छठा सत्र शुरू होगा। बैठक में बनी सहमति का असर सदन की कार्यवाही पर दिखेगा। हालांकि वास्तविक तस्वीर सत्र शुरू होने के बाद ही साफ होगी।



स्पीकर देवनानी ने भरोसा जताया कि बैठक सकारात्मक माहौल बनाएगी। उनका लक्ष्य सत्र को सुव्यवस्थित और जनहित केंद्रित रखना है। सत्ता पक्ष और विपक्ष का व्यवहार इसमें अहम भूमिका निभाएगा। अब नजर बैठक और सत्र के शुरुआती दिन पर रहेगी।



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