बार कौंसिल चुनाव में बवाल: जयपुर में हाईकोर्ट और सैशन कोर्ट में वोटिंग रद्द, सांगानेर से श्रीगंगानगर तक हंगामा

Mukesh Sharma | Apr 22, 2026, 17:22 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान बार काउंसिल चुनाव के दौरान जयपुर में हाई कोर्ट और सैशन कोर्ट में फर्जी मतदान की शिकायतों और भारी अव्यवस्था के कारण मतदान रद्द कर दिया गया। सांगानेर और रायसिंहनगर में भी हंगामे की खबरें रहीं।

News In Short

  • बूथ में घुसकर मांगे वोट, अव्यवस्था देख निर्वाचन अधिकारी ने रद्द किया मतदान
  • बैलेट पेपर पर नंबर के कारण गोपनीयता से समझौता, सांगानेर में वकीलों ने खोला मोर्चा
  • बार काउंसिल चुनाव में महिलाओं को आरक्षण, 5 सीटों पर 57 महिला उम्मीदवार मैदान में
  • जयपुर में सर्वाधिक 22 हजार मतदाता, हाई कोर्ट में 14,781 मतदाता हैं ​रजिस्टर्ड
  • राजस्थान में कुल 234 रिकॉर्ड प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं

News In Detail

राजस्थान बार काउंसिल के बुधवार हुए मतदान में फर्जी वोटिंग के आरोप लगने के कारण राजस्थान हाई कोर्ट और सैशन कोर्ट में मतदान रद्द हो गया है। जयपुर की सांगानेर बार में भी वोट की गोपनीयता उजागर होने के आरोप से हंगामा हो गया। यहां भी वकीलों ने निर्वाचन अधिकारी और एसडीओ से लिखित में मतदान रद्ध करने की मांग की है। श्रीगंगानगर में भी भारी हंगामे के कारण वकीलों ने मतदान केंद्र पर ताला लगा दिया। यह हाल तो तब है, जब चुनाव सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित कमेटी की निगरानी में हो रहे हैं।



भारी अव्यवस्था से हैरान हुए वकील

राजस्थान में मतदान सुबह आठ से शाम पांच बजे तक होना है। जयपुर में सर्वाधिक 22 हजार मतदाता हैं। इनमें से हाई कोर्ट में रजिस्टर्ड 14,781 मतदाता हैं। हाईकोर्ट की पोलिंग के लिए भारी अव्यवस्थाएं थीं।



मतदान करवाने के लिए जिस प्रकार का सिस्टम होना चाहिए वह सिरे से ही नदारद था। नियमों के अनुसार मतदान की गोपनीयता बनाए रखने के लिए मतदान केंद्र में मतदाता के अतिरिक्त किसी अन्य व्यक्ति का प्रवेश नहीं हो सकता। उम्मीदवार और उनके समर्थक मतदान केंद्र से एक निश्चित दूरी पर ही खड़े हो सकते हैं।



बूथ में घुसकर मांग रहे थे वोट

हाई कोर्ट में अव्यवस्था का आलम यह था कि उम्मीदवार और उनके समर्थक मतदान केंद्र में खुलेआम घूम रहे थे और मतदाताओं से वोट मांग रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कुछ उम्मीदवारों की जेब में 15—20 मतपत्र रखे हुए थे। चारों और अफरा-तफरी का आलम था। ​कुछ उम्मीदवारों ने फर्जी मतदान होने के आरोप लगाए और मतदान ​रद्ध करने की मांग की। हंगामा बढ़ने और स्थितियां बेकाबू होने पर निर्वा​चन अधिकारी बसंत सिंह छाबा ने करीब 11 बजे मतदान रद्ध करने की घोषणा कर दी।



सैशन कोर्ट में भी रद्द हुआ मतदान

जयपुर के बनीपार्क स्थित सैशन कोर्ट में मतदान तो सुबह समय से शुरु हो गया था और 12 बजे तक आराम से मतदान होता रहा। लेकिन, यहां भी अचानक से फर्जी मतदान की सूचना मिलने से हंगामा होना शुरु हो गया। हंगामा बढ़ने के कारण और वकीलों के दबाव में यहां भी मतदान रद्ध कर दिया गया।



सांगानेर में मतदान रद्द करने की मांग

जयपुर की सांगानेर कोर्ट परिसर में वकीलों बैलेट पेपर पर नंबर होने का विरोध किया और कहा कि इससे मतदान की गोपनीयता भंग हो रही है। विरोध करने वाले वकीलों का कहना था कि बैलेट पेपर की काउंटर स्लिप पर ही नंबर हो सकते हैं ना कि बैलेट पेपर पर। लेकिन यहां बैलेट पेपर पर भी नंबर ​छपे हुए हैं। इससे मतदान की गोपनीयता ही नहीं रही। हालांकि सांगानेर में निर्वाचन अधिकारी और एसडीएम ने मतदान रद्ध करने पर मतदान खत्म होने के आधा घंटे पहले तक कोई फैसला नहीं हुआ था।



23 पदों के लिए 234 प्रत्याशी मैदान में

करीब तीन साल की देरी से 8 वर्ष बाद हो रहे इन चुनाव में 23 पदों के लिए 234 प्रत्याशी मैदान में हैं। कुल 258 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं। प्रदेश के 84 हजार 247 वकील मतदान करेंगे।



बार काउंसिल के इतिहास में पहली बार प्रत्यक्ष निर्वाचन वाले 23 में से 5 पद महिलाओं के लिए आरक्षित किए हैं। इन 5 आरक्षित सीटों पर कब्जा जमाने के लिए 57 महिला प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। इसका सीधा अर्थ है कि प्रत्येक आरक्षित सीट पर औसतन 11 महिलाओं के बीच कड़ा मुकाबला है। महिला उम्मीदवारों का उत्साह ऐतिहासिक है। 2 पदों पर महिलाओं को मनोनीत किया जाएगा।



सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में वोटिंग

यह पूरी चुनाव प्रक्रिया एकल हस्तांतरणीय मत प्रणाली से पूरी होगी। इसमें वकील एक ही वोट देंगे, लेकिन उन्हें मतपत्र पर उम्मीदवारों को 1, 2, 3 के वरीयता क्रम में अंकित करना होगा। मतदान प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाने के लिए सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश सुधांशु धूलिया देशभर के चुनावों की निगरानी कर रहे हैं।



राजस्थान के लिए दिल्ली हाई कोर्ट के पूर्व जस्टिस जेआर मिड्ढा की तीन सदस्यीय समिति और राजस्थान हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश मनोज गर्ग को ऑब्जर्वर नियुक्त किया गया है। राजस्थान के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की जिम्मेदारी वरिष्ठ अधिवक्ता सचिन आचार्य के पास है।



एक महीने में पूरी होगी मतगणना

मतदान के बाद सभी मतपेटियां डिस्ट्रिक्ट जज के पास जमा करवाई जाएंगी। जो अगले दिन पुलिस सुरक्षा में जोधपुर पहुंचेंगी। 29 अप्रैल से मतगणना शुरू होगी जो कि करीब एक महीने में पूरी होगी।



ये भी पढे़:-

रिटायर्ड अधिकारी की जमीन हड़पने का आरोप, रात में दीवार तोड़कर कब्जे की कोशिश



बाड़मेर जिले में स्कूल बस हादसा, ट्रक की टक्कर से एक बच्चे की मौत, 20 घायल



विधायक पुत्री के प्रमाण-पत्र जांचने हॉस्पिटल पहुंची SOG, फर्जी दिव्यांग सर्टिफिकेट का है मामला



राजस्थान में बीटी कपास उगाने की तैयारी, 34 कंपनियों को मिली हरी झंडी, सख्त नियमों का करना होगा पालन



Tags:
  • राजस्थान हाई कोर्ट
  • मतदान
  • निर्वाचन अधिकारी
  • दिल्ली हाई कोर्ट
  • राजस्थान बार काउंसिल