विधायक के बेटे पर करोड़ों की धोखाधड़ी का आरोप, असम का टेंडर दिलाने के नाम पर 4.81 करोड़ की ठगी
News In Short
- भाजपा विधायक गोपाल खंडेलवाल के पुत्र मुकेश पर लगे धोखाधड़ी के गंभीर आरोप।
- मुकेश ने असम का टेंडर दिलाने के लिए व्यापारी से ठगे 4.81 करोड़ रुपए।
- विश्वास जीतने के लिए फर्जी वर्क ऑर्डर और फर्जी एमओयू भी तैयार करवाए।
- पीड़ित ने असम सचिवालय में पड़ताल तो खुला विधायक पुत्र के फर्जीवाड़े का खेल।
- पुलिस ने मुकेश समेत तीन लोगों के खिलाफ दर्ज किया धोखाधड़ी का मामला।
News In Detail
Jaipur: राजस्थान में भीलवाड़ा जिले के मांडलगढ़ से भाजपा विधायक गोपाल खंडेलवाल के बेटे मुकेश खंडेलवाल पर धोखाधड़ी का बड़ा मामला सामने आया है। मुकेश पर असम सरकार का 15 करोड़ रुपये का स्कूल यूनिफॉर्म टेंडर दिलाने का झांसा देकर एक कपड़ा कारोबारी से 4.81 करोड़ रुपये वसूलने के गंभीर आरोप लगे हैं। इस मामले में अहमदाबाद के एक व्यापारी की शिकायत पर पुलिस ने मुकेश सहित तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
कैसे बुना गया धोखाधड़ी का जाल?
शिकायतकर्ता अनिल कुमार के अनुसार यह मामला साल 2022 में शुरू हुआ था। आरोप है कि मुकेश खंडेलवाल ने खुद को सरकारी तंत्र में ऊंची पहुंच वाला व्यक्ति बताते हुए कारोबारी को असम सरकार का टेंडर दिलाने का झांसा दिया। विश्वास जीतने के लिए मुकेश ने कथित तौर पर असम सरकार के नाम के फर्जी वर्क ऑर्डर और फर्जी मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग भी दिखाया। व्यापारी को भरोसे में लेने के लिए मुकेश उसे गुवाहाटी भी लेकर गया, जहां उसे गुवाहाटी सचिवालय के पास एक दलाली के नाम पर फर्जी ऑफिस दिखाया गया।
करोड़ों का भुगतान, फर्जीवाड़े का खुलासा
जानकारी के अनुसार टेंडर की प्रक्रिया और अन्य खर्चों के नाम पर मुकेश खंडेलवाल ने जनवरी 2023 से अप्रैल 2023 के बीच किश्तों में कुल 4.81 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की। इसमें से 2.66 करोड़ रुपये की यूनिफॉर्म मंगवाई गई, लेकिन इसका भुगतान नहीं किया गया। मुकेश ने दलाली के नाम पर 2.15 करोड़ रुपये हवाला के माध्यम से मंगवाए।
धोखाधड़ी का पता तब चला जब काफी समय बीत जाने के बाद भी टेंडर को लेकर संशय बना रहा। जब पीड़ित व्यापारी ने टेंडर की पड़ताल की और असम सचिवालय जाकर जांच की तो पता चला कि उसके पास मौजूद सभी दस्तावेज और वर्क ऑर्डर पूरी तरह से फर्जी थे।
शिकायत और कानूनी कार्रवाई
धोखाधड़ी का पता चलने पर पीड़ित व्यापारी ने विधायक पुत्र से रकम वापस मांगी। आरोप है कि सुयश ने शुरू में तो पैसे लौटाने का आश्वासन दिया, लेकिन बाद में मुकर गया। शिकायतकर्ता ने यह भी बताया कि इस पूरे सौदे के दौरान उसे जयपुर बुलाकर विधायक गोपाल खंडेलवाल से भी मिलवाया गया था, जिससे उसे सुयश की बातों पर पूरा भरोसा हो गया।
पुलिस ने इस मामले में मुकेश खंडेलवाल और उनके दो अन्य सहयोगियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। विधायक के बेटे का नाम आने के कारण यह मामला अब राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा का विषय बन गया है।
विधायक पुत्र का ठगी से इनकार
उधर, विधायक पुत्र मुकेश खंडेलवाल का कहना है कि उसने कोई ठगी नहीं की है। व्यापारी से हमारा एग्रीमेंट हआ था। बाद में हमने उसकी राशि लौटा दी। व्यापारी हमे बदनाम करने के लिए ऐसा कर रहा है।
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