सरकारी स्कूलों के छात्रों को बड़ा तोहफा, राजस्थान बोर्ड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को सिलेबस में करेगा शामिल

Jageshwar Prasad | Oct 29, 2026, 12:21 IST
राजस्थान बोर्ड का बड़ा कदम: अब 10वीं-12वीं के छात्र पढ़ेंगे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अपने पाठ्यक्रम में एक ऐतिहासिक और आधुनिक बदलाव करने की तैयारी में है। बोर्ड ने दसवीं कक्षा में कंप्यूटर विज्ञान और बारहवीं कक्षा में आईटी व कंप्यूटर साइंस विषय के साथ 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' (AI) को एक नए विषय के रूप में जोड़ने का निर्णय लिया है। सब कुछ योजना के अनुरूप रहा, तो आगामी सत्र 2027-28 से 10वीं और 12वीं के विद्यार्थी एआई की पढ़ाई करेंगे।

विषय विशेषज्ञों के अनुसार, नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत स्कूल स्तर से ही एआई, कोडिंग और डेटा साइंस की शिक्षा देना अनिवार्य किया जा चुका है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) पहले ही 2023 में 9वीं से 12वीं कक्षा तक एआई को स्किल विषय के रूप में शामिल कर चुका है। इसी पैटर्न को अपनाते हुए राजस्थान बोर्ड ने पाठ्यक्रम रिवीजन कमेटी का गठन कर इस पर काम शुरू करवा दिया है।




विद्यार्थियों को मिलेंगे बड़े फायदे

इस बदलाव से प्रदेश के सरकारी स्कूलों के लाखों छात्रों को सीधा लाभ मिलेगा। वर्तमान में 10वीं कक्षा तक कंप्यूटर की पढ़ाई मुख्य रूप से एमएस वर्ड और एक्सेल तक ही सीमित है। लेकिन पाठ्यक्रम में एआई के जुड़ने से विद्यार्थी चैटजीपीटी (ChatGPT), मशीन लर्निंग और डेटा के बेसिक ज्ञान से परिचित हो सकेंगे।



वहीं, 12वीं कक्षा में एआई की पढ़ाई पूरी करने के बाद छात्र-छात्राएं सीधे जॉब मार्केट के लिए तैयार हो सकेंगे। उन्हें स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद ही इंजीनियर, डेटा लेबलिंग और एआई ऑपरेटर जैसे स्किल-बेस्ड जॉब मिलने की संभावना बढ़ जाएगी। इसके अलावा, जेईई (JEE), सीयूईटी (CUET) और विदेशी शिक्षण संस्थानों में उच्च शिक्षा के प्रवेश के दौरान एआई प्रोजेक्ट सर्टिफिकेट भी छात्रों के लिए बेहद मददगार साबित होगा।




गांवों और दूरदराज के विद्यार्थियों को मिलेगा बराबर मौका

अब तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की शिक्षा राजस्थान में मुख्य रूप से जयपुर और कोटा जैसे बड़े शहरों के निजी कोचिंग संस्थानों तक ही सीमित थी। राजस्थान बोर्ड के सिलेबस में इसे शामिल किए जाने से प्रदेशभर के ग्रामीण और सरकारी स्कूलों के छात्र-छात्राओं को भी बराबरी के अवसर मिल सकेंगे। हालांकि, सरकारी स्कूलों में कंप्यूटर लैब, हाई-स्पीड इंटरनेट और प्रशिक्षित शिक्षकों की व्यवस्था करना प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती जरूर होगी।




बोर्ड परीक्षा के आंकड़े एक नजर में

  • कुल परीक्षार्थी: सालाना 20 लाख से अधिक
  • 10वीं के परीक्षार्थी: 12 लाख से ज्यादा (परीक्षाएं फरवरी और मई में दो चरणों में)
  • 12वीं के परीक्षार्थी: 8.50 लाख से ज्यादा (कला, वाणिज्य और विज्ञान संकाय में आईटी व कंप्यूटर विषय उपलब्ध)

राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) के सचिव कैलाश चन्द्र शर्मा ने बताया कि बोर्ड कक्षाओं के पाठ्यक्रम में एनईपी के तहत बदलाव किया जा रहा है। अगले सत्र से नया पाठ्यक्रम लागू किया जाना है। इसके लिए विषय विशेषज्ञों की विभिन्न स्तर पर कार्यशाला करवाई जा रही हैं। एनईपी में एआई भी शामिल है। दसवीं-बारहवीं में आईटी और कम्प्यूटर सांइस के विषय में भी बदलाव कर शुरुआती स्तर पर एआई को इसमें जोड़ने पर विचार किया जा रहा है।





FAQs

  1. राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने 10वीं और 12वीं कक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) विषय को कब से शामिल करने का निर्णय लिया है?
    राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने योजना बनाई है कि आगामी सत्र 2027-28 से 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की पढ़ाई कराई जाएगी।
  2. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) विषय से विद्यार्थियों को कौन से फायदे होंगे?
    इस बदलाव से प्रदेश के सरकारी स्कूलों के लाखों छात्रों को लाभ पहुंचेगा, क्योंकि वे चैटजीपीटी, मशीन लर्निंग और डेटा के बेसिक ज्ञान से परिचित हो सकेंगे और स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद विभिन्न स्किल-बेस्ड जॉब के लिए तैयार हो जाएंगे।
  3. गांवों और दूरदराज के छात्रों को AI शिक्षा में कैसे अवसर मिलेंगे?
    आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की शिक्षा अब केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि राजस्थान बोर्ड के सिलेबस में इसे शामिल करने से ग्रामीण और सरकारी स्कूलों के छात्रों को भी बराबरी के अवसर मिल सकेंगे
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