विधानसभा में राइट टू हेल्थ एक्ट पर हंगामा, चिकित्सा मत्री के जवाब पर हुई तीखी नोकझोंक

Purshottam Kumar Joshi | Feb 12, 2026, 13:40 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान विधानसभा में गुरूवार को राइट टू हेल्थ एक्ट को लेकर हंगामा हुआ। बूंदी विधायक हरिमोहन शर्मा ने एक्ट में नियम तय करने का सवाल पूछा तो चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के जवाब पर तीखी नोंक झोंक हो गई।

News in short

  • राजस्थान विधानसभा में राइट टू हेल्थ एक्ट पर तीखी बहस हुई।
  • बूंदी विधायक हरिमोहन शर्मा ने एक्ट के नियमों पर सवाल उठाया, मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने जवाब दिया।
  • मंत्री खींवसर ने कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि यह एक्ट चुनावी फायदे के लिए लाया गया था।
  • विपक्षी विधायक मंत्री के जवाब से असंतुष्ट होकर सदन से वॉकआउट कर गए।
  • स्पीकर ने विपक्ष के हंगामे पर चेतावनी दी और कार्यवाही स्थगित करने की धमकी दी।

News in Detail

राजस्थान विधानसभा में गुरुवार को राइट टू हेल्थ से जुड़े सवाल को लेकर हंगामा हुआ। दरअसल, बूंदी विधायक हरिमोहन शर्मा ने राइट टू हेल्थ एक्ट में नियम तय करने को लेकर प्रश्नकाल में सवाल पूछा। इस पर चिकित्सा एवं स्वास्थ मत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने जैसे ही सवाल का जवाब देना शुरू किया तो शर्मा नाराज हो गए। मंत्री खींवसर ने कांग्रेस की सरकार पर सवाल उठाए तो विधायक शर्मा ने कहा कि आप कब तक नियम तय करेंगे। योजनाएं तो चला रहे है, लेकिन एक्ट के नियम तो तय किजिए।



मंत्री के जवाब पर कांग्रेस विधायकों का हंगामा

विधानसभा में राइट टू हेल्थ एक्ट को लेकर कांग्रेस विधायक हरिमोहन शर्मा के सवाल के जवाब में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि चुनावी फायदे के लिए जाते जाते कांग्रेस सरकार यह बिल लाई थी। इसमें सबकी राय नहीं ली गई थी। आचार संहिता से ठीक पहले यह कानून लाए।



मंत्री के जवाब पर पहले गोविंद सिंह डोटासरा ने टोका तो हल्की नोकझोंक हुई। इसके बाद हरिमोहन शर्मा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने मंत्री के जवाब पर सवाल उठाते हुए राइट टू हेल्थ कानून के नियम लागू करने या न करने पर सरकार का रुख साफ करने को कहा।



स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मां योजना के तहत सभी तरह का फ्री इलाज मिल रहा है, इसलिए इस कानून की जरूरत ही नहीं है। इसी दौरान नेता प्रतिपक्ष ने टोका तो स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि आप आचार संहिता लागू होने से पहले ही यह कानून क्यों लाए। दोनों के बीच नोकझोंक के बाद कांग्रेस विधायकों ने वेल में आकर हंगामा शुरू कर दिया।



स्पीकर ने दी कार्यवाही स्थगित की चेतावनी

विधानसभा में राइट टू हेल्थ एक्ट के नियमों से जुड़े सवाल पर चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के जवाब पर जमकर नोकझोंक और हंगामा हुआ। विपक्ष के हंगामे से नाराज स्पीकर वासुदेव देवनानी ने कहा- अगर यही रुख रहा तो दिन भर के लिए कार्यवाही स्थगित कर दूंगा। मंत्री के जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस के विधायक सदन से बाहर चले गए।



विपक्ष का सदन से वॉक आउट

विधानसभा स्पीकर वासुदेव देवनानी ने विपक्ष के हंगामे पर कहा कि दिन भर के लिए कार्यवाही स्थगित कर दूंगा। कांग्रसे के हंगामे पर स्पीकर ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि अगर यही रुख रहा तो दिन भर के लिए कार्यवाही स्थगित कर दूंगा। इसके बाद भी हंगामा जारी रहा।



नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि राजस्थान की जनता जानना चाहती है कि सरकार का राइट टू हेल्थ कानून लागू करना चाहती है या नहीं। इस पर रुख साफ करे। सबसे पहले राजस्थान में यह कानून आया था। आप नियम क्यों नहीं बना रहे? आप बताइए बताइए राजस्थान की जनता के स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहते हैं या नहीं? स्वास्थ्य मंत्री ने कहा आप बताइए आचार संहिता से पहले क्यों लेकर आए? इसी बीच स्पीकर ने अगला सवाल पुकार लिया। नाराज कांग्रेस विधायक सदन से वॉकआउट करके चले गए।



बजट के बाद घोषणाओं की परंपरा

विधानसभा बजट सत्र मेंबहस शुरू होने से पहले विधानसभा में कार्य सलाहकार समिति की बैठक में हुए फैसलों की जानकारी दी गई। सरकारी मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग बीएसी के फैसलों का प्रतिवेदन पढ़कर सुनाया।



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