राजस्थान खनन विभाग में करोड़ों का झोल, कैग रिपोर्ट पर कांग्रेस हमलावर
समझें क्या है पूरा मामला
- कैग रिपोर्ट ने खोली राजस्थान खनन विभाग की पोल।
- खजाने को लगी 1,550 करोड़ रुपए की बड़ी चपत।
- 44 खनन पट्टों से 23.83 लाख टन अवैध खनन।
- 7,498 मामलों में सामने आईं गंभीर वित्तीय गड़बड़ियां।
- कांग्रेस का आरोप- गड़बड़ी छुपाने को सत्र छोटा किया।
राजस्थान विधानसभा के मानसून सत्र में कैग की ऑडिट रिपोर्ट पेश की गई है। इस रिपोर्ट ने खनन विभाग में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमिताएं उजागर की हैं।
विभाग की 23 इकाइयों के 14,473 मामलों की जांच की गई थी। इनमें से 7,498 मामलों में गंभीर गड़बड़ियां पाई गईं। इसके कारण सरकारी खजाने को 1,550.79 करोड़ रुपए के राजस्व का नुकसान हुआ।
कैग की जांच में पाया गया कि राज्य में स्वीकृत सीमा से अधिक खनन किया गया। कई स्थानों पर सुरक्षा राशि जब्त नहीं की गई। नियमानुसार जुर्माना और ब्याज वसूलने में भी बड़ी लापरवाही बरती गई है।
जांच का सबसे चौंकाने वाला पहलू अवैध खनन से जुड़ा है। कुल 44 खनन पट्टों से 23.83 लाख मीट्रिक टन खनिज बिना अनुमति के निकाला गया। विभाग अवैध रूप से निकाले गए खनिज की पूरी लागत वसूलने में नाकाम रहा।
बिना स्वीकृत योजना के निकाला खनिज
रिपोर्ट के मुताबिक पांच खनिज अभियंताओं के क्षेत्र में बड़ा खेल हुआ। यहां 15 पट्टाधारकों ने बिना किसी स्वीकृत योजना के 8.01 लाख मीट्रिक टन खनिज का उत्पादन कर लिया। इस मामले में 33.22 करोड़ रुपए की मांग तो दर्ज की गई, लेकिन विभागीय निगरानी की पोल खुल गई।
इसके अलावा दस खनिज अभियंताओं ने अवैध खनन पर समय पर कार्रवाई नहीं की। इस कारण सरकार की 192.72 करोड़ रुपए की वसूली अटक गई। वहीं निर्धारित मात्रा से 3.73 लाख मीट्रिक टन अधिक खनिज निकाला गया। इसके लिए 19.41 करोड़ की मांग तक नहीं भेजी गई।
1,386 करोड़ की पुरानी वसूली भी पेंडिंग
रिपोर्ट में वित्तीय वर्ष 2023-24 के आंकड़ों का भी जिक्र है। इस दौरान विभाग ने 8,005 मामलों में 1,386.55 करोड़ रुपए की कम वसूली स्वीकार की थी। इनमें 1,382.79 करोड़ रुपए पुराने मामलों से जुड़े थे। विभाग इन पुराने मामलों में महज 2.92 करोड़ रुपए ही वसूल सका।
कैग ने विभागीय निगरानी और जवाबदेही पर सीधे सवाल खड़े किए हैं। इतनी बड़ी राशि की वसूली न होना यह दिखाता है कि निगरानी तंत्र में गंभीर कमियां हैं। सरकार के सामने अब बकाए की वसूली और दोषियों पर कार्रवाई की चुनौती है।
कांग्रेस ने सरकार को घेरा
कैग रिपोर्ट सामने आते ही सियासत गरमा गई है। कांग्रेस के उप मुख्य सचेतक और कांग्रेस विधायक रफीक खान ने सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने इन गड़बड़ियों को छुपाने के लिए जानबूझकर विधानसभा का मानसून सत्र छोटा चलाया।
रफीक खान ने आरोप लगाया कि प्रदेश की खनिज संपदा की खुलेआम लूट हुई है। अरावली क्षेत्र में अवैध खनन को बढ़ावा दिया गया। उन्होंने कहा कि कैग की रिपोर्ट ने सरकार की पोल खोल दी है और अब सरकार अपनी जवाबदेही से भाग नहीं सकती।
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