दो लाख से अधिक के नकद लेन-देन पर सख्ती, अब आयकर विभाग को देनी होगी सूचना
News In Short
- राजस्थान में दो लाख से अधिक के नकद लेन-देन पर सख्ती।
- प्रदेश के विधि व विधिक कार्य विभाग ने जारी किए आदेश।
- सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अनुपालना में जारी हुए आदेश।
- दो लाख नकद लेन-देन की आयकर विभाग को देनी होगी सूचना।
- अदालत और रजिस्ट्रार के लिए भी किया अनिवार्य।
News In Detail
राजस्थान में दो लाख या इससे अधिक के नकद लेन-देन पर सख्ती बरतनी शुरु हो गई है। प्रदेश के विधि व विधिक कार्य विभाग ने इस संबंध में सकुर्लर जारी किया है। आदेश के अनुसार यदि किसी सिविल केस में 2 लाख रुपए या उससे अधिक का नकद लेन-देन होता है तो इसकी सूचना अनिवार्य रूप से संबंधित क्षेत्रीय आयकर विभाग को देनी होगी। सरकार ने यह कदम सुप्रीम कोर्ट के 2025 में आयकर अधिनियम की धारा 269 एसटी का उल्लंघन करने के मामले में दिया था। आयकर अधिनियम की धारा 269 एसटी के तहत बड़े नकद लेन-देन पर प्रतिबंध है।
कोर्ट और सब-रजिस्ट्रार तो देंगे ही सूचना
सकुर्लर में कहा है कि यदि आयकर विभाग को कोर्ट या अन्य माध्यम से इस प्रकार की जानकारी मिलती है तो विभाग को कानून के अनुसार कार्रवाई करनी होगी। प्रोपर्टी के रजिस्ट्रेशन के दौरान यदि दो लाख रुपए या उससे ज्यादा की राशि नकद भुगतान के रूप में बताई तो संबंधित डिप्टी रजिस्ट्रार को भी इसकी सूचना आयकर विभाग को देनी होगी। जानकारी नहीं देने वाले डिप्टी रजिस्ट्रार के विरुद्ध अनुशनात्मक कार्यवाही के लिए मुख्य सचिव को सूचना दी जाएगी।
नोटेरी पब्लिक को भी देनी होगी सूचना
सकुर्लर के अनुसार अब नोटरी पब्लिक को दो लाख रुपए नगर लेन-देन के दस्तावेजों का सत्यापन करने पर इसकी सूचना आयकर विभाग को देनी होगी। राजस्थान में नोटरी पब्लिक बड़ी तादाद में ऐसे दस्तावेजों का सत्यापन करते हैं जिनमें दो लाख या उससे अधिक के नकद लेन-देन शामिल हैं।
ऐसे में अब नोटरी पब्लिक को भी यह सुनिश्चित करना होगा कि इस तरह के मामलों की पूरी जानकारी आयकर विभाग को भेजी जाए। सरकार ने चेतावनी दी है कि यदि कोई नोटरी पब्लिक या संबंधित अधिकारी इस निर्देश का पालन नहीं करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यह कदम काले धन पर अंकुश लगाने और पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है। सरकार के इस आदेश से राज्य में बड़े नकद लेन-देन पर निगरानी और कड़ी होगी ओर कर चोरी पर भी लगाम लगेगी।
निर्धारित प्रारुप में देनी होगी जानकारी
इस संबंध में एक निर्धारित प्रारूप भी जारी किया गया है। जिसमें विक्रेता, क्रेता, संपत्ति का विवरण, कुल राशि, नकद में दी गई राशि और दस्तावेज की प्रति जैसी जानकारी देनी होंगी।
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