जलदाय मंत्री का अजीबो गरीब बयान, भ्रष्ट कर्मचारियों पर कार्रवाई से हो जाएगा डिपार्टमेंट खाली

Ashish Bhardwaj | Apr 26, 2026, 21:37 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान सरकार भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है। लेकिन जलदाय मंत्री का एक बयान काफी वायरल हो रहा है। यह बयान भ्रष्ट कर्मचारियों का बचाव करता हुआ नजर आता है।

News In Short

  • जल जीवन मिशन में भ्रष्टाचार पर मंत्री का विवादित बयान आया सामने ।
  • जलदाय मंत्री कहा कि गर्मी में पेयजल संकट के चलते कर्मचारियों पर नहीं की जा सकती कार्रवाई।
  • मंत्री के बयान ने भ्रष्ट कर्मचारियों का किया बचाव ।

News In Detail

राजस्थान सरकार भ्रष्टाचार करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। हाल ही में जल जीवन मिशन (JJM) की परियोजनाओं में भ्रष्टाचार करने वाले इंजीनियरों के खिलाफ कार्रवाई ना करने के जलदाय मंत्री के बयान ने नया विवाद खड़ा कर रहा है। मंत्री के बयान ने सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति पर भी सवाल उठा दिए हैं।



क्या बोले मंत्री जी

जलदाय मंत्री कन्हैया लाल चौधरी ने बयान दिया कि गर्मी के दौरान पेयजल संकट को ध्यान में रखते हुए है। अगर अफसरों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाती है, तो विभाग के पास काम करने वाले लोग नहीं रहेंगे। यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है, और इसके बाद भ्रष्ट अभियंताओं को बचाने की चर्चाएं भी सामने आने लगी हैं।



जल जीवन मिशन (JJM) में 20 हजार करोड़ का घोटाला

पेयजल प्रबंधन की योजनाओं में भ्रष्टाचार की जांच में एक बड़ा घोटाला सामने आया है। जल जीवन मिशन (JJM) के तहत करीब 20 हजार करोड़ रुपये का भ्रष्टाचार किया गया था। इस घोटाले में उच्च दरों पर टेंडर जारी किए गए और फर्जी प्रमाण पत्रों का इस्तेमाल किया गया। जलदाय विभाग के पूर्व मंत्री महेश जोशी, पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव सुबोध अग्रवाल, तीन मुख्य अभियंता समेत 10 इंजीनियर जेल जा चुके हैं।



भ्रष्टाचार के खिलाफ अब तक की कार्रवाई

अब तक जल जीवन मिशन में भ्रष्टाचार करने वाले कई अभियंताओं और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। इनमें से कुछ को गिरफ्तार किया गया है, जबकि कुछ को निलंबित किया गया है।



गिरफ्तार किए गए अभियंता

पूर्व IAS सुबोध अग्रवाल



दिनेश गोयल (मुख्य अभियंता)



केडी गुप्ता (सीई, ग्रामीण)



सुभांशु दीक्षित (तत्कालीन सचिव, आरडब्ल्यूएसएसएमएसी)



विशाल सक्सेना (अधिशासी अभियंता)



अरुण श्रीवास्तव (अतिरिक्त मुख्य अभियंता, सेवानिवृत्त)



दिलीप कुमार गौड़ (तत्कालीन मुख्य अभियंता)



सुशील शर्मा (वित्तीय सलाहकार)



निरिल कुमार (मुख्य अभियंता, चूरू)



महेंद्र प्रकाश सोनी (अधीक्षण अभियंता)



क्या जल जीवन मिशन की परियोजनाओं में सुधार संभव है?

अगर जल जीवन मिशन की परियोजनाओं में भ्रष्टाचार से निपटने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, तो इससे न केवल भ्रष्टाचार पर काबू पाया जा सकेगा, बल्कि पेयजल संकट पर भी काबू पाया जा सकता है। इसके लिए मंत्री को भ्रष्ट अभियंताओं पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।



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