राजस्थान में कानून-व्यवस्था को लेकर DGP सख्त, नाकाबंदी में बॉडी कैमरे और साइबर अपराधों में जीरो FIR के निर्देश

Jyoti Mahender Bhardwaj | Oct 14, 2026, 21:05 IST
DGP ने दिए सख्त निर्देश
राजस्थान के DGP राजीव कुमार शर्मा ने कानून-व्यवस्था की समीक्षा बैठक में अपराध नियंत्रण और लंबित मामलों के निस्तारण के निर्देश दिए। नाकाबंदी में बॉडी कैमरे, साइबर अपराधों में जीरो FIR और बढ़ते अपराधों वाले जिलों में विशेष कार्ययोजना पर जोर दिया गया। आगामी पंचायतीराज चुनावों और त्योहारों के मद्देनजर संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त और सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए गए।

राजस्थान में कानून-व्यवस्था मजबूत करने और अपराधों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस मुख्यालय ने सख्ती बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। बुधवार, 14 अक्टूबर को पुलिस मुख्यालय में महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा ने अपराध और कानून-व्यवस्था की समीक्षा बैठक ली। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई बैठक में सभी रेंज के पुलिस महानिरीक्षक और जिलों के पुलिस अधीक्षक जुड़े। बैठक में लंबित मामलों, अपराध नियंत्रण, साइबर ठगी, आगामी पंचायतीराज चुनाव और त्योहारों की सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा हुई।



विवादित मामलों पर रहेगी खास नजर

DGP राजीव कुमार शर्मा ने निर्देश दिए कि ऐसे विवादित मामलों की पहचान की जाए, जिनसे क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका हो। इन मामलों की सूची बनाकर थाना, वृत्त और जिला स्तर पर नियमित समीक्षा की जाएगी। जरूरत पड़ने पर राजस्व और वन विभाग सहित संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर समय रहते कार्रवाई की जाएगी। पुलिस को समझाइश और कानूनी निरोधात्मक कार्रवाई के जरिए विवादों को गंभीर होने से पहले रोकने के निर्देश दिए गए।



लंबित मामलों के निस्तारण की तय होगी जिम्मेदारी

पुलिस थानों में लंबे समय से लंबित मुकदमों को लेकर भी DGP ने अधिकारियों को निर्देश दिए। एक साल से ज्यादा समय से लंबित मामलों की समीक्षा संबंधित पुलिस अधीक्षक करेंगे, जबकि तीन साल से अधिक पुराने मामलों की समीक्षा रेंज आईजी करेंगे। पुराने मुकदमों के साथ लंबित चालान और अंतिम रिपोर्ट के निस्तारण के लिए भी कार्ययोजना बनाने को कहा गया है।



अपराध बढ़ने वाले जिलों को बनानी होगी योजना

बैठक में जिन जिलों में भारतीय न्याय संहिता और भारतीय दंड संहिता के तहत दर्ज मामलों में पांच प्रतिशत से ज्यादा बढ़ोतरी हुई है, उन्हें अपराधों का विश्लेषण कर कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए। महिला अत्याचार के मामलों में बढ़ोतरी वाले जिलों को भी कारणों की समीक्षा कर ठोस कदम उठाने को कहा गया। वहीं, एनडीपीएस एक्ट के तहत कम कार्रवाई करने वाले जिलों को मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान तेज करने के निर्देश दिए गए।



नाकाबंदी में बॉडी कैमरे, नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई

DGP ने नाकाबंदी के दौरान पुलिसकर्मियों को बॉडी कैमरों का इस्तेमाल करने के निर्देश दिए। शराब पीकर गाड़ी चलाने, तेज रफ्तार और संदिग्ध वाहनों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने को कहा गया। अपराध की सूचना मिलने पर पुलिस का रिस्पॉन्स टाइम कम रखने और मौके पर तुरंत पहुंचने पर भी जोर दिया गया।



साइबर अपराध में जीरो FIR पर जोर

साइबर अपराधों के मामलों में पीड़ितों को राहत दिलाने के लिए जीरो एफआईआर दर्ज करने और शिकायतों पर तेजी से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही राजपासा, गुंडा एक्ट और अन्य कानूनी प्रावधानों के जरिए अपराधों की रोकथाम के लिए सक्रिय पुलिसिंग मजबूत करने को कहा गया।



पंचायत चुनाव और त्योहारों के लिए सुरक्षा व्यवस्था

आगामी पंचायतीराज चुनावों और त्योहारों को देखते हुए सभी जिलों को सुरक्षा व्यवस्था की तैयारी करने के निर्देश दिए गए। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सतर्कता, नियमित गश्त, प्रभावी नाकाबंदी और असामाजिक तत्वों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई पर जोर दिया गया। कालिका पेट्रोलिंग यूनिट की फील्ड में मौजूदगी सुनिश्चित करने को भी कहा गया।



DGP ने पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि गंभीर घटनाओं में तुरंत कार्रवाई हो और वरिष्ठ अधिकारी मामलों की निगरानी करें। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था के मामले में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पुलिस का व्यवहार आमजन के प्रति संवेदनशील और सहयोगात्मक होना चाहिए, ताकि लोगों की शिकायतों का समय पर समाधान हो और जनता का भरोसा बना रहे।



Tags:
  • राजस्थान पुलिस
  • DGP राजीव कुमार शर्मा
  • राजस्थान कानून व्यवस्था
  • पुलिस समीक्षा बैठक
  • नाकाबंदी में बॉडी कैमरा
  • साइबर अपराध जीरो FIR
  • राजस्थान पंचायतीराज चुनाव
  • लंबित मुकदमों का निस्तारण
  • Rajasthan Police News
  • Rajasthan DGP Meeting