राजस्थान में जमीन और घर खरीदना हुआ महंगा, 4 महीने में दूसरी बार बढ़ी DLC रेट
समझें क्या है पूरा मामला
- राजस्थान में जमीन-मकान खरीदना हुआ महंगा।
- डीएलसी रेट में 5 से 49 फीसदी तक बढ़ोतरी।
- नई दरों से रजिस्ट्री और संपत्ति की कीमतें बढ़ेंगी।
- जयपुर के बापू बाजार में जमीन सबसे महंगी।
- सैटेलाइट टाउनों में भी बढ़े जमीनों के भाव।
राजस्थान में जमीन और मकान खरीदना अब पहले से महंगा हो गया है। सरकार ने पूरे राज्य में डीएलसी रेट बढ़ा दी हैं। दरों में 5 से 49 फीसदी तक की बढ़ोतरी की गई है। इससे जमीनों की रजिस्ट्री महंगी होने के साथ बाजार कीमतें भी बढ़ेंगी। जयपुर के बापू बाजार में जमीन की दर सबसे ज्यादा दर्ज की गई है।
राजस्थान में संपत्ति खरीदना अब जेब पर भारी पड़ने वाला है। सरकार ने डीएलसी (DLC – District Level Committee) रेट में बड़ा बदलाव किया है। यह नई दरें पूरे राज्य में सोमवार से लागू हो चुकी हैं।
ज्यादातर इलाकों में डीएलसी दरें 5 से 20 फीसदी तक बढ़ाई गई हैं। कुछ इलाकों में तो यह बढ़ोतरी 30 से 49 फीसदी तक की गई है। ऐसा उन जगहों पर हुआ जहां पुरानी दरें बहुत कम थीं, लेकिन खुले बाजार में जमीनों के भाव कई गुना ज्यादा चल रहे थे।
कब और कैसे तय हुई नई दरें
राजस्थान सरकार ने मई महीने में सभी जिलों से नई डीएलसी दरों के प्रस्ताव मांगे थे। इसके बाद जून के आखिरी सप्ताह तक वित्त विभाग ने इन प्रस्तावों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया।
अब सरकार ने इन नई दरों को 3 अगस्त से लागू कर दिया है। इससे पहले एक अप्रैल 2026 को भी डीएलसी दरों में 10 फीसदी की बढ़ोतरी की गई थी। यानी इस साल यह दूसरी बार है जब जमीनों की सरकारी दरें बढ़ी हैं।
बापू बाजार में जमीन सबसे महंगी
जयपुर की बात करें तो सबसे ज्यादा कीमतें चारदीवारी स्थित बापू बाजार में हैं। यहां 40 से 60 फीट सड़क पर मौजूद जमीन की डीएलसी दर 5 लाख 71 हजार 780 रुपए प्रति वर्गमीटर है।
इसी तरह रामबाग चौराहे से अजमेरी गेट तक दोनों तरफ की 100 फीट चौड़ी कॉमर्शियल जमीन की दर अब 3 लाख रुपए प्रति वर्गमीटर हो गई है। इन इलाकों में व्यापारिक गतिविधियां ज्यादा होने के कारण दरें पहले से ही ऊंची मानी जाती थीं।
सैटेलाइट टाउनों में भी उछले दाम
जयपुर शहर से दूर बसे सैटेलाइट टाउनों में भी जमीनों के भाव तेजी से बढ़े हैं। चौमूं, चाकसू, कालवाड़, जोबनेर, बगरू, बस्सी, फागी, बिचून और दूदू जैसे कस्बों में असर साफ दिखा।
इन इलाकों में कॉमर्शियल डीएलसी दरें 30 हजार से 50 हजार रुपए प्रति वर्गमीटर तक पहुंच गई हैं। चौमूं के आदित्य नगर में यह दर 35,200 से 52,800 रुपए प्रति वर्गमीटर के बीच है। ये दरें सड़क की चौड़ाई के हिसाब से अलग-अलग हैं।
चौमूं की अनाज मंडी में भी जमीनों के भाव 40 हजार 700 से 48,840 रुपए प्रति वर्गमीटर तक पहुंच गए हैं। इससे साफ है कि बढ़ोतरी सिर्फ जयपुर शहर तक सीमित नहीं, बल्कि आसपास के कस्बों तक भी पहुंची है।
आम लोगों की जेब पर क्या पड़ेगा असर
DLC दर बढ़ने का सीधा असर जमीन और मकान की रजिस्ट्री पर पड़ेगा। स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्री शुल्क डीएलसी दर के आधार पर ही तय होते हैं। ऐसे में अब संपत्ति खरीदने वालों को पहले से ज्यादा रकम चुकानी होगी।
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