कलेक्टर के खिलाफ संसद में उठा मामला, उदयपुर सांसद ने ये लगाए गंभीर आरोप
News In Short
- सांसद मन्नालाल रावत ने संसद में प्रतापगढ़ कलेक्टर पर लगाए गंभीर आरोप।
- उदयपुर सांसद ने कहा, डीएमएफ बैठक में कार्यों को रोका जा रहा है।
- सांसद का आरोप, कलेक्टर ने 54 में से सिर्फ 3 कामों को स्वीकृति दी।
- सांसद ने डीएमएफ अध्यक्ष के रूप में सांसद की नियुक्ति की मांग की।
- रावत ने मुख्यमंत्री से भी कलेक्टर के खिलाफ शिकायत की है।
News In Detail
राजस्थान में उदयपुर से भाजपा सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने लोकसभा में प्रतापगढ़ कलेक्टर अंजलि राजौरिया के खिलाफ मामला उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन (DMF) की बैठक में मंजूर किए गए कामों को रोका जा रहा है। प्रतापगढ़ कलेक्टर ने अपने अहंकार के कारण 54 में से केवल 3 कामों को स्वीकृति दी है। उन्होंने कहा कि ऐसे हालात में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के सपने को पूरा करना मुश्किल होगा।
सांसद मन्नालाल रावत ने क्यों उठाया सवाल?
सांसद रावत ने लोकसभा में शून्यकाल के दौरान कहा कि प्रतापगढ़ कलेक्टर ने 54 स्वीकृत कार्यों में से महज 3 को मंजूरी दी। उनका कहना था कि ऐसे कार्यों की स्वीकृति में देरी प्रधानमंत्री के विकास के दृष्टिकोण के खिलाफ है। उन्होंने यह भी कहा कि डीएमएफ के अध्यक्ष के रूप में सांसद को नियुक्त किया जाए, जिससे कार्यों में प्राथमिकता तय की जा सके और जरूरत के कामों में तत्काल निर्णय लिया जा सके।
विकसित भारत 2047 का सपना
रावत ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विकसित भारत 2047 का सपना सभी के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने इस योजना के तहत रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म की बड़ी रणनीति के अंतर्गत काम करने की आवश्यकता जताई। इस रणनीति के परिणाम स्वरूप ही डीएमएफ का गठन हुआ। इसे प्रभावी बनाने के लिए जिला स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता में गवर्निंग काउंसिल बनाई गई।
क्या मांग है सांसद रावत की?
सांसद रावत ने लोकसभा में कहा कि इस मामले की जांच की जानी चाहिए। सभी जिलों में डीएमएफ के अध्यक्ष के रूप में सांसदों की नियुक्ति की जानी चाहिए। इससे यह सुनिश्चित होगा कि आवश्यक कार्यों में तुरंत निर्णय लिया जाए और उनकी प्राथमिकता तय हो सके। रावत ने यह भी मांग की कि 54 स्वीकृत कार्यों को जमीन पर उतारा जाए ताकि जर्जर स्कूल भवनों को सुधारा जा सके और पेयजल को बस्तियों तक पहुंचाया जा सके।
सांसद का मुख्यमंत्री से शिकायत
इससे पहले सांसद मन्नालाल रावत ने मुख्यमंत्री से भी प्रतापगढ़ कलेक्टर की शिकायत की थी और कहा था कि खनिज क्षेत्रों में प्रभावित लोगों को राहत मिलनी चाहिए।
क्या है डीएमएफ?
डीएमएफ यानी डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन सरकारी फंड है। इसका उद्देश्य खनिज संसाधनों से प्रभावित क्षेत्र में विकास कार्यों का संचालन करना है। खनिजों से प्राप्त राजस्व का इस्तेमाल स्थानीय विकास के लिए होता है। इसके लिए कलेक्टर की अध्यक्षता में गवर्निंग काउंसिल का गठन किया जाता है। डीएमएफ का गठन खनिज और धातु विकास विनियमन अधिनियम (KMDRA) 2015 के तहत होता है।
डीएमएफ के तहत क्या हो रहे काम?
डीएमएफ के तहत जो काम स्वीकृत हुए हैं, उनमें स्कूल भवनों की मरम्मत, पेयजल योजना और खनिज प्रभावित क्षेत्रों में स्थानीय विकास योजनाएं शामिल हैं। इन योजनाओं के माध्यम से सरकार का उद्देश्य प्रभावित क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति सुधारना और वहां के निवासियों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाना है।
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