PTI बनने की राह हुई आसान, डीपीएड की 3200 नई सीटों को मिली सरकार की मंजूरी
समझें क्या है पूरा मामला
- राजस्थान में डीपीएड की 3200 नई सीटें बढ़ाने को सरकार की मंजूरी मिली।
- ग्रेड थर्ड पीटीआई बनने की तैयारी कर रहे युवाओं को बड़ी राहत मिलेगी।
- 52 नए संस्थानों ने डीपीएड कोर्स शुरू करने के लिए आवेदन किया है।
- प्रदेश में अभी सिर्फ 100 सीटों पर ही डीपीएड में प्रवेश की सुविधा है।
- राजस्थान में करीब 2500 थर्ड ग्रेड पीटीआई पद खाली है।
राजस्थान में ग्रेड थर्ड पीटीआई बनने का सपना देख रहे युवाओं के लिए राहत की खबर है। सरकार ने डीपीएड की करीब 3200 नई सीटें बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अभी प्रदेश में सिर्फ दो संस्थानों में 100 सीटें ही उपलब्ध हैं। 52 नए संस्थानों ने डीपीएड शुरू करने के लिए आवेदन किया है। अगले शैक्षणिक सत्र से कई नए संस्थानों में यह कोर्स शुरू हो सकता है।
राजस्थान में ग्रेड थर्ड पीटीआई (PTI – Physical Training Instructor) बनने का सपना देख रहे युवाओं के लिए बड़ी राहत की खबर है। राज्य सरकार ने शारीरिक शिक्षा में दो वर्षीय डिप्लोमा यानी डीपीएड (DPEd – Diploma in Physical Education) की सीटों में बड़े स्तर पर बढ़ोतरी की दिशा में कदम बढ़ा दिया है।
सरकार ने प्रदेश में करीब 3200 नई सीटें बढ़ाने के प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। यदि प्रक्रिया तय समय पर पूरी होती है, तो अगले शैक्षणिक सत्र 2027-28 से कई नए संस्थानों में डीपीएड पाठ्यक्रम शुरू हो सकेगा।
अभी सिर्फ दो संस्थानों में मौका
वर्तमान में राजस्थान में डीपीएड पाठ्यक्रम केवल दो संस्थानों में संचालित हो रहा है। इनमें राजकीय शारीरिक शिक्षा कॉलेज, जोधपुर और प्रतापगढ़ का एक निजी संस्थान शामिल है।
दोनों संस्थानों में 50-50 सीटें हैं। यानी पूरे प्रदेश में अभी केवल 100 सीटों पर ही प्रवेश की व्यवस्था है। यह संख्या मांग के मुकाबले बेहद कम मानी जा रही है।
52 संस्थानों ने किया आवेदन
राज्य सरकार के अनुसार सालों बाद राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद यानी एनसीटीई (NCTE – National Council for Teacher Education) ने नए संस्थानों के लिए आवेदन का पोर्टल खोला है। इसके बाद राजस्थान से 52 संस्थानों ने डीपीएड शुरू करने के लिए आवेदन किया है।
इनमें कुछ संस्थानों ने 50 तो कुछ ने 100 सीटों की मांग की है। इसे देखते हुए शिक्षा विभाग ने करीब 3200 नई सीटें बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया।
शिक्षा मंत्री ने दी सैद्धांतिक मंजूरी
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने इस प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। आवेदन करने वाले सभी संस्थानों का अब राज्य सरकार की ओर से भौतिक सत्यापन कराया जाएगा।
प्रारंभिक शिक्षा निदेशक, बीकानेर को इसके लिए निर्देश जारी किए जा चुके हैं। तीन अधिकारियों की टीम प्रत्येक संस्थान का निरीक्षण करेगी।
निरीक्षण के बाद मिलेगी एनओसी
निरीक्षण में एनसीटीई के निर्धारित मानकों के अनुसार सुविधाएं मिलने पर ही राजस्थान सरकारएनओसी (NOC – No Objection Certificate) जारी करेगी। इसके बाद संबंधित संस्थान को डीपीएड पाठ्यक्रम शुरू करने की अनुमति मिल सकेगी।
प्रदेश में खाली हैं 2500 पीटीआई पद
शिक्षा विभाग के अनुसार वर्तमान में प्रदेश में थर्ड ग्रेड पीटीआई के करीब 2500 पद रिक्त हैं। सरकार का मानना है कि डीपीएड संस्थानों और सीटों की संख्या बढ़ने से आने वाले वर्षों में बड़ी संख्या में प्रशिक्षित युवा उपलब्ध होंगे।
इससे स्कूलों में रिक्त पदों को भरने में भी आसानी होगी। यह कदम शिक्षा और रोजगार दोनों स्तर पर फायदेमंद माना जा रहा है।
अगले साल से शुरू होगा नया सत्र
शिक्षा विभाग के अनुसार जोधपुर के सरकारी कॉलेज में इस वर्ष प्रथम वर्ष की प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने की अनुमति पहले ही दी जा चुकी है।
वहीं नए संस्थानों में सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद अगले शैक्षणिक सत्र से डीपीएड पाठ्यक्रम शुरू किया जा सकेगा। डीपीएड पाठ्यक्रम संचालित करने के लिए किसी भी संस्थान का एनसीटीई से मान्यता प्राप्त होना अनिवार्य है।
साथ ही राज्य सरकार की ओर से एनओसी जारी होने के बाद ही इस डिप्लोमा को सरकारी नौकरियों के लिए वैध माना जाएगा।
FAQ
- राजस्थान में डीपीएड सीटें क्यों बढ़ाई जा रही हैं?
प्रदेश में अभी डीपीएड की केवल 100 सीटें हैं, जबकि थर्ड ग्रेड पीटीआई के करीब 2500 पद खाली हैं। इसी कमी को पूरा करने के लिए सरकार ने 3200 नई सीटें बढ़ाने की मंजूरी दी है। - डीपीएड की नई सीटें कब बढ़ाई जाएगी?
सभी औपचारिकताएं और निरीक्षण पूरे होने के बाद अगले शैक्षणिक सत्र 2027-28 से नए संस्थानों में डीपीएड पाठ्यक्रम शुरू हो सकता है। इसके लिए 52 संस्थानों ने पहले ही आवेदन कर दिया है। - संस्थानों को डीपीएड की अनुमति कैसे मिलेगी?
तीन अधिकारियों की टीम हर संस्थान का निरीक्षण करेगी। एनसीटीई के मानकों के अनुसार सुविधाएं मिलने पर ही राज्य सरकार एनओसी जारी करेगी, जिसके बाद संस्थान डीपीएड कोर्स शुरू कर सकेगा।
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