चतुर्थ श्रेणी भर्ती 2024: राज्य निर्वाचन आयोग में प्रोबेशनर ट्रेनी के रूप में हुई नियुक्ति
समझें क्या है पूरा मामला
- राज्य निर्वाचन आयोग में चतुर्थ श्रेणी भर्ती।
- 10 अभ्यर्थियों को नियुक्ति आदेश जारी।
- 12,600 फिक्स मानदेय पर 2 साल प्रोबेशन।
- कर्मचारी चयन बोर्ड ने की थी भर्ती परीक्षा।
- 23 सितंबर को सचिव ने जारी किया आदेश।
राज्य निर्वाचन आयोग राजस्थान जयपुर में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की नियुक्ति हुई है। कर्मचारी चयन बोर्ड की भर्ती परीक्षा 2024 से 10 अभ्यर्थियों का चयन हुआ था। अब उन्हें प्रोबेशनर ट्रेनी के रूप में नियुक्त किया गया है। 23 सितंबर 2026 को आदेश जारी हुआ।
राज्य निर्वाचन आयोग राजस्थान ने आदेश क्रमांक 9236 जारी किया है। दिनांक 23.9.26 को सचिव राजेश वर्मा ने यह आदेश जारी किया।
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड जयपुर ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी सीधी भर्ती परीक्षा 2024 आयोजित की थी। इसमें चयनित 10 अभ्यर्थियों को प्रशासनिक सुधार अनुभाग-3 विभाग को आवंटित किया गया था।
राज्य निर्वाचन आयोग को आवंटित इन अभ्यर्थियों को अब नियुक्ति दी गई है। राजस्थान सेवा नियम एवं राजस्थान चतुर्थ श्रेणी सेवा भर्ती एवं सेवा की अन्य शर्तें नियम 1999 के तहत नियुक्ति हुई है। कार्मिक विभाग की अधिसूचना 20.01.2006 और राजस्थान सिविल सेवा संशोधन वेतनमान नियम 2017 के अनुसार नियुक्ति की गई है।
फिक्स मानदेय और शर्तें
सभी अभ्यर्थियों को 2 साल के लिए परिवीक्षाधीन प्रशिक्षणार्थी प्रोबेशनर ट्रेनी के रूप में रखा गया है। इस दौरान 12,600 रुपए प्रतिमाह फिक्स रिम्यूनरेशन मिलेगा। आयोग ने 21 शर्तें तय की हैं।
अभ्यर्थी को आदेश जारी होने के 10 दिन के भीतर कार्यभार ग्रहण करना होगा। यदि नहीं कर सके तो लिखित में सूचना देनी होगी। अन्यथा नियुक्ति निरस्त मानी जाएगी।
कार्यभार ग्रहण के लिए कोई यात्रा भत्ता नहीं मिलेगा। आचरण और परीक्षा में कमी पाए जाने पर बिना क्षतिपूर्ति सेवा से हटाया जा सकता है।
प्रोबेशन पीरियड में राज्य सरकार द्वारा निर्धारित कर्तव्यों का पालन करना होगा। वार्षिक वेतन वृद्धि नहीं मिलेगी। प्रोबेशन संतोषजनक पूर्ण होने पर लेवल-02 के अनुसार वेतन मिलेगा।
प्रोबेशन में एक कैलेंडर वर्ष में केवल 15 दिन का आकस्मिक अवकाश मिलेगा। अन्य सुविधा राजस्थान सेवा नियमों के अनुसार होगी।
जांच और दस्तावेज वेरिफिकेशन
यह नियुक्ति राजस्थान हाई कोर्ट में विचाराधीन याचिकाओं के अधीन रहेगी। सामाजिक न्याय विभाग के परिपत्रों के अनुसार आरक्षण का पालन किया गया है। दस्तावेज और चरित्र सत्यापन के बाद ही नियुक्ति फाइनल होगी।
यदि कोई दस्तावेज असत्य फर्जी या कूटरचित पाया गया तो सेवा समाप्त कर दी जाएगी। विधिक कार्यवाही भी होगी।
जो अभ्यर्थी पहले से सरकारी सेवा में हैं, उन्हें उचित माध्यम से कार्यमुक्त होने का आदेश, अनापत्ति प्रमाण पत्र और गत भुगतान प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा।
जन्म तिथि सेकेंडरी परीक्षा प्रमाण पत्र के आधार पर अंकित की गई है। यह अपरिवर्तनीय होगी। बोर्ड और विश्वविद्यालय से प्रमाण पत्रों की जांच रिपोर्ट आने तक नियुक्ति प्रोविजनल रहेगी।
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