क्या धार्मिक पर्वों के चलते राजस्थान चुनाव की तारीखें बदलनी चाहिए? विधायक ने उठाई मांग
राजस्थान में पंचायती राज चुनाव के तीसरे चरण के लिए तय 4 और 6 नवंबर 2026 की मतदान तारीखों में बदलाव की मांग उठी है। विधायक डॉ. अरुण चौधरी ने राज्य निर्वाचन आयुक्त को पत्र भेजकर इन तारीखों को बदलकर किसी अन्य उपयुक्त दिन मतदान कराने का आग्रह किया है।
विधायक का कहना है कि निर्धारित तारीखों पर धार्मिक पर्व होने के कारण बड़ी संख्या में मतदाता धार्मिक और सामाजिक आयोजनों में व्यस्त रह सकते हैं। ऐसे में मतदान प्रतिशत प्रभावित होने की आशंका है। उन्होंने चुनाव की तारीख बदलने को मतदाताओं की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए जरूरी बताया है।
धार्मिक पर्व के कारण मतदान प्रभावित होने की आशंका
विधायक ने पत्र में कहा कि 4 और 6 नवंबर को धार्मिक पर्व होने के कारण कई मतदाता अपने सामाजिक और धार्मिक कार्यक्रमों में व्यस्त रहेंगे। ऐसे में उनके लिए मतदान केंद्र तक पहुंचना मुश्किल हो सकता है।
उनका कहना है कि चुनाव लोकतांत्रिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और ज्यादा से ज्यादा लोगों की भागीदारी जरूरी है। अगर बड़ी संख्या में मतदाता किसी वजह से मतदान नहीं कर पाते हैं तो इसका सीधा असर मतदान प्रतिशत पर पड़ सकता है।
रोजगार के लिए बाहर रहने वाले मतदाताओं का भी मुद्दा
विधायक ने मारवाड़ क्षेत्र के उन मतदाताओं की परेशानी का भी जिक्र किया है, जो रोजगार और व्यवसाय के सिलसिले में राजस्थान से बाहर अलग-अलग शहरों और राज्यों में रहते हैं।
त्योहारों के दौरान कई लोग अपने कारोबार और अन्य जरूरी कामों में व्यस्त रहते हैं। ऐसे में निर्धारित तारीख पर उनके अपने निर्वाचन क्षेत्र में पहुंचकर वोट डालने की संभावना कम हो सकती है।
दूसरी तारीख तय करने की मांग
इन परिस्थितियों को देखते हुए विधायक ने राज्य निर्वाचन आयुक्त से 4 और 6 नवंबर की मतदान तारीखों में संशोधन करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि चुनाव के लिए ऐसी तारीख तय की जानी चाहिए, जिससे ज्यादा से ज्यादा मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकें। अब देखना होगा कि राज्य निर्वाचन आयोग इस मांग पर क्या निर्णय लेता है और निर्धारित कार्यक्रम में किसी तरह का बदलाव किया जाता है या नहीं।