विदेश में डॉक्टरी की डिग्री लेकर आए, बनवाया फर्जी सर्टिफिकेट, मास्टर माइंड गिरफ्तार

Purshottam Kumar Joshi | Feb 07, 2026, 14:00 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान में एसओजी ने फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट बनाने वाले रैकेट का खुलासा किया है। इस रैकेट के मास्टर माइंड भानाराम माली उर्फ भानू और इंद्रराज गुर्जर को गिरफ्तार किया है। अब तक फर्जी प्रमाण पत्र बनवाने वाले 73 डॉक्टरों को चिन्हित किया है।

News in Short

  • एसओजी ने फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट बनाने वाले रैकेट का किया पर्दाफाश।
  • 73 डॉक्टरों ने फर्जी एफएमजीई (FMGE) प्रमाणपत्र के लिए ₹20 लाख तक दिए।
  • मुख्य आरोपी को दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया, विदेश भागने की थी योजना।
  • दो आरोपियों भानाराम माली और इंद्रराज सिंह गुर्जर को किया गिरफ्तार।
  • एसओजी ने मामले की जांच तेज की, अब 73 अन्य डॉक्टरों की भूमिका की जांच की जा रही है।

News in Detail

राजस्थान एसओजी (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) ने एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह विदेश से मेडिकल की डिग्री प्राप्त करने वाले छात्रों को फर्जी एफएमजीई प्रमाणपत्र उपलब्ध कराता था। यह रैकेट उन अभ्यर्थियों को प्रमाणपत्र देता था, जिन्होंने विदेशी विश्वविद्यालयों से एमबीबीएस की डिग्री ली थी, लेकिन फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट एग्जाम का स्क्रीनिंग टेस्ट पास नहीं किया था। एसओजी ने मास्टरमाइंड भानाराम माली उर्फ भानू और इंद्रराज गुर्जर को गिरफ्तार किया है।



20 लाख रुपए लेकर बनवाते थे सर्टिफिकेट

आरोपी भानाराम माली उर्फ भानू खुद विदेश से एमबीबीएस की डिग्री लेकर डॉक्टर बना है। इसके जरिए असफल अभ्यर्थियों को 20 लाख रुपये तक लेकर फर्जी प्रमाणपत्र प्रदान करता था। इन प्रमाणपत्रों के आधार पर अभ्यर्थियों ने राजस्थान मेडिकल काउंसिल (RMC) में इंटर्नशिप के लिए आवेदन किया था। अब तक एसओजी ने 73 ऐसे डॉक्टरों को चिह्नित किया है जिन्होंने इस फर्जी तरीके से एमबीबीएस की डिग्री पूरी की और इंटर्नशिप की प्रक्रिया को पास किया।



मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी और फरारी

मुख्य आरोपी भानाराम माली विदेश भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन एसओजी ने उसे दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया। एसओजी के अधिकारियों के मुताबिक, भानाराम पहले थाईलैंड, श्रीलंका, दुबई, कजाकिस्तान और नेपाल में फरार रहा और विभिन्न देशों में छिपता रहा। 2 फरवरी 2026 को मिली जानकारी के आधार पर उसे दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया और अब वह पुलिस हिरासत में है।



कूटरचित प्रमाणपत्र का खुलासा

एसओजी ने जांच के दौरान यह भी पाया कि इंद्रराज सिंह गुर्जर कजाकिस्तान से एमबीबीएस करने के बाद फर्जी एफएमजीई प्रमाणपत्र लेकर राजस्थान में इंटर्नशिप कर चुका था, उसने भानाराम से रुपए लेकर फर्जी प्रमाणपत्र प्राप्त किया था। इसके बाद वह भी अन्य उम्मीदवारों को ऐसे ही प्रमाणपत्र दिलवाने लगा। उसकी गिरफ्तारी दौसा से की गई। उसे अब 10 फरवरी तक पुलिस हिरासत में लिया गया है।



आगे की जांच और कार्रवाई

इस मामले में एसओजी ने 4 फरवरी 2026 को एक नया मामला दर्ज किया है। इसमें 73 अन्य विदेश से एमबीबीएस करने वाले डॉक्टरों की भूमिका की जांच की जा रही है। इन डॉक्टरों ने भी फर्जी प्रमाणपत्रों के माध्यम से भारतीय चिकित्सा प्रणाली में प्रवेश किया था। इससे भारतीय चिकित्सा क्षेत्र की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं।



फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट रैकेट का पर्दाफाश

राजस्थान में एसओजी ने फर्जी एफएमजीई प्रमाणपत्र रैकेट का खुलासा किया है। इसमें 73 डॉक्टर शामिल हैं। इस रैकेट ने असफल अभ्यर्थियों को 20 लाख रुपये तक लेकर फर्जी प्रमाणपत्र प्रदान किए।



मुख्य आरोपी भानाराम माली की गिरफ्तारी

भानाराम माली स्वयं विदेश से एमबीबीएस डॉक्टर है। उसको दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया। उसे विदेश भागने की कोशिश करते हुए पकड़ा गया।



फर्जी सर्टिफिकेट के जरिए असफल उम्मीदवारों की मदद

एसओजी ने पाया कि इंद्रराज सिंह गुर्जर जैसे डॉक्टरों ने फर्जी सर्टिफिकेट के जरिए ऑल इंडिया मेडिकल काउंसिल में रजिस्ट्रेशन कराया था और इंटर्नशिप की। उन्हें भी गिरफ्तार किया गया है।



एसओजी की जांच जारी

एसओजी ने मामले की जांच तेज कर दी है और अब 73 अन्य डॉक्टरों की भूमिका की भी जांच कर रहा है। इस पूरे रैकेट के खुलासे से चिकित्सा प्रणाली में अव्यवस्था की समस्या सामने आई है।



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