राजस्थान के इस जिले में बनेगा दूसरा जापानी जोन, इन उद्योगों को मिलेगी जगह

Ashish Bhardwaj | May 18, 2026, 14:14 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान में अब देश का दूसरा जापानी जोन औद्योगिक विकसित होने जा रहा है। यह जोन कोटपूतली-बहरोड़ जिले के घीलोठ गांव में होगा। इसके लिए RIICO ने 156 हेक्टेयर भूमि यानी करीब 964 बीघा जमीन पर 36 भूखंड प्रस्तावित किए गए हैं।

News In Short

  • कोटपूतली-बहरोड़ जिले के घीलोठ में नया जापानी औद्योगिक जोन किया जा रहा है विकसित।
  • 156 हेक्टेयर भूमि में 36 भूखंड किए गए हैं प्रस्तावित, दो जापानी कंपनियों को आवंटित।
  • यहां ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स और सपोर्ट इंडस्ट्रीज होंगी स्थापित ।
  • घीलोठ जोन विकसित होने से रोजगार और आर्थिक विकास बढ़ेगा।
  • नीमराणा के पहले जापानी जोन के बाद यह देश का दूसरा जोन होगा।

News In Detail

राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं निवेश निगम (RIICO - Rajasthan State Industrial Development & Investment Corporation) कोटपूतली-बहरोड़ जिले के घीलोठ में देश का दूसरा जापानी जोन विकसित कर रहा है।



यह जोन 156 हेक्टेयर भूमि यानी करीब 964 बीघा जमीन पर 36 भूखंड प्रस्तावित किए गए हैं। इनमें से दो प्लॉट जापानी कंपनियों को आवंटित भी कर दिए है।



यहां ऑटोमोबाइल, ऑटो कंपोनेंट, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स और सपोर्ट इंडस्ट्रीज स्थापित होंगी। इस औद्योगिक क्षेत्र के विकसित होने से स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा और अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।



जापानी जोन के साथ भारतीय जोन

रीको के अनुसार जापानी जोन के सामने ही भारतीय जोन भी विकसित किया जाएगा। जापानी जोन के बनने से सड़क, बिजली, पानी और लॉजिस्टिक्स जैसी आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा। पास के कस्बों और गांवों में व्यापारिक गतिविधियां बढ़ेंगी।



अधिकारियों के अनुसार आने वाले समय में कई विदेशी कंपनियां निवेश के लिए यहां आगे आ सकती हैं।



नीमराणा में पहला जापानी जोन

नीमराणा का पहला जापानी जोन कोटपूतली-बहरोड़ जिले में ही आता है। यहां 48 से अधिक जापानी कंपनियों ने करीब 8.34 बिलियन डॉलर का निवेश किया और 26,000 से अधिक लोगों को रोजगार दिया।



नीमराणा से घीलोठ की दूरी करीब 20 किमी है। आने वाले समय में घीलोठ में भी एक बड़ा निवेश आ सकता है।



लोकेशन का महत्व

घीलोठ का चुनाव का मुख्य कारण इसकी लोकेशन है। यह दिल्ली-जयपुर हाईवे और फ्रेट कॉरिडोर के नजदीक होने के कारण यह लोकेशन उद्योगों के लिए उपयुक्त मानी गई। पनियाला हाईवे से दूरी 41 किमी और ट्रांस-हरियाणा एक्सप्रेस-वे पास है। इससे औद्योगिक इकाइयों को ट्रांसपोर्टेशन में कोई दिक्कत नहीं होगी।



11 हजार करोड़ के एमओयू

रीको (RIICO) के अधिकारी कहते हैं कि घीलोठ में नया जापानी जोन विकसित किया जा रहा है। राइजिंग राजस्थान (Rising Rajasthan) में यहां 11,000 करोड़ रुपए के एमओयू किए गए हैं। कृष्ण गोपाल कौशिक, अध्यक्ष, नीमराणा इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ने कहा कि अब तक 45 प्रतिशत धरातल तैयार हो चुका है।



नीमराणा में नए जापानी निवेशकों के लिए भूमि कम पड़ रही थी। इसलिए घीलोठ में दूसरा जापानी जोन विकसित किया जा रहा है। 36 भूखंडों में से दो भूखंड (प्लॉट) जापानी कंपनियों को आवंटित किए जा चुके है।



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