बड़े अफसरों के लिए फरमान, जिलों में जाओ और जमीनी हकीकत जानो, हर महीने होंगे चार नाइट स्टे

Ashish Bhardwaj | Apr 08, 2026, 20:20 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान में शासन सचिवों को जिलों में पहुंचकर वहां नाइट स्टे करने का दौर फिर लौट आया है। प्रशासनिक तंत्र को जमीनी हकीकत से जोड़ने के लिए यह व्यवस्था लागू की जा रही है।

News In Short

  • मुख्य सचिव ने शासन सचिवों के लिए नाइट स्टे का नया टारगेट किया जारी।
  • सचिवों को जिलों में रहकर योजनाओं की करनी होगी निगरानी।
  • हर सचिव को अब हर महीने 4 रातें किसी जिले में ठहरना होगा।
  • आदेश में कहा गया कि कोई भी जिला दोबारा नहीं किया जाएगा।
  • दौरे की रिपोर्ट Times Portal पर अपलोड करना होगा अनिवार्य।

News In Detail

Jaipur: राजस्थान में अब ऊंचे पदों पर बैठे एसीएस, प्रमुख सचिव और सचिवों को केवल फाइलों में नहीं, बल्कि एयरकंडीशन कमरों से बाहर आकर जिलों में समय गुजारना होगा। मुख्य सचिव वी श्रीनिवास की ओर से जारी सर्कुलर में कहा है कि अफसरों के लिए अब हर महीने जिलों का दौरा और वहां कम से कम चार रात्रि विश्राम अनिवार्य रहेगा। सर्कुलर में यह भी निर्देश दिए हैं कि दौरे में कोई भी जिला रिपीट नहीं होना चाहिए।



4 रातें जिलों के नाम

सभी शासन सचिवों को हर महीने जयपुर से बाहर कम से कम 4 रातें किसी जिले में गुजारनी होंगी। यानी अब सचिवों को फील्ड में रहकर ही काम की निगरानी करनी होगी। जिलों के प्रभारी सचिवों को भी अपने आवंटित जिलों में कम से कम एक दिन का रात्रि ठहराव करना होगा और वहां चल रही योजनाओं की समीक्षा करनी होगी।



कोई जिला रिपीट नहीं होगा

आदेश में कहा गया है कि सचिव अपनी यात्रा की प्लानिंग इस तरह करेंगे कि पूरे वित्तीय वर्ष में किसी भी जिले का दौरा दोबारा न हो। मकसद साफ है, प्रदेश का हर कोना कवर होना चाहिए। हर अफसर को महीने में कम से कम एक विभागीय समीक्षा बैठक करनी अनिवार्य होगी, ताकि मुख्यालय और फील्ड के बीच तालमेल बना रहे।



ऑनलाइन और ऑफलाइन रिपोर्टिंग

सर्कुलर के अनुसार अफसरों को अपने दौरे का यात्रा नोट न केवल मुख्य सचिव को सौंपना होगा, बल्कि उसे Times Portal पर भी अपलोड करना होगा। साथ ही मासिक डीओ (DO Letter) में इसका जिक्र करना अनिवार्य होगा।



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