सीएम और मंत्रियों का काफिला होगा छोटा, पीएम मोदी की अपील पर सरकार ने लिया फैसला

Ashish Bhardwaj | May 13, 2026, 09:21 IST
Photograph: (the sootr)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर राजस्थान सरकार भी पेट्रोल—डीजल बचाएगी। प्रदेश में मुख्यमंत्री और मंत्रियों के काफिले में वाहनों की संख्या सीमित होगी।

News In Short

  • प्रधानमंत्री की अपील पर राजस्थान सरकार भी पेट्रोल-डीजल बचाएगी।
  • प्रदेश में मुख्यमंत्री और मंत्रियों का काफिला अब छोटा होगा।
  • सभी मंत्रियों और उच्चाधिकारियों को काफिला छोटा रखने के दिए निर्देश।
  • मुख्य सचिव के माध्यम से सभी विभागों के प्रमुखों और जिला अधिकारियों को दी हिदायत।

News In Short

Jaipur: पीएम नरेंद्र मोदी की पेट्रोल-डीजल बचाने की अपील का राजस्थान में असर दिखा है। प्रदेश में मुख्यमंत्री और मंत्रियों का काफिला अब छोटा होगा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने स्वयं के साथ ही सभी मंत्रियों और उच्चाधिकारियों के काफिलों में वाहनों की संख्या में कटौती करने का निर्णय लिया है।



​ईंधन की बचत

मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार अब सरकारी कार्यक्रमों, जिला दौरों और वीआईपी मूवमेंट के दौरान केवल अत्यंत आवश्यक वाहन ही काफिले का हिस्सा होंगे।



मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि दिखावे और प्रोटोकॉल के नाम पर दर्जनों गाड़ियों को दौड़ाने की संस्कृति अब प्रदेश में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ​सरकार का मानना है कि सड़कों पर गाड़ियों का लंबा रेला न केवल जनता के लिए असुविधा पैदा करता है, बल्कि इससे सरकारी खजाने पर आर्थिक बोझ भी बढ़ता है और पेट्रोल-डीजल की अनावश्यक खपत होती है।



​प्रधानमंत्री की अपील का दिखा असर

इस निर्णय की पृष्ठभूमि 10 मई 2026 को हैदराबाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए उस संबोधन से जुड़ी है, जिसमें उन्होंने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की अस्थिर कीमतों पर चिंता व्यक्त की थी।


प्रधानमंत्री ने वर्क फ्रॉम होम (WFH) और ऑनलाइन मीटिंग्स को बढ़ावा देने की भी वकालत की थी, जिसे राजस्थान के प्रशासनिक ढांचे में लागू करने की योजना पर भी विचार किया जा रहा है।



दिखावा छोड़ें, काम पर ध्यान दें

​मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव के माध्यम से सभी विभागों के प्रमुखों और जिला अधिकारियों को सख्त हिदायत दी है कि वे अपने दौरों के दौरान अनावश्यक तामझाम से बचें।



उन्होंने संदेश दिया है कि अधिकारियों को अपनी ऊर्जा दिखावे के बजाय जनता की समस्याओं को हल करने में लगानी चाहिए।



ये लागू होंगे उपाय

​काफिले का आकार: सीएम और मंत्रियों के काफिले में अब पहले की तुलना में सीमित वाहन होंगे।



अनावश्यक उपयोग पर रोक: जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को निजी या कम महत्वपूर्ण कार्यों के लिए सरकारी वाहनों के उपयोग से बचने की सलाह दी गई है।



​सरकारी खर्च में कटौती: ईंधन की खपत कम होने से परिवहन पर होने वाले सरकारी खर्च में बड़ी बचत की उम्मीद है।



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