सरकारी स्कूलों में अब 'पढ़ाई फर्स्ट', बिना मंजूरी के नहीं हो सकेंगी प्रतियोगी परीक्षाएं

Ashish Bhardwaj | Mar 17, 2026, 19:38 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान के सरकारी स्कूलों में शिक्षा निदेशालय की अनुमति के बिना कोई भी प्रतियोग परीक्षाएं नहीं होंगी। हालांकि, निदेशालय ने आरपीएससी और आरएसएसबी को इस श्रेणी से बाहर रखा है।

News In Short

  • शिक्षा निदेशालय की मंजूरी के बिना स्कूलों में नहीं हो सकेंगी प्रतियोगी परीक्षाएं।
  • केवल राजस्थान लोक सेवा आयोग और कर्मचारी चयन बोर्ड को दी गई है छूट
  • कोई अन्य संस्था को निदेशालय से लेनी होगी औपचारिक अनुमति और स्वीकृति
  • कार्य दिवसों में परीक्षाएं होने से विद्यार्थियों की नियमित क्लास हो रही थी प्रभावित
  • रेगुलर प्रतियोगी परीक्षाओं के कारण बच्चों की पढ़ाई हो रही थी प्रभावित।

News In Detail

जागेश्वर प्रसाद @ जयपुर



राजस्थान शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में शैक्षणिक कार्य को प्रभावी बनाए रखने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब केवल आरपीएससी और कर्मचारी चयन बोर्ड की परीक्षाओं को छोड़कर किसी भी अन्य आयोजन के लिए शिक्षा निदेशालय की हरी झंडी अनिवार्य होगी। शिक्षा विभाग का यह फैसला छात्रों की पढ़ाई में होने वाले व्यवधान को रोकने और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने के उद्देश्य से लिया गया है।



किन परीक्षाओं को मिली है छूट?

शिक्षा निदेशालय के अनुसार अब राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) और राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSMSSB) की परीक्षाओं को छोड़कर अन्य परीक्षाओं के लिए अनुमति जरूरी होगी। निदेशालय का कहना है कि अन्य किसी भी परीक्षा का आयोजन सरकारी स्कूलों में नहीं किया जाएगा।



अनुमति का नया गेटवे

इन प्रमुख परीक्षाओं के अलावा यदि कोई भी अन्य संस्था (जैसे निजी एजेंसी या अन्य बोर्ड) सरकारी स्कूल में परीक्षा आयोजित करना चाहती है तो उसे पहले निदेशालय से औपचारिक अनुमति और स्वीकृति लेनी होगी। बिना पूर्व अनुमति के किसी भी स्कूल परिसर के उपयोग की इजाजत नहीं दी जाएगी।



आखिर क्यों लिया गया यह फैसला?

शिक्षा विभाग का मानना है कि रविवार के अलावा अन्य कार्य दिवसों में भी लगातार परीक्षाएं होने से विद्यार्थियों की नियमित क्लास प्रभावित हो रही थी। बार-बार परीक्षाओं के कारण स्कूलों में अघोषित अवकाश जैसी स्थिति बन जाती थी। इससे कोर्स समय पर पूरा करने में दिक्कत आती थी। विभाग का मानना है कि इस सख्ती से स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा और छात्रों को बेहतर पढ़ाई का माहौल मिलेगा।



निदेशालय से स्वीकृति जरूरी

अब सभी संभागीय संयुक्त निदेशकों को आदेश दिया गया है कि वे राजस्थान लोक सेवा आयोग, कर्मचारी चयन बोर्ड और शिक्षा विभाग द्वारा निर्धारित परीक्षा कार्यक्रम के अलावा कोई अन्य परीक्षा आयोजित करने से पहले निदेशालय से अनुमति लें। इसके बाद ही स्कूल परिसर का उपयोग किया जाएगा।



विद्यार्थियों के लिए राहत

यह निर्णय उन लाखों छात्र-छात्राओं के लिए बड़ी राहत है, जो स्कूल तो आते थे लेकिन अक्सर परीक्षा केंद्र होने के कारण उन्हें वापस लौटना पड़ता था। अब स्कूलों का मुख्य फोकस केवल 'लर्निंग' पर रहेगा।



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