राजस्थान में GST विभाग का एक्शन: 5 जगह जांच, 22.79 करोड़ की टैक्स देनदारी निकली
समझें क्या है पूरा मामला
- राजस्थान में GST विभाग की बड़ी कार्रवाई, 22.79 करोड़ की देनदारी
- 5 ठिकानों पर जांच, 17.93 करोड़ जमा और ITC रिवर्स
- रद्द GST नंबर से ITC तक, टैक्स विभाग ने पकड़ी गड़बड़ियां
- जैसलमेर में सबसे बड़ा मामला, 21 करोड़ की देनदारी
- GST विभाग का एक्शन तेज, पांच प्रतिष्ठान जांच के घेरे में
जयपुर: राजस्थान में टैक्स चोरी और गलत तरीके से इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) लेने वालों के खिलाफ GST विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। विभाग की टीमों ने प्रदेश के अलग-अलग जिलों में 5 प्रतिष्ठानों का सर्वे और जांच किया। जांच के दौरान कुल 22.79 करोड़ रुपए की संभावित टैक्स देनदारी सामने आई है।
कार्रवाई के बाद संबंधित कारोबारियों और कंपनियों की ओर से अब तक 17.93 करोड़ रुपए जमा या ITC रिवर्स किए जा चुके हैं। बाकी रकम को लेकर विभाग की कार्रवाई जारी है।
इन मामलों में भिवाड़ी, सरदारशहर, जोधपुर, बाड़मेर और जैसलमेर के प्रतिष्ठान शामिल हैं। जांच में कहीं पुराने या रद्द GST नंबर वाले कारोबारियों से खरीद पर ITC लेने का मामला सामने आया तो कहीं रिटर्न और ITC में गड़बड़ी मिली।
जैसलमेर की कंपनी में सबसे बड़ी गड़बड़ी
सबसे बड़ी कार्रवाई जैसलमेर की CGE II Hybrid Energy Pvt. Ltd. में हुई। कंपनी सौर और रिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में काम करती है। 18 सितंबर को हुए सर्वे में पिछले वित्तीय वर्षों से जुड़े IGST ITC के रिवर्सल में गड़बड़ी सामने आई। विभाग ने इस मामले में करीब 21 करोड़ रुपए की संभावित टैक्स देनदारी तय की। कार्रवाई के बाद कंपनी ने पिछली अवधि से जुड़ा 16.72 करोड़ रुपए का IGST ITC रिवर्स कर दिया।
भिवाड़ी की एंगस्ट्रॉम बायोटेक में ITC का मामला
भिवाड़ी की Angstrom Biotech Pvt. Ltd. में 18 सितंबर को सर्वे किया गया था। जांच में सामने आया कि कंपनी ने ऐसे सप्लायर से खरीद पर ITC का फायदा लिया, जिसका GST रजिस्ट्रेशन संबंधित खरीद की तारीख से पहले ही रद्द हो चुका था।
इस मामले में करीब 60 लाख रुपए की संभावित टैक्स देनदारी सामने आई। इसके बाद कंपनी ने 29.23 लाख रुपए स्वेच्छा से जमा किए।
सरदारशहर में 54 लाख की संभावित देनदारी
चूरू जिले के सरदारशहर में Sevada Trading Company की भी जांच की गई। यहां वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2025-26 के दौरान अतिरिक्त ITC लेने का मामला सामने आया।
जांच में करीब 54.14 लाख रुपए की संभावित देनदारी चिन्हित की गई। इसमें CGST और SGST की राशि 27.07-27.07 लाख रुपए है। कार्रवाई के बाद करदाता ने 10 लाख रुपए स्वेच्छा से जमा किए।
जोधपुर में रिटर्न नहीं भरने का मामला
जोधपुर की KP Infra पर 21 सितंबर को निरीक्षण किया गया। जांच में करीब 2.76 करोड़ रुपए के GST TDS की रिपोर्टिंग सामने आई। वहीं, कंपनी ने फरवरी 2026 के बाद GSTR-3B रिटर्न दाखिल नहीं किए थे। जांच के बाद करीब 40 लाख रुपए की संभावित टैक्स देनदारी सामने आई। करदाता ने विभाग को अगले 2-3 कार्य दिवस में देय राशि जमा करने की जानकारी दी है।
बाड़मेर में रद्द GST नंबर से ITC लेने का आरोप
बाड़मेर की MA Sambhara Ashapura Enterprises का 19 सितंबर को सर्वे किया गया। यह प्रतिष्ठान वाहन किराए और आवासीय सेवाओं से जुड़ा है। जांच में ऐसे कारोबारियों से ITC लेने और उसका इस्तेमाल करने की बात सामने आई, जिनके GST रजिस्ट्रेशन पहले से रद्द थे या शुरुआत से ही रद्द किए जा चुके थे।
विभाग ने यहां करीब 24.61 लाख रुपए की संभावित देनदारी चिन्हित की। इसके जवाब में करदाता ने 8.19 लाख रुपए जमा किए।
अब आगे क्या होगा?
GST विभाग की इन कार्रवाइयों में सामने आई रकम को फिलहाल संभावित टैक्स देनदारी बताया गया है। संबंधित मामलों में दस्तावेज और लेन-देन की आगे भी जांच होगी। विभाग का फोकस खास तौर पर गलत ITC लेने, रद्द GST नंबर वाले कारोबारियों के साथ लेन-देन और रिटर्न से जुड़ी गड़बड़ियों पर है।
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