आखिर पटरी से क्यों उतर रही स्वास्थ्य व्यवस्था, जानिए NFHS-6 के आंकड़े से पूरी तस्वीर
Jaipur: राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-6) के हालिया आंकड़ों ने राजस्थान में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है। रिपोर्ट के अनुसार राज्य में किशोरियों में गर्भधारण की दर बढ़ी हैं, जबकि संस्थागत प्रसव (अस्पतालों में डिलीवरी), बच्चों के टीकाकरण और पोषण के स्तर में गिरावट दर्ज की गई है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए 50 से अधिक संगठनों ने राज्य सरकार से तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की है।
साल 2023-2024 के बीच किए गए इस सर्वेक्षण के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
मातृ एवं प्रजनन स्वास्थ्य
किशोरी गर्भावस्था में उछाल: 15 से 19 वर्ष की लड़कियों में गर्भधारण की दर NFHS-5 (2019-2021) के 3.7% से बढ़कर अब 4.7% हो गई है।
आधुनिक गर्भनिरोधकों में कमी: आधुनिक गर्भनिरोधक तरीकों का उपयोग 62.1% से घटकर 57.1% रह गया है। हालांकि, पारंपरिक तरीकों में आए उछाल (10.2% से 17.3%) के कारण कुल गर्भनिरोधक उपयोग में 72.3% से 74.4% की मामूली बढ़ोतरी दिखी है।
संस्थागत प्रसव और चिकित्सा देखभाल
सरकारी अस्पतालों से दूरी: अस्पतालों में होने वाले प्रसव (Institutional Births) में थोड़ी गिरावट आई है (94.9% से घटकर 94.1%)। विशेष रूप से सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में डिलीवरी का आंकड़ा 77% से भारी गिरावट के साथ 70.5% पर आ गया है।
सिजेरियन (C-Section) में बढ़ोतरी: कुशल स्वास्थ्य कर्मियों की देखरेख में होने वाले प्रसव में कमी आई है, जबकि सिजेरियन ऑपरेशन की दर 10.4% से बढ़कर 15.6% हो गई है।
शिशु स्वास्थ्य, पोषण और टीकाकरण में गिरावट
स्तनपान में कमी: 6 महीने से कम उम्र के बच्चों में केवल मां का दूध (Exclusive Breastfeeding) मिलने की दर 70.4% से गिरकर 54.3% हो गई है। यह राष्ट्रीय गिरावट (63.7% से 55.8%) के जैसा ही है।
कुपोषण का बढ़ता खतरा: 5 साल से कम उम्र के बच्चों में 'वेस्टिंग' (कद के हिसाब से कम वजन) 16.8% से बढ़कर 19.8% और 'अंडरवेट' (उम्र के हिसाब से कम वजन) बच्चे 27.6% से बढ़कर 33.3% हो गए हैं।
टीकाकरण का गिरता स्तर: 12 से 23 महीने के बच्चों में पूर्ण टीकाकरण (Full Immunization) का कवरेज 85.3% से घटकर सीधे 75.0% पर आ गया है।
BCG वैक्सीन: 95.6% से घटकर 92.9%
पेंटावेलेंट (तीनों खुराक): 89.4% से घटकर 87.2%
खसरा (Measles) पहली खुराक: 91.1% से घटकर 90.3%
जन स्वास्थ्य संगठनों ने जताई गहरी चिंता
जन स्वास्थ्य अभियान (JSA), राजस्थान सहित कई प्रमुख संगठनों ने राज्य के स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर को एक पत्र भेजकर चिंता जताई है।
इन संगठनों ने कहा कि नियमित टीकाकरण सेवाओं में यह गिरावट बेहद चिंताजनक है। अगर इस पर तुरंत ध्यान नहीं दिया गया, तो बच्चों में उन बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ जाएगा जिन्हें टीकों के जरिए रोका जा सकता है। यह राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM), पोषण अभियान और सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) के लिए एक बड़ा झटका है।
इस पत्र पर हस्ताक्षर करने वाले प्रमुख संगठनों में पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज (PUCL), मजदूर किसान शक्ति संगठन (MKSS), इंडियन हेल्थ डेवलपमेंट सोसाइटी और बेसिक हेल्थ सर्विसेज (उदयपुर) शामिल हैं।
राज्य सरकार से मांगें:
विशेष कार्य योजना: गिरते स्वास्थ्य संकेतकों के लिए राज्य स्तर पर एक स्पेशल एक्शन प्लान बने और जिला-वार नियमित समीक्षा हो।
किशोरी स्वास्थ्य पर ध्यान: बाल विवाह रोकने और कम उम्र में गर्भधारण को रोकने के प्रयासों को मजबूत किया जाए।
सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में सुधार: सरकारी अस्पतालों की विश्वसनीयता बढ़ाई जाए; डॉक्टरों-कर्मियों के खाली पद भरे जाएं और दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित हो।
जागरूकता अभियान: नवजात शिशु की देखभाल और पोषण को लेकर बड़े पैमाने पर अभियान चलाए जाएं।
बजट में बढ़ोतरी: मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बजट आवंटन को बढ़ाया जाए।
क्या आप इस डेटा के किसी विशेष हिस्से (जैसे टीकाकरण या बाल कुपोषण) पर कोई विशिष्ट रिपोर्ट या विश्लेषण तैयार करवाना चाहते हैं?
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