गलत प्रश्न पत्र और आंसर की पर हाई कोर्ट सख्त; बनेगी हाई लेवल कमेटी
News In Short
- गलत प्रश्न पत्र और आंसर की बनाने वालों पर राजस्थान हाई कोर्ट सख्त।
- इन्हें तैयार करने वालों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश।
- कार्मिक सचिव की अध्यक्षता में एक हाई लेवल कमेटी बनाने का भी निर्देश।
- कमेटी ट्रांसपेरेंसी के साथ एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) बनाएगी।
- यह आदेश REET-2022 लेवल-2 से जुड़ी 45 याचिकाओं पर सुनवाई के बाद दिया गया।
News In Detail
राजस्थान में आए दिन सरकारी भर्ती परीक्षाओं के प्रश्न पत्रों और आंसर की को लेकर होने वाले विवादों पर हाई कोर्ट ने बड़ा फैसला दिया है। बार-बार कोर्ट में आने वाली याचिकाओं से नाराज जयपुर हाई कोर्ट की एकलपीठ ने साफ कर दिया है कि अब परीक्षा एजेंसियों की मनमानी और लापरवाही को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
लापरवाह अधिकारियों और एक्सपर्ट्स की अब खैर नहीं
जस्टिस आनंद शर्मा की एकलपीठ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार को एक उच्चस्तरीय कमेटी गठित करने का जिम्मा सौंपा है। यह कमेटी परीक्षा प्रणाली को सुधारने के लिए कड़े नियम (SOP) बनाएगी। इसके साथ यह भी तय करेगी कि जो पेपर सेटर या विषय विशेषज्ञ गलत सवाल चुनते हैं या गलत उत्तर कुंजी जारी करके हजारों युवाओं का भविष्य अधर में लटकाते हैं, उनके खिलाफ क्या कानूनी और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।
कोर्ट ने कहा कि संवैधानिक दायित्व के तहत यह परीक्षा एजेंसियों का फर्ज है कि वे बिना किसी त्रुटि के पूरी शुचिता के साथ परीक्षाओं का आयोजन करवाएं।
तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती-2022 से जुड़ा है मामला
हाईकोर्ट का यह ऐतिहासिक फैसला तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती-2022 लेवल-2 को लेकर दायर 45 याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान आया। याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता रामप्रताप सैनी ने कोर्ट को बताया कि परीक्षा परिणाम के बाद नियुक्तियां तो दे दी गईं, लेकिन बाद में अदालती आदेशों के कारण विभाग को संशोधित परिणाम जारी करना पड़ा।
इस संशोधन के बाद एक अजीब स्थिति पैदा हो गई। याचिकाकर्ताओं के नंबर पहले से नौकरी कर रहे कई अभ्यर्थियों से ज्यादा आ गए, लेकिन चूंकि वे नई कट-ऑफ के गणित में शामिल नहीं हो पा रहे थे, इसलिए उन्हें नियुक्ति से वंचित कर दिया गया। याचिकाकर्ताओं ने मांग की है कि जब उनसे कम नंबर वाले लोग सिस्टम की गलती के कारण नौकरी कर रहे हैं, तो उन्हें भी तुरंत नियुक्ति दी जाए।
एक-एक नंबर के लिए जूझ रहे हैं युवा
अदालत ने अपने आदेश में राजस्थान में बेरोजगारी और कड़ी प्रतिस्पर्धा का भी जिक्र किया। जस्टिस आनंद शर्मा ने भावुक और सख्त लहजे में कहा कि वर्तमान में प्रदेश में बेरोजगारी का स्तर बेहद गंभीर है। परीक्षा में बैठने वाले युवाओं के बीच असाधारण प्रतिस्पर्धा है। ऐसे में प्रत्येक प्रश्न और नंबर का महत्व बहुत अधिक बढ़ जाता है, जिससे सैकड़ों अभ्यर्थियों का पूरा जीवन और भविष्य प्रभावित होता है। इसलिए प्रश्न पत्र तैयार करने के स्तर पर अत्यधिक सावधानी और सतर्कता बरती जानी चाहिए।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
हाईकोर्ट ने किस भर्ती परीक्षा के मामले में यह आदेश जारी किया है?
यह आदेश तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती-2022 लेवल-2 परीक्षा के संशोधित परिणाम और विवादित उत्तर कुंजी को लेकर दायर 45 याचिकाओं पर सुनवाई के बाद दिया गया है।
हाई लेवल कमेटी की अध्यक्षता कौन करेगा और इसका मुख्य काम क्या होगा?
इस कमेटी की अध्यक्षता राज्य के कार्मिक सचिव करेंगे। इसका मुख्य काम भविष्य की भर्ती परीक्षाओं के लिए पारदर्शी SOP तैयार करना और गलत पेपर सेट करने वाले विशेषज्ञों पर कार्रवाई तय करना होगा।
याचिकाकर्ताओं की मुख्य मांग क्या है?
याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि कोर्ट के आदेश के बाद जारी संशोधित परिणाम में उनके अंक पहले से नियुक्त हो चुके कई अभ्यर्थियों से अधिक हैं, इसलिए उन्हें भी सरकारी सेवा में नियुक्ति दी जाए।
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