जेल में पनपी प्रेम कहानी, कल सजेगा शादी का मंडप, दो कैदियों का अनोखा मिलन

Jageshwar prasad | Jul 16, 2026, 08:00 IST
जोधपुर की ओपन जेल में उम्रकैदी मूलाराम और सीमा कल करेंगे शादी
राजस्थान की जोधपुर ओपन में एक प्रेम कहानी अब विवाह बंधन में बंधेगी। हाई कोर्ट ने शादी की इजाजत दे दी है। अब 22 जुलाई को जेल में शादी का मंडप सजेगा।

समझें क्या है पूरा मामला

  • हाई कोर्ट ने दो उम्रकैदियों को खुली जेल में शादी की दी इजाजत।
  • जोधपुर की ओपन जेल में मूलाराम और सीमा कल करेंगे शादी।
  • कोर्ट बोला- शादी अनुच्छेद-21 का हिस्सा, पुनर्वास में मिलेगी मदद।
  • 21 परिवार के सदस्य होंगे शामिल, खर्च उठाएगा कैदी मूलाराम।
  • सरकार ने भी नहीं जताई आपत्ति, दोनों ने किया लिव-इन का दावा।

मंडोर स्थित ओपन जेल कैंप में 22 जुलाई को उम्रकैद की सजा काट रहे दो बंदियों की शादी होने जा रही है। नागौर के मूलाराम और मुंबई की रहने वाली सीमा आपस में विवाह करेंगे। यह शादी ओपन जेल के इतिहास में पहली बार हो रही है।



हाई कोर्ट ने इस शादी की अनुमति दी है। सीमा के परिवार के न आ पाने पर उनकी सहेली के पिता कन्यादान करेंगे। यह ओपन जेल के इतिहास में पहला मौका है, जब दो बंदियों का आपस में विवाह हो रहा है।



सलाखों के पीछे बनी जोड़ी

मूलाराम और सीमा पिछले करीब डेढ़ साल से ओपन जेल में रह रहे हैं। इसी दौरान दोनों की मुलाकात हुई और उन्होंने साथ मिलकर जीवन की नई शुरुआत करने का फैसला किया। मूलाराम का कहना है कि कहते हैं जोड़ियां ऊपर वाला बनाता है, लेकिन उनकी जोड़ी यहां आकर बनी है।



मूलाराम ने कहा, हम भी समाज की मुख्य धारा से जुड़ना चाहते हैं। अच्छा आचरण होने की वजह से उम्मीद है कि सरकार आगे हमारी सजा माफ करेगी और हम एक सामान्य जीवन जी सकेंगे।



सहेली के पिता करेंगे कन्यादान

सीमा के परिवार से महाराष्ट्र से कोई भी इस शादी में शामिल होने नहीं आ पा रहा है। ऐसे में जेल में बनी सीमा की एक सहेली के पिता राधाकिशन वागेला (फलोदी निवासी) ने पिता का फर्ज निभाने का फैसला किया है। वागेला परिवार ने ही शादी के कार्ड छपवाए हैं।



मंगलवार को मायरा और प्रीतिभोज का कार्यक्रम होगा, जबकि बुधवार दोपहर बाद पाणिग्रहण संस्कार संपन्न होगा। राधाकिशन खुद सीमा का कन्यादान करेंगे।



कोर्ट ने दी अनुमति

ओपन जेल कैंप के प्रहरी हापूराम ने बताया कि जेल में अच्छे आचरण वाले बंदियों को ही ओपन जेल में भेजा जाता है। मूलाराम और सीमा ऐसे ही बंदी हैं। हाईकोर्ट के आदेश पर 22 जुलाई को इनका विवाह होगा।



कोर्ट के निर्देशानुसार 21 मेहमानों को शामिल होने की अनुमति दी गई है। विवाह का पूरा खर्च मूलाराम खुद वहन करेंगे। दोनों मिलकर जेल में कृषि कार्य कर रहे हैं और उनके क्वाटर में ही शादी होगी।



जेल में ही शादी की अनुमति

बंदी ने बताया कि वे अपने गांव जाकर पारंपरिक तरीके से शादी करना चाहते थे, लेकिन हाईकोर्ट ने जेल परिसर के अंदर ही विवाह संपन्न कराने के आदेश दिए हैं।



मूलाराम के वकील कालूराम भाटी ने बताया कि विवाह के लिए पैरोल की याचिका लगाई गई थी, लेकिन कोर्ट ने सुधारात्मक बदलाव को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जेल में ही शादी की अनुमति दी।



FAQ

  1. उम्रकैदियों को विवाह का अधिकार कैसे मिला?
    राजस्थान हाई कोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 21 का हवाला देते हुए कहा कि यह जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार का हिस्सा है। दो वयस्क बंदियों को आपसी सहमति से विवाह करने के अधिकार से इसलिए वंचित नहीं किया जा सकता क्योंकि वे दोषसिद्ध हैं।

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