कोर्ट का सख्त चेहरा दिखा, भर्ती, शिक्षा और शहरी विकास पर फैसलों से प्रशासन में रही हलचल
राजस्थान हाई कोर्ट के लिए यह सप्ताह बड़े फैसलों और सख्त टिप्पणियों के नाम रहा। कोर्ट ने प्रशासन, शिक्षा, शहरी विकास और भर्ती प्रक्रियाओं से जुड़े बड़े मुद्दों पर आदेश दिए। जहां एक ओर अदालत ने सांगानेर के उद्योगपतियों को बड़ी राहत दी, वहीं सरकार को स्कूल भवनों की जर्जर हालत सुधारने के लिए 12335 करोड़ का रोडमैप पेश करने पर मजबूर कर दिया। चुनावी देरी से लेकर जेडीए के अनियंत्रित विस्तार तक न्यायपालिका ने इस सप्ताह कार्यपालिका की जवाबदेही तय करने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
रंगाई व छपाई फैक्ट्रियों को राहत
हाई कोर्ट ने सांगानेर की 848 टेक्सटाइल फैक्ट्री मालिकों को बड़ी राहत देते हुए जयपुर कॉमर्शियल कोर्ट के 14 फरवरी 2025 के आदेश को रद्द कर दिया। आदेश में फैक्ट्रियों को सीज कर उनकी संपत्तियों की कुर्की के निर्देश दिए गए थे। हाई कोर्ट ने मामले को दोबारा सुनवाई के लिए कॉमर्शियल कोर्ट को भेजते हुए कहा कि अदालत अपनी सीमाओं से बाहर जाकर नए दायित्व तय नहीं कर सकती।
जस्टिस समीर जैन ने कहा है कि पॉल्यूटर पेज़ और पे एंड रिकवर जैसे सिद्धांतों का प्रयोग भी सीमित दायरे में ही किया जाना चाहिए। मामला सांगानेर में कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) का निर्माण करने वाली कंपनी एडवेंट एनविरोकेयर को 33 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं मिलने का है। कंपनी को भुगतान नहीं मिलने पर
कॉमर्शियल कोर्ट ने सांगानेर के कपड़ा रंगाई व छपाई करने वाली युनिटों की कुर्की करके वसूली के आदेश दिए थे। सरकार ने इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
उपभोक्ता आयोगों में नई नियुक्ति होने तक
हाईकोर्ट ने प्रदेश के जिला उपभोक्ता आयोगों में कार्यरत अध्यक्षों और सदस्यों को नई भर्ती प्रक्रिया पूरी होने तक पद पर बनाए रखने के आदेश दिए हैं। जस्टिस विनीत कुमार माथुर और जस्टिस चन्द्र शेखर शर्मा की खंडपीठ ने राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन की याचिका पर यह आदेश दिए।
अदालत ने माना कि कई पदों का कार्यकाल समाप्त हो चुका है या होने वाला है, जबकि नई नियुक्तियां अब तक नहीं हुई हैं। अदालत ने उन अधिकारियों को दोबारा नियुक्त करने केा कहा है जिनका कार्यकाल समाप्त हो चुका है और वे पदमुक्त हो चुके हैं। अदालत अभी तक रिलीव होने की प्रक्रिया में शामिल अधिकारियों को अगले आदेश तक पद पर बनाए रखने को कहा है।
पंचायत चुनाव नहीं करवाने पर अवमानना याचिका
पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने राजस्थान में पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव 15 अप्रैल 2026 तक नहीं कराने को लेकर हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की है। उनका कहना है कि राज्य सरकार और राज्य चुनाव आयोग जानबूझकर अदालती आदेश की अवहेलना कर रहे हैं। हाईकोर्ट ने 14 नवंबर 2025 को प्रदेश में पंचायतों और नगरीय निकायों के चुनाव 15 अप्रैल 2026 तक करवाने व 31 दिसंबर 2025 तक परिसीमन प्रक्रिया पूरी करने के आदेश दिए थे। इस आदेश में हस्तक्षेप से सुप्रीम कोर्ट ने भी इनकार करते हुए समय सीमा का पालन करने को कहा था। लोढ़ा ने देरी को सरकार की सुनियोजित देरी बताया है।
जेडीए के विस्तारीकरण पर हाई कोर्ट की रोक
हाई कोर्ट ने जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) के दायरे में शामिल किए गए 679 नए गांवों में सभी निर्माण गतिविधियों पर अंतरिम रोक लगा दी है। एक्टिंग चीफ जस्टिस एसपी शर्मा और जस्टिस बलजिंदर संधू की बैंच ने संजय जोशी की जनहित याचिका पर यह आदेश दिए हैं।
याचिकाकर्ता का कहना है कि सरकार ने बिना किसी आकलन के तीन हजार वर्ग किलोमीटर से ज्यादा एरिया को जेडीए सीमा में शामिल किया है। मास्टर प्लान 2025 में इन गांवों को शामिल करने का कोई प्रावधान नहीं है। मास्टर प्लान 2047 अभी तैयार भी नहीं हुआ है।
सरकार ने 1 अक्टूबर 2025 की अधिसूचना के जरिए जेडीए का क्षेत्रफल लगभग 3 हजार से बढ़ाकर 6 हजार वर्ग किलोमीटर कर दिया गया था। अदालत ने अगली सुनवाई तक संबंधित गांवों में नए निर्माण पर रोक लगाते हुए सरकार और जेडीए से विस्तृत जवाब मांगा है।
अब स्टेनो भर्ती की नई मेरिट बनाने के आदेश
हाई कोर्ट ने स्टेनोग्राफर और पर्सनल असिस्टेंट ग्रेड-II भर्ती 2024 में स्किल टेस्ट में गलतियों के लिए 5 फीसदी अतिरिक्त छूट को अवैध करार दिया है। जस्टिस आनंद शर्मा ने प्रोविजनल और फाइनल दोनों मेरिट लिस्ट रद्द कर नई मेरिट सूची तैयार करने के आदेश दिए हैं।
भर्ती के नियमों के अनुसार सामान्य वर्ग को 20 फीसदी और एससी व एसटी को 25 फीसदी तक गलतियों की छूट है। लेकिन आरएसएसबी ने सभी श्रेणियों में 5 प्रतिशत अतिरिक्त छूट दे दी। अदालत ने कहा कि चयन प्रक्रिया के बीच नियमों में बदलाव नहीं किया जा सकता। अदालत ने 45 दिन में नए सिरे से मेरिट सूची तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
नीरजा मोदी स्कूल की संबद्धता समाप्त करने पर रोक
हाई कोर्ट ने जयपुर के नीरजा मोदी स्कूल की कक्षा 11-12 की सीबीएसई संबद्धता निलंबित करने के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी। जस्टिस गणेशराम मीणा ने स्कूल की याचिका पर यह अंतरिम आदेश दिए हैं। सीबीएसई ने स्कूल की छात्रा अमायरा के स्कूल की चौथी मंजिल से कूदकर आत्महत्या करने के बाद स्कूल की संबद्धता समाप्त कर दी थी।
अदालत ने कहा कि हजारों छात्रों के भविष्य को देखते हुए फिलहाल यथास्थिति बनाए रखना जरूरी है। हालांकि कोर्ट ने स्कूल को सशर्त राहत देते हुए 10 दिनों में 5 लाख रुपये जमा कराने और एक माह में सभी कमियां दूर करने के निर्देश दिए हैं।
अदालत ने सीबीएसई को 45 दिनों बाद पुनः निरीक्षण करने और रिपोर्ट पेश करने को भी कहा है। अदालत ने जरूरत पड़ने पर छात्रों के स्थानांतरण के लिए वैकल्पिक स्कूलों की सूची भी अदालत में पेश करनी होगी। स्कूल प्रबंधन की दलील थी कि छात्रा अमायरा की मौत दुर्भाग्यपूर्ण घटना थी और अधिकांश कमियां दूर की जा चुकी हैं।
मकान मालिक के अधिकारों को प्राथमिकता
हाई कोर्ट ने किरायेदारी विवाद में मकान मालिक के अधिकारों को प्राथमिकता दी है। जस्टिस बिपिन गुप्ता बैंच ने कोटा निवासी प्रताप सिंह हाड़ा की याचिका स्वीकार करते हुए अपीलीय रेंट ट्रिब्यूनल के आदेश को रद्द करते हुए रेंट ट्रिब्यूनल का बेदखली आदेश बहाल कर दिया।
अदालत ने कहा कि यदि मकान मालिक की आवश्यकता वास्तविक है तो वही बेदखली का पर्याप्त आधार है भले ही वह अत्यावश्यक न हो। अदालत ने कहा है कि एक बेटे की जरूरत पूरी होने से दूसरे की आवश्यकता समाप्त नहीं होती। मकान मालिक अपनी संपत्ति का उपयोग अपनी जरूरत के अनुसार कर सकता है।
स्कूल बिल्डिंगों में सुधार के लिए सरकार देगी 12,335 करोड़ रुपए
हाई कोर्ट की सख्ती के बाद राज्य सरकार ने सरकारी स्कूलों के जर्जर भवन सुधारने के लिए 12335 करोड़ रुपये का मेगा प्लान पेश किया है। राज्य के मुख्य सचिव के शपथ पत्र में बताया गया कि अगले 5 साल में जर्जर स्कूल भवनों की मरम्मत, नए निर्माण और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर व्यापक काम किया जाएगा।
यह रोडमैप जस्टिस महेन्द्र गोयल और जस्टिस अशोक जैन की बैंच के निर्देश के बाद तैयार हुआ है। अदालत ने सरकार की सुस्ती पर नाराजगी जताते हुए ठोस योजना मांगी थी। योजना के तहत 3587 जर्जर स्कूलों के स्थान पर नए भवन, 22589 स्कूलों की मरम्मत और 83783 नए क्लासरूम बनाए जाएंगे। साथ ही 13,616 शौचालयों के निर्माण और सुधार पर भी काम होगा। सरकार ने आदिवासी क्षेत्रों को प्राथमिकता दी है, जिसमें उदयपुर सबसे आगे है।
ये भी पढे़:-
कृषि मंत्री किरोड़ी के निशाने पर बीमा कंपनियां, बोले - कर रही हैं किसानों से धोखाधड़ी
क्या डोटासरा की नजर अब जूली के पद पर, कांग्रेस में पक रहे कुछ नए समीकरण
बीएलओ सुसाइड केस में नया मोड़, चार महीने बाद सुपरवाइजर के खिलाफ एफआईआर
किसानों को थमाए खजूर के बांझ पौधे, 10 महीने बाद भी नहीं आए फल, 35 करोड़ का हो गया फर्जीवाड़ा