राजस्थान हाई कोर्ट ने किया बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, सत्यनारायण व्यास बने जोधपुर महानगर के जिला जज
समझें क्या है पूरा मामला
- हाई कोर्ट ने 16 न्यायिक अधिकारियों के तबादले किए
- सत्यनारायण व्यास बने जोधपुर महानगर के जिला जज
- दिनेश त्यागी जयपुर महानगर प्रथम के जिला जज
- कई अधिकारियों को मिली नई तैनाती
- रजिस्ट्रार जनरल ने जारी किया आदेश
राजस्थान हाई कोर्ट प्रशासन ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। रजिस्ट्रार जनरल चंचल मिश्रा के आदेशानुसार 16 न्यायिक अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। इन अधिकारियों को अलग-अलग जिलों और अदालतों में नई तैनाती दी गई है।
इस फेरबदल में कई अहम नियुक्तियां की गई हैं। जिला जजों के पद पर कई अधिकारियों को लगाया गया है। साथ ही विशेष अदालतों में भी नई तैनातियां हुई हैं। यह आदेश तुरंत प्रभाव से लागू माना जा रहा है।
कौन बने जिला जज?
आदेश के मुताबिक सत्यनारायण व्यास जोधपुर महानगर के जिला जज बने हैं। दिनेश त्यागी जयपुर महानगर प्रथम के जिला जज होंगे। ब्रजेन्द्र कुमार जयपुर महानगर द्वितीय के जिला जज बनाए गए हैं।
माधवी दिनकर को झुंझुनूं का जिला जज बनाया गया है। मशरूर आलम खान भरतपुर के जिला जज होंगे। हेमराज गौड़ कोटा के जिला जज बनाए गए हैं। तारा अग्रवाल जयपुर जिला की जिला जज होंगी। अनु अग्रवाल सवाई माधोपुर की जिला जज नियुक्त हुई हैं।
किन अदालतों में तैनाती?
सचिन गुप्ता को एनआईए (NIA – National Investigation Agency) विशेष अदालत जयपुर महानगर प्रथम में लगाया गया है। प्रह्लाद राय शर्मा को बम विस्फोट मामलों की अदालत जयपुर महानगर द्वितीय में तैनाती मिली है।
धर्मराज मीणा अतिरिक्त जिला जज झालावाड़ बनाए गए हैं। राजीव दत्तात्रय को महिला अत्याचार मामलात अतिरिक्त सत्र न्यायालय संख्या-2 कोटा में लगाया गया है। अरुण प्रकाश आर्य वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश और अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अलवर बनाए गए हैं।
सीबीआई और अन्य तैनातियां
चेतना को सीबीआई (CBI – Central Bureau of Investigation) विशेष न्यायाधीश संख्या-5 जयपुर महानगर प्रथम बनाया गया है। आशुतोष कुमावत अतिरिक्त जिला जज जोधपुर जिला बनाए गए हैं।
कीर्ति सिंहमार को ओएसडी (OSD – Officer on Special Duty) राजस्थान हाईकोर्ट जयपुर बेंच में लगाया गया है। इन सभी नियुक्तियों का आदेश रजिस्ट्रार जनरल की ओर से जारी किया गया।
क्यों होते हैं तबादले?
न्यायिक अधिकारियों के तबादले समय-समय पर होते रहते हैं। इससे अधिकारियों को अलग-अलग जिलों का अनुभव मिलता है। साथ ही न्यायिक व्यवस्था में गतिशीलता बनी रहती है।
इससे मुकदमों के निपटारे में तेजी आती है। हर जिले की न्यायिक व्यवस्था पर बेहतर ध्यान दिया जा सकता है। इसीलिए हाईकोर्ट प्रशासन समय-समय पर ऐसे फेरबदल करता रहता है।
क्यों अहम है यह फेरबदल?
यह फेरबदल न्यायिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम है। जिला स्तर पर नए अधिकारियों की तैनाती से कामकाज में तेजी आएगी। विशेष अदालतों में तैनाती से महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई प्रभावित नहीं होगी।
साथ ही एनआईए और सीबीआई जैसी अदालतों में नई तैनाती से जांच एजेंसियों के मामलों को गति मिलेगी। इससे लंबित मुकदमों का निपटारा समय पर हो सकेगा।