IAS आरती डोगरा को 24 घंटे में मिली राहत, ACB जांच के आदेश पर लगी रोक

Mukesh Sharma | Apr 24, 2026, 16:31 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने डिस्कॉम्स CMD आरती डोगरा के खिलाफ एसीबी जांच के आदेश पर रोक लगा दी है। 24 घंटे पहले हाई कोर्ट की एकलपीठ ने दिए थे जांच के आदेश l डिवीजन बेंच ने कहा कि यह मामला भ्रष्टाचार का नहीं है

News In Short

  • हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने एसीबी जांच के आदेश पर लगाई रोक
  • डिस्कॉम्स CMD आरती डोगरा का है मामला
  • आरती डोगरा और डिस्कॉम्स ने कहा यह मामला भ्रष्टाचार से संबंधित नहीं।
  • एकलपीठ ने एसीबी से तीन महीने के भीतर जांच रिपोर्ट दाखिल करने के दिए थे आदेश।

News In Detail

राजस्थान डिस्कॉम्स की CMD और आईएएस आरती डोगरा को 24 घंटे में ही कोर्ट से राहत मिल गई है। हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने सिंगल बेंच के एसीबी जांच के फैसले पर रोक लगा दी है। आरती डोगरा और डिस्कॉम की ओर से सीनियर एडवोकेट आर एन माथुर ने एक्टिंग चीफ जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस शुभा मेहता की बेंच को कहा कि यह किसी प्रकार से भी भ्रष्टाचार का मामला नहीं है l एडवोकेट माथुर ने कोर्ट में कहा कि याचिकाकर्ता के खिलाफ तीन जांच लंबित हैं। इन सभी जांचों पर जल्द ही फैसला लिया जाएगा। इसलिए डिस्कॉम्स चैयरमैन के विरुद्ध एसीबी जांच के आदेश देना सही नहीं है l



एकलपीठ ने जताई थी भ्रष्टाचार की आशंका

राजस्थान हाई कोर्ट की सिंगल बेंच ने 23 अप्रैल गुरुवार को डिस्कॉम्स CMD और आईएएस आरती डोगरा के खिलाफ ACB से जांच के आदेश दिये गए थे। जस्टिस रवि चिरानिया की बेंच ने सुपरिटेंडेंट इंजीनियर RK मीना की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया था।



हाईकोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा- डिस्कॉम्स CMD ने याचिकाकर्ता के खिलाफ जांच पर फैसला जानबूझकर कई महीनों तक रोककर रखा था। इन परिस्थितियों में इस मामले में भ्रष्टाचार का संदेह करने के पर्याप्त आधार प्रतीत होते हैं।



इसलिए ACB इस मामले की जांच करे और तीन महीने के भीतर रिपोर्ट जमा करे। कोर्ट ने कहा- हमें लगता है कि CMD अपने कर्तव्यों की पालना करने में विफल रही हैं।



याचिका लगाने के बाद तीन चार्जशीट दी

याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया था कि उसने साल 2022-23 की डीपीसी को चुनौती देते हुए दिसंबर 2023 में कोर्ट में रिट याचिका दायर की थी। जिसमें उन्होने कहा था कि विभाग सुप्रीम कोर्ट के निर्देश और डीओपी के सर्कुलर के बाद भी बिना रोस्टर संधारण किए डीपीसी कर रहा हैं।



जिसकी वजह से उन्हें एक्सईएन से सुप्रीडेंट इंजीनियर के पद पर पदोन्नति नहीं मिल सकी। उन्होने कोर्ट को बताया कि याचिका लगाने के बाद उसे अलग-अलग कारणों से तीन चार्जशीट दे दी गई।



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