राजस्थान में इतिहास पर आर-पार, जूली ने बताया अस्मिता पर हमला, दिलावर बोले- सुधारेंगे कांग्रेस की भूल
News In Short
- पाठ्यक्रम से इतिहास की पुस्तकें हटाने पर राजस्थान में सियासी संग्राम,टीकाराम जूली और मदन दिलावर आमने-सामने
- नेता प्रतिपक्ष ने किताबों को हटाने को राजस्थान के गौरवशाली इतिहास और वीर गाथाओं को मिटाने की साजिश करार दिया।
- शिक्षा मंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने बच्चों को गलत और अधूरा इतिहास पढ़ाया,तथ्यों के साथ दोबारा लिखा जाएगा।
- भाजपा का शास्त्री, पटेल अंबेडकर की उपेक्षा का आरोप,कांग्रेस ने काली बाई जैसे अध्यायों को हटाने पर सरकार को घेरा
- जूली ने मुख्यमंत्री से माफी और राजस्थान की अस्मिता से खिलवाड़ करने वाले शिक्षा मंत्री को हटाने की मांग की
News In Detail
राजस्थान के सरकारी स्कूलों में कक्षा 9 से 12 तक के पाठ्यक्रम से इतिहास की चार पुस्तकों को हटाए जाने के फैसले ने राज्य की राजनीति में उबाल ला दिया है। इस मुद्दे पर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। एक ओर कांग्रेस इसे राजस्थान की अस्मिता और गौरवशाली विरासत पर हमला बता रही है। दूसरी ओर भाजपा सरकार इसे गलत इतिहास को सुधारने की एक आवश्यक प्रक्रिया करार दे रही है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के बयानों ने इस शैक्षणिक बदलाव को सीधे तौर पर एक वैचारिक युद्ध में बदल दिया है।
राजस्थान के शौर्य और बलिदान को मिटा रही भाजपा सरकार
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भाजपा की डबल इंजन सरकार पर सुनियोजित तरीके से राजस्थान के शौर्य और बलिदान के इतिहास को मिटाने की साजिश रचने का आरोप लगाया है। जूली ने कहा कि राजस्थान को दुनिया में पहचान दिलाने वाले महापुरुषों व वीरता दिखाने वालों के अध्यायों को हटाकर सरकार प्रदेश की आत्मा और अस्मिता पर प्रहार कर रही है। जूली ने मुख्यमंत्री से वीर बाला काली बाई जैसे प्रेरणादायी व्यक्तित्वों के संदर्भों को हटाने पर माफी मांगने और शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को तुरंत बर्खास्त करने की अपील की है।
कांग्रेस सरकार की गलतियों को सुधार रहे हैं
विपक्ष के आरोपों पर पलटवार करते हुए शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने स्पष्ट किया है कि किताबों को हटाया नहीं गया है। बल्कि उन्हें दोबारा लिखने का प्रयास किया जा रहा है। दिलावर ने तर्क दिया कि कांग्रेस के शासनकाल में बच्चों को त्रुटिपूर्ण और अधूरा इतिहास पढ़ाया जा रहा था। इसमें कई महत्वपूर्ण तथ्यों को छुपाया गया। उनका कहना है कि इन पुस्तकों का परीक्षा या रिजल्ट में कोई योगदान नहीं था। इन्हें केवल अतिरिक्त जानकारी के लिए रखा गया था, लेकिन वह जानकारी भी गुणवत्तापूर्ण नहीं थी। मंत्री ने सवाल उठाया कि कांग्रेस ने अपने समय की पुस्तकों में लाल बहादुर शास्त्री, सरदार वल्लभभाई पटेल और डॉ. भीमराव अंबेडकर जैसे राष्ट्रीय नायकों की उपेक्षा क्यों की।
अब वास्तविक और निष्पक्ष इतिहास पढ़ाया जाएगा
शिक्षा मंत्री ने इतिहास के पुनर्लेखन की वकालत करते हुए कहा कि अब बच्चों को वास्तविक और निष्पक्ष इतिहास पढ़ाया जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि इतिहास में केवल एक पक्ष नहीं दिखाया जाना चाहिए। बल्कि देश के निर्माण में योगदान देने वाले सभी श्रेष्ठ नेताओं का जिक्र होना चाहिए फिर चाहे वे किसी भी विचारधारा के रहे हों। दिलावर ने यह भी संकेत दिया कि आगामी पाठ्यक्रम में धारा 370 की समाप्ति और अटल बिहारी वाजपेयी व नरेंद्र मोदी जैसे प्रधानमंत्रियों के कार्यकाल की उपलब्धियों को शामिल किया जाना चाहिए, ताकि विद्यार्थी देश के आधुनिक और स्वर्णिम इतिहास से परिचित हो सकें।
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