भोपा-फकीरों के नाम पर इलाज जारी : मासूम को गर्म सलाखों से दागा, 9 महीने के बच्चे की मौत

Amit Baijnath Garg | Nov 09, 2025, 16:37 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान में भोपा, ओझा और फकीरों के नाम पर इलाज करने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब ताजा मामला भीलवाड़ा से सामने आया है, जहां ओझा द्वारा इलाज के नाम पर 9 महीने के बच्चे को गर्म सलाखों से दागा गया। इससे बच्चे की मौत हो गई।

Jaipur. राजस्थान के ग्रामीण इलाकों में आज भी अशिक्षा और अंधविश्वास की गहरी जड़ें मौजूद हैं। इस अंधविश्वास का शिकार मासूम बच्चे बन रहे हैं, जिनका इलाज ओझा, फकीर और भोपा जैसे लोग गर्म सलाखों से करते हैं। आधुनिक चिकित्सा विज्ञान की तमाम उपलब्धियों के बावजूद ऐसी कुरीतियों से बचाव नहीं हो पा रहा है।



हाल ही में भीलवाड़ा जिले के इरास गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां एक 9 महीने के बच्चे को इलाज के नाम पर गर्म सलाखों से दागा गया और इसकी वजह से बच्चे की मौत हो गई।



Rajasthan | भीलवाड़ा में SDM और CNG पंप कर्मचारी के बीच बड़ा विवाद, वीडियो वायरल



बच्चे को गर्म सलाख से दागने की घटना

कुछ दिन पहले 9 महीने का बच्चा निमोनिया से पीड़ित था। उसके इलाज के नाम पर परिवार ने एक भोपा की सलाह पर बच्चे को गर्म सलाख से दागने का निर्णय लिया। यह कदम बच्चे की हालत को और बिगाड़ने का कारण बना। इसके बाद बच्चे को इलाज के लिए भीलवाड़ा जिला अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने उसे वेंटिलेटर पर रखा, लेकिन बच्चे की हालत में सुधार नहीं हुआ और उसकी मौत हो गई।



Rajasthan के भीलवाड़ा में SDM का वीडियो वायरल, सीएनजी भरने को लेकर विवाद



मेडिकल इंटरवेंशन और इलाज में देरी

अस्पताल अधीक्षक डॉ. अरुण गौड़ ने बताया कि जब बच्चे को अस्पताल लाया गया, तो उसकी हालत बेहद गंभीर थी। उसे तुरंत आईसीयू में भर्ती किया गया और फिर वेंटिलेटर पर रखा गया। हालांकि अफसोस की बात यह रही कि इतने गंभीर इलाज के बावजूद बच्चे की जान नहीं बचाई जा सकी।



Rajasthan: भीलवाड़ा SDM और CNG पंप कर्मचारी विवाद का वीडियो वायरल, जानिए क्या हुआ!



भीलवाड़ा पुलिस की कार्रवाई : कांग्रेस से भाजपा में आए नेता के 40 मकान, 350 बीघा जमीन और करोड़ों की संपत्ति होगी जब्त



गर्म सलाखों से दागने की बढ़ती घटनाएं

राजस्थान में इस साल गर्म सलाखों से दागने के 90 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। यह घटनाएं न केवल चिकित्सा विज्ञान के प्रति अज्ञानता को दर्शाती हैं, बल्कि यह समाज के पिछड़ेपन और अविश्वास की भी गहरी छाप छोड़ती हैं।



भीलवाड़ा में भोपे का काम करने वाले पोते ने कर दी दादी की हत्या, चिमटे से पीट-पीट कर ले ली जान



तात्कालिक प्रतिक्रियाएं और कार्रवाई

घटना का स्थान : इरास गांव, भीलवाड़ा, राजस्थान


मृतक बच्चा : 9 महीने का बच्चा, निमोनिया से पीड़ित


घटना का कारण : इलाज के नाम पर गर्म सलाखों से दागना


डॉक्टर की रिपोर्ट : बच्चा वेंटिलेटर पर था, इलाज के बाद भी उसे बचाया नहीं जा सका


जांच और कार्रवाई : बाल कल्याण समिति और पुलिस ने जांच शुरू की



Tags:
  • राजस्थान
  • अंधविश्वास
  • पुलिस
  • गर्म सलाखों से दागा
  • भीलवाड़ा