राजस्थान में अन्य सेवाओं से IAS बनाने का मामला अटका, 4 महीने से यूपीएससी भेज रही है रिमाइंडर
News In Short
- राजस्थान में अन्य सेवाओं से आईएएस बनाने का मामला उलझा।
- चयनित नामों पर 4 महीने से सरकार की नहीं लग रही अंतिम मुहर।
- आईएएस प्रमोशन के लिए दिसंबर में 18 अफसरों के हुए थे इंटरव्यू।
- यूपीएससी ने नामों को फाइनल करने मुख्य सचिव को भेजा रिमाइंडर।
- प्रमोशन के लिए केंद्रीय मंत्री अर्जुन मेघवाल के दामाद का नाम भी।
News In Detail
राजस्थान में अन्य सेवाओं से 4 आईएएस बनने का मामला राज्य सरकार के पास अटका हुआ है। प्रदेश की भजनलाल सरकार ने 4 महीने से चयनित नामों की मंजूरी की फाइल पर अंतिम मुहर नहीं लगाई है।
नामों की अंतिम मंजूरी के लिए मुख्य सचिव को यूपीएससी रिमाइंडर भी भेज चुका है। गंभीर बात यह है कि इस रिमाइंडर को भेजे हुए भी एक महीना से अधिक हो गया है। लेकिन, राज्य सरकार के स्तर पर कोई हलचल दिखाई नहीं दे रही है।
दिसंबर में हुए थे इंटरव्यू
राजस्थान में अन्य सेवाओं से चार आईएएस बनने हैं। इसके लिए राज्य सरकार ने 20 अफसरों के नाम छांटकर यूपीएससी को भेज दिए थे। यूपीएससी के बोर्ड ने 22 और 23 दिसंबर 2025 को इंटरव्यू लिए थे। मजेदार बात यह है कि इस इंटरव्यू बोर्ड में राजस्थान के मुख्य सचिव भी शामिल थे।
इंटरव्यू के बाद ही भेज दिए थे नाम
सूत्रों का कहना है कि यूपीएससी ने इंटरव्यू के बाद 4 लोगों का चयन कर लिया था। उसने इन नामों पर अंतिम मुहर के लिए राजस्थान सरकार 26 दिसंबर, 2025 को ही पत्र भेज दिया था। आम तौर पर राज्य सरकार ऐसे मामलों में फौरन ही अपनी मंजूरी दे देती है। लेकिन, यह पहली बार है कि राज्य सरकार ने सवा तीन महीने से मंजूरी रोकी हुई है।
फरवरी में आ चुका है रिमाइंडर
सूत्रों के अनुसार यूपीएससी ने 17 फरवरी, 2026 को मुख्य सचिव को रिमाइंडर भेजा। इसमें यूपीएससी की ओर से 26 दिसंबर, 2025 के चयनितों के नामों पर टिप्पणी और मंजूरी देने के लिए भेजे गए पत्र का हवाला दिया गया। इस रिमाइंडर में राजस्थान सरकार से जल्द से जल्द निपटाने को कहा है। लेकिन, सरकार के एक अधिकारी का कहना है कि इस फाइल को अब तक नहीं भेजा गया है।
क्या केंद्रीय मंत्री के दबाव में रुका है मामला
इंटरव्यू देने वालों में केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल के दामाद अजय कुमार आर्य भी शामिल हैं। अन्य सेवाओं से अधिकांश वही अफसर आईएएस बनते हैं, जिन्हें राज्य सरकार बनाना चाहती है।
सूत्रों का कहना है कि मेघवाल हर हाल में अपने दामाद को आईएएस बनता देखना चाहते हैं। बताया जाता है कि उनके दबाव में ही राज्य सरकार ने उक्त मामले को रोक रखा है। अभी इस फाइल को जल्द ही मंजूरी मिलने वाली भी नहीं है।
नियम के अनुसार यूपीएससी इंटरव्यू बोर्ड ने जब एक बार नामों का चयन कर लिया है तो अब उनमें कोई बदलाव संभव नहीं है। 'द सूत्र' ने इस मामले में वर्जन लेने के लिए प्रयास किया, लेकिन अधिकारियों ने बात करने से इनकार कर दिया।
सुप्रीम कोर्ट तक गया था मामला
आरएएस एसोसिएशन ने अन्य सेवाओं से आईएएस बनाने के प्रावधान को चुनौती दी थी। राजस्थान हाई कोर्ट ने अन्य सेवा से आईएएस बनाने की प्रक्रिया पर रोक लगा दी थी। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने 5 दिसंबर, 2024 के फैसले में इस कवायद को सही माना। उसने आरएएस एसोसिएशन पर 5 लाख रुपए जुर्माना भी लगाया था।
बाद में यह मामला सुप्रीम कोर्ट गया, सुप्रीम केार्ट ने भी अन्य सेवा से आईएएस बनाने के प्रावधान को सही मानते हुए आरएएस एसोसिएशन पर लगे जुर्माने को घटाकर दो लाख रुपए कर दिया था।
ये भी पढे़:-
दो लाख से अधिक के नकद लेन-देन पर सख्ती, अब आयकर विभाग को देनी होगी सूचना
एलएलबी छात्रों को थमा दिया एमकॉम का पेपर, 10 दिन में दूसरी बड़ी चूक
पंजाब राज्यपाल के लगातार उदयपुर दौरे पर उठे सवाल, राष्ट्रपति को भेजी शिकायत
राजस्थान की पार्टियों का चंदा हिसाब, भाजपा को 87 करोड़, कांग्रेस को केवल 25 करोड़