राजस्थान में आईएएस अधिकारियों पर महंगाई का दिखा असर, कर दी चार गुना वेतन बढ़ोतरी की मांग
समझें क्या है पूरा मामला
- राजस्थान आईएएस एसोसिएशन ने वेतन बढ़ाने की मांग रखी।
- आईएएस अफसरों का शुरुआती वेतन 2 लाख करने का प्रस्ताव।
- 8वें वेतन आयोग के सामने रखी गईं कई मांगें।
- शिक्षा, चिकित्सा और यात्रा भत्ते बढ़ाने की मांग।
- आईएएस एसोसिएशन ने मुख्य सचिव से की मुलाकात।
राजस्थान आईएएस एसोसिएशन ने आठवें केंद्रीय वेतन आयोग के सामने बड़ी मांग रखी है। एसोसिएशन चाहती है कि अफसरों का शुरुआती मूल वेतन 56,100 रुपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये किया जाए। इसके साथ ही शिक्षा, चिकित्सा और यात्रा जैसे भत्तों में भी बड़ी बढ़ोतरी की मांग की गई है। एसोसिएशन के प्रतिनिधि इस मामले में मुख्य सचिव से मिल चुके हैं।
बच्चों की पढ़ाई और भत्तों में बढ़ोतरी की मांग
एसोसिएशन ने सिर्फ वेतन ही नहीं, बल्कि कई भत्तों में भी बदलाव का प्रस्ताव दिया है। बच्चों के शिक्षा भत्ते को 2,812.50 रुपये से बढ़ाकर 6,000 रुपये प्रतिमाह करने की मांग की गई है।
इसके साथ ही छात्रावास सब्सिडी को 8,437.50 रुपये से बढ़ाकर 18,000 रुपये करने का प्रस्ताव है। हर बच्चे की स्कूल प्रवेश फीस की प्रतिपूर्ति 40,000 रुपये तक करने की भी मांग रखी गई है।
इसके अलावा 4,000 रुपये प्रतिमाह चिकित्सा भत्ता और 15,000 रुपये प्रतिमाह घरेलू सहायक भत्ता देने का प्रस्ताव है। हर तीन साल में 1.5 लाख रुपये तक गैजेट भत्ता देने की मांग भी शामिल है।
CGHS सुविधा जारी रखने की मांग
एसोसिएशन ने राज्य कैडर के अधिकारियों के लिए केंद्रीय सरकारी स्वास्थ्य योजना (CGHS – Central Government Health Scheme) की सुविधा को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के बाद भी जारी रखने की मांग की है।
फिलहाल यह सुविधा सिर्फ केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के दौरान मिलती है। राज्य कैडर में लौटने पर यह सुविधा समाप्त हो जाती है। एसोसिएशन चाहती है कि यह नियम बदला जाए।
निर्भर माता-पिता को CGHS का लाभ देने के लिए 9,000 रुपये मासिक आय सीमा और महंगाई राहत की शर्त हटाने की मांग भी की गई है।
यात्रा और वाहन सुविधाओं में भी बदलाव चाहती है एसोसिएशन
अखिल भारतीय अवकाश यात्रा रियायत की मौजूदा चार साल की अवधि को घटाकर दो साल करने की मांग की गई है। विकल्प के तौर पर अधिकारियों को किसी सार्क देश में इकोनॉमी श्रेणी में यात्रा की अनुमति और प्रति यात्रा 1.5 लाख रुपये तक की प्रतिपूर्ति का प्रस्ताव भी रखा गया है।
एसोसिएशन ने कार्यस्थल संबंधी सुविधाओं और स्थानांतरण अनुदान में बढ़ोतरी की मांग भी की है। इसके साथ 10 लाख रुपये तक रियायती वाहन अग्रिम देने और निजी क्षेत्र के अनुभव को पदोन्नति व वेतन निर्धारण में शामिल करने का प्रस्ताव भी शामिल है।
मुख्य सचिव से मिले प्रतिनिधि
अपनी मांगों को लेकर राजस्थान आईएएस एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने बुधवार को मुख्य सचिव से मुलाकात की। इस दौरान एसोसिएशन ने अपनी सभी मांगें रखीं।
एसोसिएशन का कहना है कि निजी क्षेत्र और प्रशासनिक सेवाओं के बीच बढ़ता वेतन अंतर एक बड़ी चिंता का विषय है। उनके अनुसार यह अंतर प्रतिभाशाली युवाओं को सिविल सेवा की ओर आकर्षित करने की क्षमता को प्रभावित कर सकता है। साथ ही मौजूदा अधिकारियों को सेवा में बनाए रखना भी मुश्किल हो सकता है।
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